घुटनों के दर्द – गठिया का आसान आयुर्वेदिक घरेलु इलाज !!

आपके घुटनो में कैसा भी दर्द हो इसे मात्र सात दिनों में दूर करने की अचूक घरेलु औषधि मौजूद है। आज के समय में घुटनो का दर्द उम्र बढ़ने के साथ साथ बढ़ता रहता है और कई बार घुटनो में दर्द चोट लगने की वजह से या फिर गठिया रोग के होने की वजह से भी होता है। लेकिन कई लोग ये कहते है की घुटनो की ग्रीस ख़त्म हो गए इसलिए हमें दर्द हो रहा है या फिर यूरिक एसिड का शरीर में जयादा बढ़ जाना भी इसकी दर्द की वजह है। कई बार तो घुटनो का दर्द इतना जयादा बढ़ जाता है की वो सहन भी नहीं होता है और व्यक्ति का बुरा हाल हो जाता है। व्‍यायाम करने से हम इस दर्द से कुछ हद तक मुक्त हो सकते है क्योकि इससे एक तो घुटनो की जकड़न खत्‍म हो जाती है और दूसरे घुटनो की गति को आसान कर देती है जिससे दर्द भी कम हो जाता है।

घुटनों के दर्द के निम्नलिखित कारण हैं-

  • आर्थराइटिस- लूपस जैसा- रीयूमेटाइड, आस्टियोआर्थराइटिस और गाउट सहित अथवा संबंधित ऊतक विकार
  • बरसाइटिस- घुटने पर बार-बार दबाव से सूजन (जैसे लंबे समय के लिए घुटने के बल बैठना, घुटने का अधिक उपयोग करना अथवा घुटने में चोट)
  • टेन्टीनाइटिस- आपके घुटने में सामने की ओर दर्द जो सीढ़ियों अथवा चढ़ाव पर चढ़ते और उतरते समय बढ़ जाता है। यह धावकों, स्कॉयर और साइकिल चलाने वालों को होता है।
  • बेकर्स सिस्ट- घुटने के पीछे पानी से भरा सूजन जिसके साथ आर्थराइटिस जैसे अन्य कारणों से सूजन भी हो सकती है। यदि सिस्ट फट जाती है तो आपके घुटने के पीछे का दर्द नीचे आपकी पिंडली तक जा सकता है।
  • घिसा हुआ कार्टिलेज (उपास्थि)(मेनिस्कस टियर)- घुटने के जोड़ के अंदर की ओर अथवा बाहर की ओर दर्द पैदा कर सकता है।
  • घिसा हुआ लिगमेंट (ए सी एल टियर)- घुटने में दर्द और अस्थायित्व उत्पन्न कर सकता है।
  • झटका लगना अथवा मोच- अचानक अथवा अप्राकृतिक ढंग से मुड़ जाने के कारण लिगमेंट में मामूली चोट
  • जानुफलक (नीकैप) का विस्थापन
  • जोड़ में संक्रमण
  • घुटने की चोट- आपके घुटने में रक्त स्राव हो सकता है जिससे दर्द अधिक होता है
  • श्रोणि विकार- दर्द उत्पन्न कर सकता है जो घुटने में महसूस होता है। उदाहरण के लिए इलियोटिबियल बैंड सिंड्रोम एक ऐसी चोट है जो आपके श्रोणि से आपके घुटने के बाहर तक जाती है।
  • अधिक वजन होना, कब्ज होना, खाना जल्दी-जल्दी खाने की आदत, फास्ट-फ़ूड का अधिक सेवन, तली हुई चीजें खाना, कम मात्रा में पानी पीना, शरीर में कैल्सियम की कमी होना।

जब हमारे घुटने सही काम नहीं करते तो हमें चलने फिरने आदि में दिक्कत हो जाती है और घुटनो को मोड़ने और सीधे करने में भी बहुत दिक्‍कत होती है। घुटनो पर लालिमा व सूजन बनी रहती है। इस कारण से घुटनो को मोड़ते समय  चटकने व टूटने जैसी आवाज आने लगती है। जिससे घुटने में दर्द होता है उन पैरो में झुनझुनी होने लगती है। आर्युवेद मे घुटनो में होने वाले दर्द से बचने के लिएअनेक अचूक उपाय मौजूद है। जिससे आपके घुटनो के दर्द को कम ही नहीं करता बलिकी आपके दर्द को जड़ से ख़त्म कर देता है। तो आइये जानते है वो कौन सा उपाय है। इसके लिए जो सामान चाहिए वो बहुत ही आसानी से आपकी किचन में मिल जायेगा :

  • एक छोटा चम्मच हल्दी जोकि एक एंटीसेप्टिक व एंटीबायोटिक का काम करती है |
  • एक चम्मच शहद
  • चुटकी भर चुना

इन तीनो सामान मात्रा को आपस में अच्छे से मिला कर थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट जैसा बना लेना है। आप इस सामान को थोड़ा ज्‍यादा भी ले सकते अगर आपके घुटने पर ये कम पड़ रहा हो। अब इस पेस्ट को अपने घुटनो पर हल्‍के हल्‍के दस मिनट तक मालिश करना है और ये उपाय आपके रात को सोते समय करना है। अब जब आप मालिश कर ले तो इस पर कोई सूती कपडा या फिर बैंडेज बांधकर सो जाये और सुबह गुनगुने पानी से घुटने को धो दे। इस उपाय से आपका दर्द कहला जायेगा और ये उपाय आपको लगातार सात दिनों तक करना है और आपका दर्द कैसा भी हो जड़ से ख़तम हो जायेगा। आपको कुछ बातो का ध्‍यान रखना है जैसे वसा युक्त व प्रोटीनयुक्त खाना खाने से परहेज करे। जैसे-

  • आलू, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, लाल मिर्च, अत्‍यधिक नमक, बैगन आदि न खाये।
  • घुटनो की गर्म व बर्फ के पैड्स से सिकाई करे।
  • घुटनो के निचे तकिया रखे।
  • वजन कम रखे इसे बढ़ने न दे।
  • ज्‍यादा लम्बे समय तक खड़े न रहे।
  • आराम करे दर्द बढ़ाने वाली गति विधिया न करे इससे आपका दर्द और बढता जायेगा और आप इसे सहन नहीं कर पाएंगे।
  • सुबह खली पेट तीन से चार अखरोट खाये, विटामिन इ युक्त खाना खाये धुप सेके।
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इन बातो को ध्‍यान रखने के साथ साथ इस उपाय को करे तो आपके घुटनो का दर्द जड़ से ख़त्म हो जायेग।

 

घुटनों के दर्द को ठीक करने के आसान घरेलू उपाय

गठिया रोग में रामबाण है अदरक का

हम सब अदरक के गुणों का कई सालों से भरपूर फयदा उठाते आ रहे है। अदरक बहुत सारी बीमारियों से हमारी रक्षा करता है और बहुत सारी शारीरिक समस्‍याओं मेरामबाण की तरह काम करता है। यह हम भली भांति जानते है, अदरक से गठिया रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है। अदरक के इस पानी से मसाज करने से रक्‍त प्रवाह (blood circulation) में भी सुधार आता है। गठिया जैसे जटिल रोगों को जड़ से खत्म करने के लिए अदरक के दो प्रयोग है-

  • पहले ½ चम्मच अदरक ले और इसको पीस लें और अब इसमे 150 ml गर्म पानी डाल कर अच्छी तरह से मिक्स कर लें और ठंडा होने के बाद इस मिश्रण का सेवन करें। दिन में दो बार लगातार 1 महीने तक इस मिश्रण का सेवन करें इससे इस रोग आपको बहुत अधिक लाभ होगा और आराम की साँस ले पाएंगे।
  • 30-40 ग्राम सूखा हुआ अदरक ले और अब इसको कपड़े में लपेट कर थैली बना लें अब गर्म पानी ले और इस अदरक की थैली को गर्म पानी में 5 मिनटों तक रखें। इस प्रयोग को करने से पहले ध्यान रखे के पानी गर्म हो। अब इस मिश्रण में सूती कपड़ा भीगों लें और निचोड़ कर कपड़े को प्रभावित जगह पर लगा कर रखें । इस कपड़े को गर्म रखने के लिए उपर से किसी सूखे कपड़े से कवर कर लें। 5 मिनटों के बाद इस कपड़े को फिर से भीगों कर प्रभावित जगेह पर लगा कर रखें इस प्रकिया को 3 बार रिपीट करें ऐसा करने से इस रोग में लाभ होगा ।

गठिया/घुटनों के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज

  • किसी चोट का दर्द हो या घुटने का दर्द आप इस दर्द निवारक हल्दी के पेस्ट को बनाकर अपनी चोट के स्थान पर या घुटनों के दर्द के स्थान पर लगाइए इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है। दर्द निवारक हल्दी का पेस्ट कैसे बनाएं इसके लिए आप सबसे पहले एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर लें और एक चम्मच पिसी हुई चीनी और इसमें आप बूरा या शहद मिला लें, और एक चुटकी चूना मिला दें और थोड़ा सा पानी डाल कर इसका पेस्ट जैसा बना लें। इस लेप को बनाने के बाद अपने चम्मच के स्थान पर यार जो घुटना का दर्द करता है उस स्थान पर स्लिप को लगा ले और ऊपर से किराए बैंडेज या कोई पुराना सूती कपड़ा बांध दें और इसको रातभर लगा रहने दें और सुबह सादा पानी से इसको धो ले इस तरह से लगभग 7:00 से लेकर 1 सप्ताह से लेकर 2 सप्ताह तक ऐसा करने से इसको लगाने से आपके घुटने की सूजन मांसपेशियों में खिंचाव अंदरुनी चोट होने वाले दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है और यह पृष्ठ आप के दर्द को जड़ से खत्म कर देता है।
  • सौंठ से बनी दर्द निवारक दवा सौंठ भी एक बहुत अच्छा दर्द निवारक दवा के रूप में फायदेमंद साबित हो सकता है, सौंठ से दर्दनिवारक दवा बनाने के लिए एक आप एक छोटा चम्मच सौंठ का पाउडर व थोड़ा आवश्यकतानुसार तिल का तेल इन दोनों को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट जैसा बना ले। दर्द या मोच के स्थान पर या चोट के दर्द में आप इस दर्द निवारक सौंठ के पेस्ट को हल्के हल्के प्रभावित स्थान पर लगाएं और इसको दो से 3 घंटे तक लगा रहने दें इसके बाद इसे पानी से धो लें ऐसा करने से 1 सप्ताह में आपको घुटने के दर्द में पूरा आराम मिल जाता है और अगर मांसपेशियों में भी खिंचाव महसूस होता है तो वह भी जाता रहता है।
  • सर्दियों के मौसम में रोजाना 5-6 खजूर खाना बहुत ही लाभदायक होता है, खजूर का सेवन आप इस तरह भी कर सकते हैं रात के समय 6-7 खजूर पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इन खजूर को खा ले और साथ ही वह पानी भी पी ले जिनको जिसमें आपने रात में खजूर भिगोए थे. यह घुटनों के दर्द के अलावा आपके जोड़ों के दर्द में भी आराम दिलाता है।
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 गठिया के रोग में अचूक आयुर्वेदिक घरेलू एवं सामान्य उपचार

  • खाने के एक ग्रास को कम से कम 32 बार चबाकर खाएं। इस साधरण से प्रतीत होने वाले प्रयोग से कुछ ही दिनों में घुटनों में साइनोबियल फ्रलूड बनने लग जाती है।
  • पूरे दिन भर में कम से कम 12 गिलास तक पानी अवश्य पिए। ध्यान दीजिए, कम मात्रा में पानी पीने से भी घुटनों में दर्द बढ़ जाता है।
  • भोजन के साथ अंकुरित मेथी का सेवन करें।
  • बीस ग्राम ग्वारपाठे अर्थात् एलोवेरा के ताजा गूदे को खूब चबा-चबाकर खाएं साथ में 1-2 काली मिर्च एवं थोड़ा सा काला नमक तथा ऊपर से पानी पी लें। यह प्रयेाग खाली पेट करें। इस प्रयोग के द्वारा घुटनों में यदि साइनोबियल फ्रलूड भी कम हो गई हो तो बनने लग जाती है।
  • चार कच्ची-भिंडी सवेरे पानी के साथ खाएं। दिन भर में तीन अखरोट अवश्य खाएं। इससे भी साइनोबियल फ्रलूड बनने लगती है। अनुभूत प्रयोग है।
  • एक्यूप्रेशर-रिंग को दिन में तीन बार, तीन मिनट तक अनामिका एवं मध्यमा अंगुलि में एक्यूप्रेशर करें।
  • प्रतिदिन कम से कम 2-3 किलोमीटर तक पैदल चलें।
  • दिन में दस मिनट आंखें बंद कर, लेटकर घुटने के दर्द का ध्यान करें। नियमित रूप से अनुलोम-विलोम एवं कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास करें। अनुलोम-विलोम धीरे-धीरे एवं कम से कम सौ बार अवश्य करें। इससे लाभ जल्दी होने लगता है।

मुद्रा-चिकित्सा

  • तर्जनी अंगुलि (इंडेक्स-फिंगर)को अंगूठे के नीचे गद्दी पर लगाएं और अंगूठे से हल्का दबाएं। यह प्रयोग आध-आध घंटा दिन में दो बार करें।
  • नाभि में अरंड के बीज को छीलकर लगाएं और प्लास्टिक की टेप से चिपका दें। दूसरे दिन नहाने से पहले हटा दें। यह प्रयोग नहाने के लगभग दो घंटे बाद करें।
  • घुटनों में दर्द होना, साइनोबियल फ्रलूड खत्म होना इत्यादि रोगों से पीडि़तों को दूध् नहीं पीना चाहिए, क्योंकि दूध् में लेक्टिस-एसिड पाया जाता है, जो कि घुटनों में दर्द को बढ़ाता है। हाँ, दूध् को ठंडा करके उसमें शहद, सौंठ मिलाकर धीरे-धीरे पिएं। सौंठ से अभिप्राय ड्राई-जिंजर है।
  • स्टीराइड के इंजेक्शन भूलकर भी नहीं लगाएं। इनके ढेरों साइडइपैफक्ट होने के साथ साथ एक स्थिति ऐसी पैदा हो जाती है-‘‘मर्ज बढ़ता ही गया, ज्यूं-ज्यूं दवा की’’।

 गठिया रोग के घरेलू उपचार
एलोवेरा

त्रिफला जूस, एलोवेरा जूस, एलोवेरा गार्लिक जूस, इनमें से कोई एक रोग के लक्षणों के अनुसार सेवन करने से अवश्य ही रोग से मुक्ति मिल जाती है। पूर्ण धैर्य के साथ तीन-चार महीनों तक नियमित रूप से खाली पेट सेवन करना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार सेवनीय अन्यान्य औषधियां
अमृता सत्व, गोदंती भस्म, प्रवाल पिष्टी, स्वर्ण माक्षिक भस्म, महावत विध्वंसन रस, वृहद वातचितामणि रस, एकांगवीर रस, महायोगराज गुग्गुल, चंद्रप्रभावटी, पुनर्नवा मंडुर इत्यादि औषधियों का कुछ दिनों विशेषज्ञ के परामर्श से सेवन करने से बिना किसी साइडइपैफक्ट के ही आशातीत लाभ मिलता है।

सेवन करने से बचें

दही, लस्सी, अचार, दूध्, चाय तथा रात के समय हलका व सुपाच्य आहार लें। रात के समय चना, भिंडी, अरबी, आलू, खीरा, मूली, दही राजमा इत्यादि का सेवन भूलकर भी नहीं करें।

गठिया के दौरान क्या न करें/ गठिया रोग मे परहेज

  • ऐसे जूतों का प्रयोग करने से बचिए जिनकी पीडि़त ऊंची हैं तथा बहुत ही कठोर हैं तथा सेण्डल पहनने से बचें इसके स्थान पर ऐसे जूतों का प्रयोग करें जिनकी एड़ी नीची है या जिनके फीते बांधे जा सकते हैं तथा जिनसे पैरों को उचित सहायता प्राप्त होती है।
  • खड़ी ढ़लानों पर चलने तथा बहुत ही नर्म तथा असमान तल या जमीन पर चलने से बचें।
  • सीढि़यां का प्रयोग करने से बचें जहां संभव हो वहां पर एलेवेटर का प्रयोग करें यदि आपको सीढि़यां का प्रयोग करना ही पड़ता है।
  • तो एक बार में एक सीढ़ी चढ़ें तथा हैंड रेल को पकड़ कर चलिए।
  • हमेशा स्वस्थ पैर को आगे रखें।
  • भारी वस्तुओं को लेकर चलने से बचें भारी वस्तुओं से घुटनों पर अतिरिक्त तनाव या भार पड़ता है।
  • कुर्सी के पीछे टांगों को मोड़ने से बचें, अपनी टांगों को आराम से फैलाएं तथा बार बार उनकी स्थिति को बदलते रहें।
  • लंबे समय तक निरन्तर खड़े रहने से बचिए इसके बदले में हर घंटे के बाद एक ब्रेक लें।
  • बिस्तर या कुर्सी से उठते समय प्रभावित घुटने पर दबाव डालने से बचिए। इसके अलावा उठने के लिए दोनो हाथों के साथ नीचे की ओर बल लगाते हुए उठिए।
  • कम ऊंचाई वाली कुर्सियों पर बैठने से बचें ऐसी कुर्सियों को चुनें जिनकी सीट ऊंची हैं और उन पर आर्मरेस्ट लगी हुई हैं।
  • घुटनों को मोड़ने से बचिए अनेक ऐसे कार्य जिनके लिए घुटनों को मोड़ने की जरूरत होती है, उन्हें कम ऊंचाई की कुर्सियों या स्टूल का प्रयोग करके किया जा सकता है।
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आपके घुटनो में कैसा भी दर्द हो इसे मात्र सात दिनों में दूर करने की अचूक घरेलु औषधि मौजूद है। आज के समय में घुटनो का दर्द उम्र बढ़ने के साथ साथ बढ़ता रहता है और कई बार घुटनो में दर्द चोट लगने की वजह से या फिर गठिया रोग के होने की वजह से भी होता है। लेकिन कई लोग ये कहते है की घुटनो की ग्रीस ख़त्म हो गए इसलिए हमें दर्द हो रहा है या फिर यूरिक एसिड का शरीर में जयादा बढ़ जाना भी इसकी दर्द की वजह है। कई बार तो घुटनो का दर्द इतना जयादा बढ़ जाता है की वो सहन भी नहीं होता है और व्यक्ति का बुरा हाल हो जाता है। व्‍यायाम करने से हम इस दर्द से कुछ हद तक मुक्त हो सकते है क्योकि इससे एक तो घुटनो की जकड़न खत्‍म हो जाती है और दूसरे घुटनो की गति को आसान कर देती है जिससे दर्द भी कम हो जाता है |

जब हमारे घुटने सही काम नहीं करते तो हमें चलने फिरने आदि में दिक्कत हो जाती है और घुटनो को मोड़ने और सीधे करने में भी बहुत दिक्‍कत होती है। घुटनो पर लालिमा व सूजन बनी रहती है। इस कारण से घुटनो को मोड़ते समय  चटकने व टूटने जैसी आवाज आने लगती है। जिससे घुटने में दर्द होता है उन पैरो में झुनझुनी होने लगती है। आर्युवेद मे घुटनो में होने वाले दर्द से बचने के लिएअनेक अचूक उपाय मौजूद है। जिससे आपके घुटनो के दर्द को कम ही नहीं करता बलिकी आपके दर्द को जड़ से ख़त्म कर देता है। तो आइये जानते है वो कौन सा उपाय है। इसके लिए जो सामान चाहिए वो बहुत ही आसानी से आपकी किचन में मिल जायेगा :

एक छोटा चम्मच हल्दी जोकि एक एंटीसेप्टिक व एंटीबायोटिक का काम करती है |
एक चम्मच शहद
चुटकी भर चुना
इन तीनो सामान मात्रा को आपस में अच्छे से मिला कर थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट जैसा बना लेना है। आप इस सामान को थोड़ा ज्‍यादा भी ले सकते अगर आपके घुटने पर ये कम पड़ रहा हो। अब इस पेस्ट को अपने घुटनो पर हल्‍के हल्‍के दस मिनट तक मालिश करना है और ये उपाय आपके रात को सोते समय करना है। अब जब आप मालिश कर ले तो इस पर कोई सूती कपडा या फिर बैंडेज बांधकर सो जाये और सुबह गुनगुने पानी से घुटने को धो दे। इस उपाय से आपका दर्द कहला जायेगा और ये उपाय आपको लगातार सात दिनों तक करना है और आपका दर्द कैसा भी हो जड़ से ख़तम हो जायेगा।

अब आपको कुछ बातो का ध्‍यान रखना है जैसे वसा युक्त व प्रोटीनयुक्त खाना खाने से परहेज करे। आलू, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, लाल मिर्च, अत्‍यधिक नमक, बैगन आदि न खाये। घुटनो की गर्म व बर्फ के पैड्स से सिकाई करे। घुटनो के निचे तकिया रखे |वजन कम रखे इसे बढ़ने न दे। ज्‍यादा लम्बे समय तक खड़े न रहे। आराम करे दर्द बढ़ाने वाली गति विधिया न करे इससे आपका दर्द और बढता जायेगा और आप इसे सहन नहीं कर पाएंगे। सुबह खली पेट तीन से चार अखरोट खाये, विटामिन इ युक्त खाना खाये धुप सेके।  इन बातो को धायण रखने के साथ साथ इस उपाय को करे तो आपके घुटनो का दर्द जड़ से ख़त्म हो जायेगा |

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