यूरिक एसिड बढ़ने का कारण, लक्षण और इसको कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

यूरिक एसिड यानि जोड़ों का दर्द आजकल आम सुनने को मिलता है। अक्सर 30 साल की उम्र से ज्यादा लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। यह शरीर में प्यूरिक एसिड के टूटने से होता है। जो ब्लड सर्कुलेशन से कीडनी तक पहुंचता है और यूरिन के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। कई बार सेहत से जुड़ी कुछ परेशानियों के कारण यूरिक एसिड शरीर से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे बॉडी में इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है।
एक स्वस्थ्य महिला के शरीर में यूरिक एसिड का नॉर्मल लेवल 2.4-6.0 mg/dl और पुरुषों में 3.4 – 7.0 mg/dl होना जरूरी है। शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाने पर यह गठिया का कारण बनती है। इसके लक्षणों को पहचान कर सही समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है।

यूरिक एसिड के लक्षण

  • हाथों-पैरों में एठन
  • जोड़ों में दर्द
  • अंगों में सूजन
  • उठने-बैठने में परेशानी होना
  • जोड़ो में हल्की-हल्की चुभन

यूरिक एसिड बढ़ने का कारण

  • खान-पान में पोषक तत्वों की कमी होने पर यूरिक एसिड बढऩा शुरू हो जाता है।
  • दवाइयों के ज्यादा सेवन से भी यह परेशानी हो सकती है।
  • जरूरत से ज्यादा प्रोटीन खाने से रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढने लगती है।
  • एक्सरसाइज या शारीरिक श्रम की कमी होने से भी शरीर में यूरिक एसीड बनने लगता है।
  • यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय
  • अखरोट में बहुत से जरूरी पोषक तत्व जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन्स, मिनरल्स, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन आदि मौजूद होते हैं, जो सेहत को बेहतर बनाएं रखते है। रोज सुबह खाली पेट 2-3 अखरोट खाने से यूरिक एसिड कंट्रोल हो जाता है।
  • एक चम्मच शहद में अश्वगंधा पाउडर मिलाएं। फिर इसे हल्के गर्म दूध के साथ खाएं। इससे भी काफी फायदा मिलेगा लेकिन ध्यान रखें कि गर्मी में इसका कम से कम सेवन करें।
  • यूरिक एसिड बढऩे पर शरीर में गांठ की तरह जमा होने लगता है और तेजी से शरीर के बाकी अंगों में फैलने लगता है। ऐसे में 1 चम्मच बेकिंग सोडा को 1 गिलास पानी के साथ मिलाकर पीने से शरीर में बनी गांठ खुलने लगती है और यूरिक एसिड की कम होने लगता है।
  • यूरिक एसिड के मरीजों को ज्यादातर गठिए की समस्या रहती है। इसका बचाव करने के लिए सुबह खाली पेट बथुए के पत्तों का जूस निकाल कर पीएं। ध्यान रखें जूस पीने के 2 घंटे तक किसी और चीज का सेवन न करें।
  • अजवायन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है, रोजाना खाने में अजवाइन का इस्तेमाल करने से यूरिक एसिड कम होता है। खाने में इस्तेमाल के अलावा, इसका पानी के साथ सेवन करें।
  • रोज चंकुदर और सेब का जूस पीएं। इससे शरीर का पीएच स्तर बढ़ता है और यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है। इनके अलावा गाजर का जूस भी फायदेमंद है।
    अधिक से अधिक पानी का सेवन करें क्योंकि इससे शरीर में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड पेशाब के द्वारा बाहर निकल जाता है। इसके अलावा पानी का सही मात्रा में सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
  • विटामिन सी यूरिक एसीज में बहुत लाभकारी है। नींबू को डाइट में शामिल जरूर करें। इसके अलावा विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन जरूर करें।
  • शरीर में मोटापे के कारण चर्बी अधिक जमा होती है। जिससे यूरिक एसिड बढ़ की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए अपने वजन को कंट्रोल रखें लेकिन ध्यान रखें कि वजन कम करने के लिए एक दम डाइनिंग पर न रहें बल्कि धीरे-धीरे कोशिश करें।
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इन चीजों से करें परहेज

  • प्रोटीन वाले आहार से करें परहेज
  • बेकरी प्रोडक्टस का सेवन न करें
  • एल्कोहल से दूर रहें
  • डिब्बा बंद भोजन न खाएं
  • मछली व मीट से दूरी बनाएं

यूरिक एसिड यानि जोड़ों का दर्द आजकल आम सुनने को मिलता है। अक्सर 30 साल की उम्र से ज्यादा लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। यह शरीर में प्यूरिक एसिड के टूटने से होता है। जो ब्लड सर्कुलेशन से कीडनी तक पहुंचता है और यूरिन के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। कई बार सेहत से जुड़ी कुछ परेशानियों के कारण यूरिक एसिड शरीर से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे बॉडी में इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है।
एक स्वस्थ्य महिला के शरीर में यूरिक एसिड का नॉर्मल लेवल 2.4-6.0 mg/dl और पुरुषों में 3.4 – 7.0 mg/dl होना जरूरी है। शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाने पर यह गठिया का कारण बनती है। इसके लक्षणों को पहचान कर सही समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है।

यूरिक एसिड के लक्षण

  • हाथों-पैरों में एठन
  • जोड़ों में दर्द
  • अंगों में सूजन
  • उठने-बैठने में परेशानी होना
  • जोड़ो में हल्की-हल्की चुभन

यूरिक एसिड बढ़ने का कारण

  • खान-पान में पोषक तत्वों की कमी होने पर यूरिक एसिड बढऩा शुरू हो जाता है।
  • दवाइयों के ज्यादा सेवन से भी यह परेशानी हो सकती है।
  • जरूरत से ज्यादा प्रोटीन खाने से रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढने लगती है।
  • एक्सरसाइज या शारीरिक श्रम की कमी होने से भी शरीर में यूरिक एसीड बनने लगता है।

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय

  • अखरोट में बहुत से जरूरी पोषक तत्व जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन्स, मिनरल्स, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन आदि मौजूद होते हैं, जो सेहत को बेहतर बनाएं रखते है। रोज सुबह खाली पेट 2-3 अखरोट खाने से यूरिक एसिड कंट्रोल हो जाता है।
  • एक चम्मच शहद में अश्वगंधा पाउडर मिलाएं। फिर इसे हल्के गर्म दूध के साथ खाएं। इससे भी काफी फायदा मिलेगा लेकिन ध्यान रखें कि गर्मी में इसका कम से कम सेवन करें।
  • यूरिक एसिड बढऩे पर शरीर में गांठ की तरह जमा होने लगता है और तेजी से शरीर के बाकी अंगों में फैलने लगता है। ऐसे में 1 चम्मच बेकिंग सोडा को 1 गिलास पानी के साथ मिलाकर पीने से शरीर में बनी गांठ खुलने लगती है और यूरिक एसिड की कम होने लगता है।
  • यूरिक एसिड के मरीजों को ज्यादातर गठिए की समस्या रहती है। इसका बचाव करने के लिए सुबह खाली पेट बथुए के पत्तों का जूस निकाल कर पीएं। ध्यान रखें जूस पीने के 2 घंटे तक किसी और चीज का सेवन न करें।
  • अजवायन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है, रोजाना खाने में अजवाइन का इस्तेमाल करने से यूरिक एसिड कम होता है। खाने में इस्तेमाल के अलावा, इसका पानी के साथ सेवन करें।
  • रोज चंकुदर और सेब का जूस पीएं। इससे शरीर का पीएच स्तर बढ़ता है और यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है। इनके अलावा गाजर का जूस भी फायदेमंद है।
    अधिक से अधिक पानी का सेवन करें क्योंकि इससे शरीर में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड पेशाब के द्वारा बाहर निकल जाता है। इसके अलावा पानी का सही मात्रा में सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
  • विटामिन सी यूरिक एसीज में बहुत लाभकारी है। नींबू को डाइट में शामिल जरूर करें। इसके अलावा विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन जरूर करें।
    शरीर में मोटापे के कारण चर्बी अधिक जमा होती है। जिससे यूरिक एसिड बढ़ की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए अपने वजन को कंट्रोल रखें लेकिन ध्यान रखें कि वजन कम करने के लिए एक दम डाइनिंग पर न रहें बल्कि धीरे-धीरे कोशिश करें।
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इन चीजों से करें परहेज

  • प्रोटीन वाले आहार से करें परहेज
  • बेकरी प्रोडक्टस का सेवन न करें
  • एल्कोहल से दूर रहें
  • डिब्बा बंद भोजन न खाएं
  • मछली व मीट से दूरी बनाएं

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