कन्यासुन्दरेश्वर : शिवलिंग, जो दिन में कई बार रंग बदलता है

क्या आप जानते है ऐसे शिवलिंग के बारे में जो दिन में कई बार रंग बदलता है?

ये चमत्कारिक घटना होती है तमिलनाडु के एक शिव मंदिर में जहाँ विद्यमान शिव लिंग के बारे में कहा जाता है कि ये शिवलिंग स्वयंभू शिवलिंग है. स्वयंभू का अर्थ होता है कि इस शिवलिंग को किसी ने स्थापित नहीं किया ये तो ख़ुद ही इस स्थान पर अवतरित हुआ है.

रंग बदलने वाला शिवलिंग

कन्यासुन्दरेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि ये शिवलिंग रंग बदलता है. ये शिवलिंग हर 2 घंटे 24 मिनिट में अपना रंग बदलता है. तकरीबन 2 घंटे 24 मिनिट के इस काल में ये शिवलिंग कई बार रंग बदल जाता है. सुबह 6 बजे से 8:24 तक इस शिवलिंग का रंग तांबई रंग का होता है और 8:24 से 10:48 तक इस शिवलिंग का रंग बदलकर लाल हो जाता है. 10:49 से दोपहर 1:12  तक इसका रंग लाल से फिर बदल कर सुनहरा हो जाता है. 1:13 से लेकर 3:36 मिनिट तक इस शिवलिंग का रंग हल्का हरा हो जाता है. इसी खासियत के चलते कन्यासुन्दरेश्वर में देश विदेश से शिव भक्त दर्शन हेतु आते है.

तमिलनाडु के थिरुनाल्लुर में स्थित है कन्यासुन्दरेश्वर शिव मंदिर. कन्यासुन्दरेश्वर में शिव की पंचवरनेश्वर के रूप में पूजा की जाती है और पार्वती की पर्वतसुन्दरी रूप में. शिव और देवी के इस रूप को कन्यासुन्दरेश्वर कहा जाता है.

कन्यासुन्दरेश्वर मंदिर के पास स्थित तालाब में स्नान करने से कहा जाता है कि सारे पाप धुल जाते है.

पौराणिक कथा:

कहा जाता है कि ये वही जल सरोवर है जहाँ कुंती और पांडवों ने अपने पापों से मुक्ति पाई थी. कुंती विवाह पूर्व ही कर्ण की मां बन गयी थी इस पाप का प्रायश्चित करने के लिए कुंती एक ऐसे सरोवर में स्नान करने के लिए गयी जिस सरोवर में सभी सागरों और नदियों का जल मिलता था.

READ  गरूडपुराण के अनुसार ऐसे लोगों के घर भोजन करना पाप है|

कहा जाता है कि कन्यासुन्दरेश्वर का सरोवर वही सरोवर है.

कन्यासुन्दरेश्वर में एक शिला पर कुंती का शिव उपसना करते हुए चित्रण है.

इसी तरह एक अन्य कहानी के अनुसार जब शिव और पार्वती का विवाह हो रहा था तो सब लोग कैलाश पर चले गए इस वजह से पृथ्वी का संतुलन बिगड़ गया था. महर्षि अगस्त्य ने दक्षिण में जाकर शिव लिंग की स्थापना की. अगस्त्य की भक्ति से प्रसन्न होकर शिव ने अगस्त्य की शिव विवाह में सम्मिलित होने की इच्छा पूरी की और शिव और पार्वती के रूप में कन्यासुन्दरेश्वर में निवास करने का वचन दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.