2 महीने में सफ़ेद दाग़, 2 खुराक में पीलिया,साँप का ज़हर, चेहरे और माइग्रेन के लिए वरदान !! – Video

अपराजिता (Megrin) :

ये पौधा दो रंगों का होता है। नीला और सफेद। अपराजिता के सफेद पौधे का मिलना कठिन होता है। लेकिन नीले रंग का फूल आपको आसानी से मिल सकता है। अपराजिता के पौधे में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं जिनके बारे में बहुत ही कम लोगों को पता होता है इसीलिए आज हम आपको बताएंगे अपराजिता के फायदे लाभ इन हिंदी ।

कोयाला

आमतौर पर हिन्दी में अपराजिता पौधे कोयाला के रूप में जाना जाता है. अपराजिता पौधा संयंत्र फबसै परिवार का है और इसका लैटिन नाम अपराजिता है.

अन्य नाम

ग्रेजी नाम – क्लितोरिया , हिन्दी नाम – कोयाला , संस्कृत नाम – कोकिला , बंगाली नाम – अपराजिता , गुजराती नाम – गरणी, मलयालम नाम – शंखपुष्पम, मराठी नाम – गोकर्णी, तमिल नाम – कक्कानम, तेलुगु नाम – शंखपुष्पम, यूनानी नाम – मेज़ेरिओन

आइये जानें अपराजिता का अर्थ, अपराजिता फ्लावर, अपराजिता की जड़, अपराजिता के बीज, अपराजिता के फायदे, अपराजिता की बेल, अपराजिता के औषधीय प्रयोग, अपराजिता के पौधे का प्रयोग।

अपराजिता के फायदे, लाभ और औषधीय गुण

Aparajita Ke Fayde Labh Aur Aushadhiya Gun In Hindi

1. साँप का ज़हर (Aparajita For Snake Poison In Hindi)

ये जहर की स्थिति के अनुसार ही प्रयोग में लाया जाता है जो निम्नलिखित है.

सांप का जहर उतारने के लिए कैसे करें अपराजिता का प्रयोग ?

 चमड़ी में जहर

सबसे पहले जहर चमड़ी में फैलता है तो अगर जहर ने अभी सिर्फ चमड़ी को प्रभावित किया है तो आप ये उपाय करें –

क्या करें

अपराजिता की सुखी जड़ से पाउडर तैयार करें और उसमें गाय का घी मिलाकर पीड़ित व्यक्ति को खिलाएं.

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औषधि की मात्रा

ध्यान रहें कि औषधि की मात्रा 12 ग्राम ही हो.

   खून में जहर

वहीँ अगर जहर खून तक पहुँच गया है तो

क्या करें

अपराजिता की जड़ के पाउडर को दूध में मिलाकर रोगी को पिलाना चाहियें

औषधि की मात्रा

पाउडर की मात्रा 12 ग्राम ही लें.

 मांस में जहर

इसके बाद जहर मांसपेशियों में घुसने लगता है और शरीर को शिथिल बनाना आरम्भ कर देता है किन्तु इस अवस्था में भी आप अपराजिता का प्रयोग कर सकते है.

क्या करें

इसके लिए आपको कुठ का चूर्ण और अपराजिता की जड़ का चूर्ण मिलाकर एक मिश्रण तैयार करना है और रोगी को पिलाना है.

औषधि की मात्रा

दोनों औषधियों की मात्रा 12 – 12 ग्राम

 हड्डियों में जहर

लेकिन जहर के हड्डियों में पहुँचने के बाद

क्या करें

हल्दी पाउडर और अपराजिता की जड़ के चूर्ण को मिलाकर रोगी को दूध के साथ पिलायें

औषधि की मात्रा

10 ग्राम हल्दी पाउडर और 10 ग्राम अपराजिता की जड़ के चूर्ण

* अगर चर्बी नीली पड़ने लग गयी है तो आप इस मिश्रण में अश्वगंधा भी मिला लें.

2. चेहरे की झाँइयां (Aparajita For Skin In Hindi)

अपराजिता की जड़ की राख या भस्म को मक्खन में घिसकर लेप करने से मुंह की झांई दूर हो जाती है।

3. सिर दर्द  (Aparajita For Headache In Hindi)

अपराजिता की फली के 8-10 बूंदों के रस को अथवा जड़ के रस को सुबह खाली पेट एवं सूर्योदय से पूर्व नाक में टपकाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

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इसकी जड़ को कान में बांधने से भी लाभ होता है।

4. श्वेत कुष्ठ (सफेद दाग)  (Aparajita For White Spot In Hindi)

श्वेत कुष्ठ पर अपराजिता की जड़ 20 ग्राम, चक्रमर्द की जड़ 1 ग्राम, पानी के साथ पीसकर, लेप करने से लाभ होता है। इसके साथ ही इसके बीजों को घी में भूनकर सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से डेढ़ से 2 महीने में ही श्वेत कुष्ठ में लाभ हो जाता है।

5.  त्चचा के रोग  (Aparajita For Skin Problems In Hindi)

अपराजिता के पत्तों का फांट (घोल) सुबह और शाम पिलाने से त्वचा सम्बंधी सारे रोग ठीक हो जाते हैं।

6. पीलिया (Aparajita For Jaundice Piliya In Hindi)

अपराजिता के भूने हुए बीजों के आधा ग्राम के लगभग महीन चूर्ण को गर्म पानी के साथ दिन में 2 बार सेवन कराने से पीलिया ठीक हो जाती है।

7. आधाशीशी यानी आधे सिर का दर्द (माइग्रेन)  (Aparajita For Migraine In Hindi)

अपराजिता के बीजों के 4-4 बूंद रस को नाक में टपकाने से आधाशीशी का दर्द भी मिट जाता है।

Note : यहाँ जिन भी औषधियों के नाम आए है ये आपको पंसारी या कंठालिया की दुकान जो जड़ी-बूटी रखते है, उनके वहाँ मिलेगी।

दोस्तों अपराजिता पौधे के उपयोग, Aprajit Podhe ke upyog, अपराजिता पौधा का ये लेख कैसा लगा हमें जरूर बताएं और अगर आपके पास अपराजिता का अर्थ, अपराजिता स्वास्थ्य लाभ, अपराजिता फ्लावर, अपराजिता की जड़, अपराजिता के बीज, अपराजिता के फायदे, अपराजिता की बेल, अपराजिता के औषधीय प्रयोग के सुझाव है तो हमारे साथ शेयर करें।