मेरा बच्चा बहुत दुबला है। डॉक्टर साब क्या करें? शिशु के दुबले पतले होने के कारण

बच्चे का दुबला होना बहुत से अभिभावकों को परेशान करता है। और इस समस्या से डॉक्टर के पास बच्चे को लेकर अभिभावक बहुत बार जाते हैं। इस वीडियो में मैं एक शिशुरोग विशेषज्ञ होने के नाते इस विषय पर सम्पूर्ण वैज्ञानिक, तथ्यात्मक लेकिन आसान जानकारी दे रहा हूँ। बच्चे के कम वज़न के कारण,  और क्या करें पर यह वीडियो विस्तृत लेकिन आसान जानकारी देगा।

यह स्वास्थ्य चैनल हिंदी एवं अंग्रेज़ी में स्वास्थ्य, फिटनेस जागरूकता, मदद के लिए बनाया गया है। लेकिन साथ ही एकरूपता खत्म करने हेतु बीच बीच में मेरी यात्राओं, जीवन शैली, मेरी बनाई शार्ट प्रेरक फ़िल्म एवं प्रतिभाशाली बच्चे भी इस चैनल पर आते रहेंगे।

लेकिन स्वास्थ्य पर विश्वसनीय जानकारी देना ही इस चैनल का प्रमुख उद्देश्य होगा। जिसमें मैं आप सबके एक दोस्त की तरह आपके साथ रहूंगा।
फेसबुक पर भी मुझसे जुड़ें।
facebook.com/avyact.agrawal.5
Dr Avyact Agrawal..

शिशु के दुबले पतले होने के कई कारण हो सकते हैं

जैसे की अगर माँ और बाप दोनों ही पतले हैं तो गुंजाइश है की आप का शिशु भी दुबला पतला होगा। यह आनुवंशिकी (genetics) के कारण ऐसा है।

मगर आप और आप के पति अगर दोनों सही कद काठी के हैं और फिर भी आप का बच्चा दुबला और पतला है तो आप को अपने शिशु के डॉक्टर से इस विषय में बात करनी चाहिए।

इस बात को हमेशा याद रखियेगा की आप के बढ़ते शिशु का वजन समय के साथ बदलता रहेगा।  इसमें कोई भी चिंता की बात नहीं है। मगर फिर भी अगर आप का शिशु दुसरे हम-उम्र बच्चों की तुलना में कुछ ज्यादा ही दुबला और पतला है तो चिंता की बात हो सकती है।

READ  कितना भी पुराना मोतियाबिंद ही क्यों न हो, कुछ ही दिनों मे ठीक करेगा ये रामबाण उपाय

जिन बच्चों का वजन कम होता है उन बच्चों को ज्यादा देखभाल की आवश्यकता रहती है – विशेषकर इसलिए क्योँकि कम वजन बच्चों मैं संक्रमण का खतरा बना रहता है।

बच्चे हो या बड़े इस प्रकार से बढ़ा सकते है अपनी लम्बाई- 18 साल के बाद भी कारगर

दुबले बच्चे का कैसे बढ़ाए वजन

अपने शिशु के डॉक्टर की सहायता से अपने शिशु के लिए diet chart त्यार करें। इसे आप चाहें तो घर पे भी त्यार कर सकती हैं।

आप के शिशु का डॉक्टर आहार में ऐसे ingredients लेने की सलाह दे सकता है जिसमें calories ज्यादा हों ताकि शरीर को इतनी ऊर्जा मिल सके की उसका वजन बढे।

आप ऐसे आहर का चयन करें जिसमे कैलोरी के साथ -साथ पोषक तत्वों का भी भंडार हो। जैसे की गाजर, दूध, दूध से बने उत्पाद, गेहूं के उत्पाद जैसे की रोटी और ब्रेड, आलू, पालक, चिकन, और अंडे।

ऐसे आहार अपने शिशु को न दें जिसमे empty calories हो – जैसे की cold drinks, आलू की चिप्स और जंक फ़ूड। चूँकि आप के शिशु का वजन कम है, जैसे ही उसके शरीर को थोड़ी भी कैलोरी मिलेगी, वह उसे सोख लेगा। फिर भले ही उसमे कोई पोषक तत्व हो या न हो। ऐसी स्थिति में आप के शिशु के शरीर से पोषक तत्वों की कमी हो जाएगी और वो बीमार पड़ सकता है। पोषक तत्वों की कमी शिशु से शिशु के विकाशील दिमाग पे विपरीत असर पड़ेगा।

शिशु को ऐसे आहार दें जिनमे घनिष्ट मात्रा में पोषक तत्त्व मौजूद हों – जैसे की केला, fruit custard और creamed soups। शिशु को आप उबले सब्जियां जैसे की गाजर, ब्रोकली, और दूसरी सब्जियां को cheese dip के साथ दे सकती हैं। अपने शिशु को आप egg roll भी दे सकती हैं (अगर आप मांसाहार करते हैं तो ) जिसमे आप इस्तेमाल कर सकती है ताज़ा हरा मटर, बारीक़ कटा गाजर, या बारीक कटा beans।

READ  फेफड़ों की सफाई में सबसे आगे है यह चाय ..    

दो आहारों के बीच जब आप के शिशु को भूख लगे तो आप उसे काजू और मूंगफली खाने को दे सकती हैं। इसके अपने बहुत से गुण हैं। मगर फील-हल सबसे बेहतर फायदा यह आप के शिशु का वजन बढ़ाने में करेगा।

अपने शिशु को आहार त्यार करें वक्त पौष्टिक तेलों का इस्तेमाल करें। जैसे की साधारण वनस्पति तेल की उपेक्षा आप गाए का शुद्ध देशी घी का इस्तेमाल कर सकती हैं।