प्रशांत महासागर को पार करने निकला पहला इंसान-9,100 किलोमीटर की तैराकी

फ्रांस के तैराक बेन लेकोम ने 5 पांच जून को जापान के पूर्वी तट से प्रशांत महासागर में छलांग लगाई. 50 साल के लेकोम जापान और अमेरिका के बीच प्रशांत महासागर को पार करने वाले पहले तैराक बनना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें लगातार छह महीने तक हर दिन आठ घंटे तैरना होगा. इस दौरान उनका सामना शार्कों से भी होगा और ताकतवर लहरों से भी.

49 वर्षीय बेनोइट लेकोटे ने 1 99 8 में 73 दिनों में अटलांटिक पार किया और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए दिन में आठ घंटे औसत की योजना बनाई

सब कुछ ठीक रहा तो 9,100 किलोमीटर की तैराकी के बाद लेकोम नवंबर 2018 के आस पास अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहुंचेंगे. महासागर में उतरने से पहले लेकोम ने कहा कि हर दिन आठ घंटे तैराकी के लिए 8,000 कैलोरी से ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ेगी.

1 99 8 में अटलांटिक में तैरने के दौरान लेकोटे को पांच दिनों के लिए शार्क द्वारा पीछा किया गया था।

पांच साल से कम समय में यह तीसरी बार है कि लेकोटे ने घोषणा की है कि वह प्रशांत तैरने की योजना बना रहा है। वह मूल रूप से मई 2013 में इसे शुरू करना चाहते थे । उस प्रयास के बाद, उन्होंने घोषणा की कि वह दिसंबर 2015 में तैरना शुरू कर देंगे। इस बार उन्हें विश्वास है कि उनका प्रयास आगे बढ़ेगा।

लेकोम 1998 में दो महीने तक तैरते हुए अटलांटिक महासागर पार कर चुके हैं. लेकिन तब उनकी उम्र 30 साल थी. अब 50 साल है. प्रशांत महासागर में तैराकी के दौरान 27 अलग अलग वैज्ञानिक संस्थाओं की टीम उनके साथ रहेगी. टीम उन्हें सेहत और समुद्र से जुड़ी जानकारियां देती रहेगी. इस दौरान रिसर्च टीम प्रशांत महासागर में प्लास्टिक के प्रदूषण का अध्ययन भी करेगी.

READ  दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में से एक थीं जयपुर की महारानी, आखिरी वक्त में रह गई थीं अकेली

लेकोम ने विश्व पर्यावरण दिवस के दिन को अपने अभियान की शुरुआत के लिए चुना है. उनके मुताबिक प्लास्टिक की वजह से समुद्रीय जीवन खतरे में हैं. इस अभियान के दौरान लेकोम को http://www.seeker.com वेबसाइट पर लाइव ट्रैक किया जा सकता है.

Related Post