खुद को हेल्दी रखने के लिए रोजाना पीती थी लौकी का जूस, और फिर चली गई जान

पुणे : इन दिनों लोगों में हेल्दी और फिट रहने की एक ऐसी प्रतिस्पर्धा है कि वो कुछ भी करने को तैयार हैं. कई बार लोग फिट रहने के लिए डायटिशियन की सलाह लेते हैं, तो कई बार घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं. महाराष्ट्र में खुद को हेल्दी रखने के लिए लौकी का जूस पीने से एक महिला की मौत हो गई है. पुणे में लौकी का जूस पीने से 41 साल की महिला की मौत हो गई है.

पुणे के बानेर इलाके में रहने वाली गौरी शाह मॉर्निंग वॉक के बाद लौका का जूस पिया. जूस पीने के बाद उनके पेट में दर्द हुआ और फिर उल्टी होने लगी है. हालात ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. 12 जून को अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज किया, लेकिन हालात बिगड़ते ही चले गए और 16 जून को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जहरीला जूस पीने से हुई मौत-डॉक्टर

महिला का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि महिला की मौत कड़वे लौकी का जूस पीने से हुआ है. डॉक्टरों का कहना है कि कड़वे लौकी का जूस सेहत को नुकसान पहुंचाता है. उन्होंने कहा कि 12 जून को जब महिला ने लौकी का जूस पिया तो उसमें गाजर का जूस मिक्स था, इसलिए उन्हें स्वाद का पता नहीं चला. कड़वे लौकी के जूस के कारण उनके पेट में दर्द हुआ और जहर पूरे शरीर में फैल गया, जिसके बाद उनकी मौत  हो गई.

लोग इसलिए पीते हैं लौकी का जूस

बता दें कि आयुर्वेद में लौकी का जूस काफी सेहतमंद माना गया है. ज्यादातर लोग लौकी का इस्तेमाल सब्जी बनाने के लिए करते हैं. लेकिन इसके जूस का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जाए तो स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं दूर की जा सकती है. इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स स्किन से लेकर बालों तक पूरी बॉडी पर असर डालकर इन्हें हेल्दी रखने में मदद करते हैं.

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कड़वी लौकी के जूस से इंजीनियर की मौत का मामला: ‘कुकरबिटासिन’ केमिकल के चलते लौकी में आता है कड़वापन, खून के रास्ते बॉडी में पहुंचता है, फिर लिवर-किडनी सहित कई अंगों को फेल करता है, यही बनती है मौत की वजह

2010 में भी इसी के चलते ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के एक IAS ऑफिसर की मौत हुई थी। जिसके बाद सरकार ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अंडर में कमेटी बनाकर इसकी जांच करवाई। कमेटी ने अपनी रिसर्च में बताया कि स्वाद में कड़वी लगने वाली लौकी जहर की तरह होती है, जो किसी की भी जान ले सकती है। अब सवाल उठता है कि इससे किसी की डेथ कैसे हो सकती है?

Q. लौकी का जूस कैसे किसी की जान ले सकती है?

– लौकी से जान तभी जा सकती है जब वो स्वाद में कड़वी हो। ऐसी लौकी में जहरीला ‘कुकरबिटासिन’ केमिकल पाया जाता है। जो बॉडी में जाने के एवरेज 5 मिनट के अंदर असर दिखाने लगता है। खून के रास्ते ये केमिकल लिवर और किडनी सहित जहां-जहां बॉडी में जाता है वहां के ऑर्गन को फेल कर देता है। मल्टी ऑर्गन का फेल होना ही मौत का कारण बनता है।

Q. तो क्या हर लौकी का जूस खतरनाक होती है?

– नहीं, डरने की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ स्वाद में कड़वी लौकी से ही खतरा है।

Q. लौकी का जूस में ये जहरीला ‘कुकरबिटासिन’ केमिकल कैसे आता है?

– लौकी विपरीत कंडीशन में खुद डिफेंस सिस्टम के रूप में इस केमिकल को अपने आप बना लेती है। पैदावार या स्टोरेज के दौरान टेम्प्रेचर में तेजी से बदलाव होना और पर्याप्त पानी ना मिलना आदि विपरीत कंडीशन हैं।

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Q. मैं कड़वी लौकी की पहचान कैसे कर सकता हूं?

– रिसर्च कमेटी के मुताबिक, सिर्फ चखकर ही इसकी पहचान की जा सकती है। ऐसे में खरीदते समय या घर लाकर लौकी को काटकर चखें। अगर कड़वी लगे तो उसे तुरंत थूक दें। क्योंकि थोड़ी मात्रा में भी इसका सेवन खतरनाक हो सकता है।

Q. बाजार में मिलने वाले जूस के मामले में इसकी पहचान कैसे करें?

– जूस का पहला घूंट लेने पर अगर थोड़ा भी कड़वा लगे तो उसे तुरंत थूक दें। इसके अलावा कड़वेपन की पहचान का फिलहाल कोई तरीका नहीं है।

Q. क्या पकाने पर भी इसमें केमिकल बना रहता है?

– हां। कड़वी लौकी का केमिकल किसी भी कंडीशन में खत्म नहीं होता है, फिर चाहे वो सब्जी के तौर पर हो या जूस के।

Q. गलती से इसका सेवन कर लेने पर बचाव के लिए तुरंत क्या करना चाहिए?

– कड़वी लौकी का सेवन करने के तुरंत बाद लो ब्लड प्रेशर, बेचैनी, घबराहट, डायरिया या उल्टी जैसा लगने लगता है। ऐसा लगने पर जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास जाना चाहिए और डॉक्टर को ये जरूर बताना चाहिए कि लौकी का जूस पीने के बाद से ऐसा हो रहा है। ताकि डॉक्टर उस कॉन्टेक्सट में तुरंत इलाज शुरू कर सकें। 2011 में बनी सरकारी कमेटी ने भी सलाह के तौर पर डॉक्टरों को ऐसे मरीज बिना देर किए अटेंड करने की बात कही थी।

Q. तो ऐसा करने पर क्या जान बच सकती है?

– ये पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी मात्रा में ऐसी लौकी या उसके जूस का सेवन किया है। और कितनी जल्दी आपका ट्रीटमेंट स्टार्ट हुआ। 2010 में जिस IAS की कड़वी लौकी का जूस पीने से डेथ हुई थी उसके केस में पत्नी को बचा लिया गया था। क्योंकि उन्होंने जूस की कम मात्रा ली थी।

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