विपरीत प्रभाव से बचने के लिए न करें भगवान शिव की पूजा में यह गलतियाँ

आपको पता ही होगा की भगवान भोले नाथ हम भगवान शिव को बोलते है क्योकि उनका कोमल हदय है! और यहाँ तक की जब गुस्सा आता है तो इनके सामने बडे से बडे राक्षस भी नहीं टिकता है। और जब यह किसी पर प्रसन्न होते है तो उसे कभी भी कोई कष्ट भी नहीं होने देते है।

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बहुत ही अधिक महत्व है और किसी भी कार्य, परेशानी या कोई भी समस्या हो तो सबसे पहले भगवान को याद किया जाता है जिसके लिए न जाने कितने हवन, पूजा-पाठ करते है जिससे की घर में सुख- शांति आए। हम भगवान की पूजा भी तो सच्चे मन से करते है, जबकि उसका फल फिर भी इच्छानुसार हमे नही मिलता है।

अगर आप सच्चे मन से भगवान की पूजा के लिए एक लोटा जल ही चढाते है तो वह उसी से भी खुश हो जाएगे और अपनी कृपा आप पर बनाए रखेगे। इस कारण कभी भी शिव की पूजा करते वक्त कोई भी गलतियां नहीं करें। आपको बता दे वो कौन सी बातें ध्यान रखने योग्य हैं।

ये बात जरूर ध्यान रखे की कभी भी अपने घर में शिवलिंग की स्थापना न करें। इसके अलावा कभी भी दो गणेश प्रतिमा और तीन दुर्गा माता की मूर्ति न रखे। अगर आपने ऐसा कुछ भी किया तो आपके घर में दरिद्रता और दुर्भाग्य हमेशा के लिए ठहर जाएगे। जिससे आपको हमेशा ही गरीबी के साथ दिन गुजारने पडेगे।

और जब भी आप भगवान शिव की पूजा करें तो इस बात का ध्यान रहे कि पंचामृत, दूध, दही आदि कांसे के बर्तन में नहीं रखे। इससे आपको दोष पडेगा। साथ ही आपकी पूजा का कोई भी मतलब नहीं होगा।

भगवान शिव को कभी भी तुलसी न चढ़ाए। शास्त्रों में कहा गया है की तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी माना गया है। जिसके कारण इन्हे विष्णु जी तथा उनके अवतारों के अलावा और किसी देवता में अर्पित नहीं किया जा सकता है।

शिव की पूजा में बिल्वपत्र का विशेष महत्व है ये आप चढ़ा सकते है। साथ ही इस बात का भी खास ध्यान रहे कि कभी भी कटे-फटे बिल्वपत्र भगवान को बिल्कुल न चढाए। इसका फल आपको उल्टा मिलेगा। इसी कारण जब भी भगवान को बिल्व पत्र चढाए तो हमेशा धोकर और देखकर चढाए। जिससे कि उनकी कृपा आप पर हमेशा बनी रहे।

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