Video – इस पौधे के पत्तों को बाँधने से चाहे घुटनो का दर्द हो या कमरदर्द चुटकियो में ठीक हो जाएगा

एरंड का पौधा आठ से पंद्रह फुट लंबा होता है। इसकी पत्तियों के विशेष आकार के कारण इसे गन्धर्वहस्त के नाम से भी जाना जाता है। चाहे इसके बीज हों या पत्तियां, और तो और इसकी जड़ों का भी औषधीय प्रयोग होता आया है। आइए इसके कुछ औषधीय प्रयोगों को जानें….

आज हम आपको एरंडी के पत्तो का प्रयोग घुटनों के दर्द में कैसे करे यह बताते है अगर आपके दोनों घुटनों में तकलीफ हो तो फिर आपको इस प्रयोग में 4 पत्ते लगेंगे एरंडी के पत्ते खुली हथेलियों जैसे आकार के होते है और इसकी खासियत यह है कि यह कही भी आसानी से उपलब्ध है।

घुटनो का दर्द एरंडी के पत्तो पर सीधी तरफ एरंड का तेल लगाए और इसे उल्टी तरफ से तवे पर गर्म करें अब गर्म किये हुए पत्तो को घुटने के आगे और पीछे लगाए तथा लम्बी पट्टी नुमा सूती कपड़े से बराबर बाँध ले और पूरी रात बंधे रखकर सुबह ही निकाले। यह प्रयोग रात्रि काल या कृष्ण पक्ष मे उत्तम असर दिखाता है क्योंकि रात्रिकाल वायु काल होता है और एरंड एक उत्तम वायु नाशक औषधि है यह प्रयोग एड़ी के दर्द याने वात कंटक रोग में भी बहुत काभ देता है तथा छाती में होने वाली गांठ, पीठ दर्द, छाती में कफ जमा होना, गर्दन दर्द और कमर तथा कूल्हों के दर्द में भी इसकी सिकाई बहुत लाभप्रद है।

कमर का दर्द

एरंड के पत्तों पर तेल लगाकर कमर में बांधकर हल्का-सा सेंकने से शीत ऋतु में उत्पन्न कमर का दर्द शांत हो जाता है।

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इस जानकारी को और बेहतर समझने के लिए विडियो देखिये ..

थायराइड का डॉक्टर्स के पास कोई इलाज नहीं है पर योग से 100% सही होगा !! – Video

 

Video – उज्जायी प्राणायाम सीखने का आसान तरीका – Ujjayi Pranayama in Detail by Yogi Nityanandam Shree –  ( Video लास्ट में निचे है )

योग द्वारा थायराइड चिकित्सा कैसे करें-Treatment of Thyroid By Yoga

थायराइड(Thyroid)की योग चिकित्सा के लिए आप सबसे पहले किसी जानकार योगाचार्य से सम्पर्क करे और कुछ दिन उनके सानिध्य में रह कर सभी प्रणायाम को सही तरीके से सीख ले फिर आप इसे स्वयं भी कर सकते है यदि आप इन बताये गए प्रणायाम का विधिवत प्रयोग करते है तो यकीन जानिये कि थायरायड(Thyroid)से आपको अवश्य मुक्ति मिल जायेगी ये सभी प्राणायाम प्रातः नित्यकर्म से निवृत्त होकर खाली पेट ही करें-  ( थायराइड का इलाज, thyroid ka ilaj, thyroid ka yog )

योग द्वारा थायराइड चिकित्सा कैसे करें

उज्जायी प्राणायाम ( Uzzayi Pranayama )-

सबसे पहले आप पद्मासन या सुखासन में बैठकर आँखें बंद कर लें और अपनी जिह्वा को तालू से सटा दें अब कंठ से श्वास को इस प्रकार खींचे कि गले से ध्वनि व् कम्पन उत्पन्न होने लगे-इस प्राणायाम को दस से बढाकर बीस बार तक प्रति-दिन करें-

नाड़ीशोधन प्राणायाम ( Nadhishodn Pranayama )-

कमर-गर्दन सीधी रखकर एक नाक से धीरे-धीरे लंबी गहरी श्वास लेकर दूसरे स्वर से निकालें फिर उसी स्वर से श्वास लेकर दूसरी नाक से छोड़ें आप 10 बार यह प्रक्रिया करें-  ( थायराइड का इलाज, thyroid ka ilaj, thyroid ka yog )

ध्यानयोग ( Yoga meditation )-

इसमें आप आँखें बंद कर मन को सामान्य श्वास-प्रश्वास पर ध्यान करते हुए मन में श्वास भीतर आने पर ‘सो’ और श्वास बाहर निकालते समय ‘हम’ का विचार 5 से 10 मिनट करें-

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ब्रह्ममुद्रा ( Brhmmudra )-

वज्रासन में या कमर सीधी रखकर बैठें और गर्दन को 10 बार ऊपर-नीचे चलाएँ- दाएँ-बाएँ 10 बार चलाएँ और 10 बार सीधे-उल्टे घुमाएँ-

मांजरासन ( Manjrasn )-

चौपाये की तरह होकर गर्दन-कमर ऊपर-नीचे 10 बार चलाना चाहिए-

उष्ट्रासन ( Ustrasana )-

घुटनों पर खड़े होकर पीछे झुकते हुए एड़ियों को दोनों हाथों से पकड़कर गर्दन पीछे झुकाएँ और पेट को आगे की तरफ उठाएँ इस तरह 10-15 श्वास-प्रश्वास करें- ( थायराइड का इलाज, thyroid ka ilaj, thyroid ka yog )

शशकासन ( Shashcasn )-

वज्रासन में बैठकर सामने झुककर 10-15 बार श्वास -प्रश्वास करें-

मत्स्यासन ( Mtsyasn )-

वज्रासन या पद्मासन में बैठकर कोहनियों की मदद से पीछे झुककर गर्दन लटकाते हुए सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन से स्पर्श करें और 10-15 श्वास-प्रश्वास करें-

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( थायराइड का इलाज, thyroid ka ilaj, thyroid ka yog )

सर्वांगासन ( Srwangasn )-

पीठ के बल लेटकर हाथों की मदद से पैर उठाते हुए शरीर को काँधों पर रोकें इस तरह 10-15 श्वास-प्रश्वास करें-

भुजंगासन ( Bhujangasan )-

पीठ के बल लेटकर हथेलियाँ कंधों के नीचे जमाकर नाभि तक उठाकर 10- 15 श्वास-प्रश्वास करें-

धनुरासन ( Dhanurasana )-

पेट के बल लेटकर दोनों टखनों को पकड़कर गर्दन, सिर, छाती और घुटनों को ऊपर उठाकर 10-15 श्वास-प्रश्वास करें-

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शवासन ( Shavasana )-

पीठ के बल लेटकर, शरीर ढीला छोड़कर 10-15 श्वास-प्रश्वास लंबी-गहरी श्वास लेकर छोड़ें तथा 30 साधारण श्वास करें और आँखें बंद रखें-

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नोट- किसी योग्य योग शिक्षक से सभी आसन की जानकारी ले के ही करे-

थायरायड की एक्युप्रेशर(Accupressure)चिकित्सा-

एक्युप्रेशर चिकित्सा के अनुसार थायरायड व् पैराथायरायड के प्रतिबिम्ब केंद्र दोनों हांथो एवं पैरों के अंगूठे के बिलकुल नीचे व् अंगूठे की जड़ के नीचे ऊँचे उठे हुए भाग में स्थित हैं-

थायरायड के अल्पस्राव की अवस्था में इन केन्द्रों पर घडी की सुई की दिशा में अर्थात बाएं से दायें प्रेशर दें तथा अतिस्राव की स्थिति में प्रेशर दायें से बाएं(घडी की सुई की उलटी दिशा में)देना चाहिए-इसके साथ ही पियुष ग्रंथि के भी प्रतिबिम्ब केन्द्रों पर भी प्रेशर देना चाहिए-

( थायराइड का इलाज, thyroid ka ilaj, thyroid ka yog )

विशेष-

प्रत्येक केंद्र पर एक से तीन मिनट तक प्रतिदिन दो बार प्रेशर दें-पियुष ग्रंथि के केंद्र पर पम्पिंग मैथेड(पम्प की तरह दो-तीन सेकेण्ड के लिए दबाएँ फिर एक दो सेकेण्ड के लिए ढीला छोड़ दें)से प्रेशर देना चाहिए-

आप किसी एक्युप्रेशर चिकित्सक से संपर्क करके आप उन केन्द्रों को एक बार समझ सकते है और फिर स्वयं भी कर सकते है-

Video – उज्जायी प्राणायाम सीखने का आसान तरीका – Ujjayi Pranayama in Detail by Yogi Nityanandam Shree –

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