Motor Vehicle Act? लिफ्ट देने पर कटा 2000 रुपये का चालान, क्या है सही कानून

Motor Vehicle Act? 60 साल के एक बुजुर्ग के हाथ देने पर मुंबई के एरोली में रहने वाले 32 साल के नितिन ने उन्हें लिफ्ट दे दी। उनके साथ दो लोग और थे। लिफ्ट देकर वो थोड़े आगे ही बढ़े थे कि पीछे से ट्रैफिक पुलिस के जवान आए और उन्होंने गाड़ी को रोक दिया। जवान आते ही कार के पिक्चर लेने लगे। उन्होंने नितिन से पूछा कि गाड़ी में पीछे बैठे लोग कौन हैं? नितिन ने बताया यह अंजान लोग हैं, मैंने मदद के लिए लिफ्ट दी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति को लिफ्ट देना गैरकानूनी है। इसके बाद उन्होंने नितिन से लाइसेंस मांगा और फिर अंजान व्यक्ति को लिफ्ट देने पर 2 हजार रुपए का चालान काट दिया। चालान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत काटा गया। हैरत की बात ये है कि किसी भी अंजान व्यक्ति को लिफ्ट देने पर चालानी कार्रवाई का कोई भी प्रोविजन मोटर व्हीकल एक्ट में नहीं है। इसके बावजूद नितिन को कोर्ट से अपनी गाड़ी छुड़वाना पड़ी और अपना लाइसेंस लेने के लिए आधे दिन की ऑफिस से छुट्टी लेना पड़ी।

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उन्होंने यह पूरा किस्सा अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर किया। नितिन ने इस पूरे किस्से को अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि, मेरा इरादा लोगों की मदद करने का था लेकिन मदद करने के बदले मुझे ये मिला। इस तरह का कानून देश में होगा तो फिर कोई किसी की मदद नहीं करेगा। फिर भले ही सड़क पर कोई मर रहा हो। मीडिया में मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने अपनी गलती मानी।

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क्या कहा अधिकारियों ने….

– फिलहाल गैरकानूनी तरीके से चालान काटने वाले पुलिस वाले को लाइन हाजिर कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच जारी है।

– नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस के डिप्टी कमिशनर नितिन पंवार ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि, मैं पूरी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा हूं। उन्होंने सब ऑर्डिनेट्स को सेक्शन 66/192 के फैक्ट चेक करके एक्शन लेने के इंस्ट्रक्शंस भी दिए हैं।

Motor Vehicle Act लिफ्ट के लिए पैसे लेने पर ही कट सकता है चालान

– मुंबई ट्रैफिक पुलिस ज्वॉइंट कमिशनर अमितेश कुमार ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि बिना परमिट के कमर्शियल एक्टिविटी करने पर ही वाहन चालक पर कार्रवाई हो सकती है।

– कार्रवाई करने से पहले गाड़ी में बैठे पैसेंजर से यह पूछा जा सकता है कि उससे किसी तरह का किराया तो नहीं वसूला गया। यदि वसूला गया है तो ही चालान काटा जा सकता है। वरना नहीं।

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क्या कहता है Motor Vehicle Act ….

– Motor Vehicle Act 1988 के सेक्शन 66(1) और 192(a) के तहत प्रावधान है कि कोई भी व्हीकल ओनर बिना कमर्शियल परमिट के व्हीकल का ट्रांसपोर्ट व्हीकल के तौर पर यूज नहीं कर सकता। पैसेंजर्स और गुड्स (भाड़ा) नहीं ले जा सकता। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से परमिट मिलने के बाद ही कमर्शियल एक्टिविटी की जा सकती हैं।

– नायर पर Motor Vehicle Act के सेक्शन 66(1) और सेक्शन 192(a) के तहत जुर्माना लगाया गया। जबकि पूरे मोटर व्हीकल एक्ट में ऐसी कोई धारा नहीं है जो वाहन चालक को किसी व्यक्ति को लिफ्ट देने से रोकती हो।

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– मप हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति कमर्शियल पर्पस से व्हीकल चला रहा है तो उसे Motor Vehicle Act के सेक्शन 66 के तहत कमर्शियल परमिट लेना होता है। बिना परमिट लिए कमर्शियल पर्पस से गाड़ी चलाने पर अधिकतम 5 हजार रुपए और कम से कम 2 हजार रुपए का चालान काटा जा सकता है। इसमें ट्रांसपोर्ट व्हीकल के लिए भी परमिट लेने को अनिवार्य किया गया है।

– इस धारा में प्रावधान है कि निजी वाहन में यदि कोई किसी व्यक्ति को बिठाता है और उससे किराया लेता है तो यह गैरकानूनी है। ऐसा करने पर कम से कम 2 हजार रुपए जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं धारा 192 के तहत तब कार्रवाई की जा सकती है जब गाड़ी का रजिस्ट्रेशन न हो।

– इससे स्पष्ट है कि जिन धाराओं के तहत नायर का चालान काटा गया वो पूरी तरह से गलत है। आप किसी को लिफ्ट देते हैं और उससे किराया नहीं ले रहे तो पुलिस आपका इस आधार पर चालान नहीं बना सकती।

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