ये चमत्कारी दोहे Stress Level को करेंगे डाउन

हिंदू धर्म में मंत्र उच्चारण की बहुत महत्ता बताई गई है। शास्त्रों के अनुसार हिंदू धर्म का कोई एेसा पूजा-पाठ नहीं जिसमे मंत्रों का जाप न किया जाए। इसके साथ ही हिंदू धर्म के कुछ एेसे प्राचीन ग्रंथ भी है, जिनके दोहे एक तरह से मंत्रों का काम करते हैं। श्रीरामचरित्र मानस में एेसे कई दोहे पढ़ने को मिलते हैं, जिनका प्रयोग मंत्र के तौर पर भी किया जा सकता है। तो आईए जानें रामचरित्र मानस के एेसे 10 चमत्कारी दोहों के बारे में जिनका मंत्रों की तरह उच्चारण किया जा सकता है। इनता ही नहीं जो व्यक्ति इन दोहों व चौपाई आदि का पूरी श्रद्धा से जाप करता है, उसकी हर कामना सिद्ध होती है-

ये है वो 10 चमत्कारी दोहे-

मनोकामना पूर्ति एवं सर्वबाधा निवारण के लिए-
‘कवन सो काज कठिन जग माही।
जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।।’

भय व संशय निवृ‍‍त्ति के लिए-
‘रामकथा सुन्दर कर तारी।
संशय बिहग उड़व निहारी।।’

अनजान स्थान पर भय के लिए मंत्र पढ़कर रक्षारेखा खींचे-
‘मामभिरक्षय रघुकुल नायक।
धृतवर चाप रुचिर कर सायक।।’

भगवान राम की शरण प्राप्ति हेतु-
‘सुनि प्रभु वचन हरष हनुमाना।
सरनागत बच्छल भगवाना।।’

विपत्ति नाश के लिए-
‘राजीव नयन धरें धनु सायक।
भगत बिपति भंजन सुखदायक।।’

रोग तथा उपद्रवों की शांति के लिए-
‘दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा।।’

आजीविका प्राप्ति या वृद्धि के लिए-
‘बिस्व भरन पोषन कर जोई।
ताकर नाम भरत अस होई।।’

विद्या प्राप्ति के लिए-
‘गुरु गृह गए पढ़न रघुराई।
अल्पकाल विद्या सब आई।।’

संपत्ति प्राप्ति के लिए-
‘जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख संपत्ति नानाविधि पावहिं।।’

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शत्रु नाश के लिए-
‘बयरू न कर काहू सन कोई।
रामप्रताप विषमता खोई।।’

उपरोक्त दिए गए मंत्र का आवश्कता के अनुसार एक माला जाप करें तथा एक माला का हवन करें। जप के पहले श्री हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य कर लें, इसे मंत्र उच्चारण का दौगुना फल प्राप्त होता है। जब तक मन की इच्छा पूरी न हो, तब तक एक माला (तुलसी की) नित्य जपें।

रोज 2 मिनट ऊँ का जाप  करने से मिलते हैं 5 हेल्थ बेनिफिट्स

हिंदु धर्म में जीवन की उत्पत्ति का आधार ही ओम (ऊँ) की ध्वनि का माना गया है। ग्रंथों के अनुसार जब धरती पर कोई जीवन नहीं था, तब ब्रह्मांड में एक नाद उत्पन्न हुआ, जिससे जीवों की उत्पत्ति हुई। ये नाद था ओम का। ये भगवान शिव का रूप मंत्र है। शिव को प्रसन्न करने के लिए ओम का जाप ही पर्याप्त है, ऐसा ग्रंथों का मानना है।

ओम एक शब्द नहीं है ये एक नाद या मंत्र है जिसका उपयोग हमारे ऋषि-मुनि ध्यान व स्वास्थ्य लाभ के लिए करते थे। ओम अ, ऊ व म से मिलकर बना है और इसे सांस लेते व छोड़ते हुए इसी तरह से उच्चारित करना चाहिए। इसे कम से कम रोज 10 से 11 बार बोलना चाहिए। इससे पूरे शरीर में एक विशेष कंपन होता है, जो हमारे शरीर की नाड़ियों को खोलता है। इससे हमारी बॉडी पर काफी अच्छा असर पड़ता है।

ओम का जाप रेगुलर करने से मिलते हैं ये फायदे

1 – ऊं का उच्चारण करने से गले में कंपन्न होता है। जिससे थायरॉइड नियंत्रित होता है।

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2 – ये स्ट्रेस व थकान को दूर करता है। शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर करता है।

3 – ऊं से डायजेशन सुधरता है व पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं भी नहीं होती हैं।

4 – इसे बोलने से चेहरे की चमक बढ़ती है व याददाश्त भी मजबूत है।

5 – नींद न आने की समस्या व मानसिक रोगों जैसी समस्याओं से भी ये निजात दिलवाता है।