विदुर नीति: इन लोगों से नज़दीकियां पड़ती हैं मंहगी

शास्त्रों के अनुसार आचार्य चाणक्य एक एेसे नीतिकार थे, जिनकी नीतियों के बल पर कोई भी अपने जीवन में बड़ी आसानी से सफलता हासिल कर सकता है। लेकिन चाणक्य के अलावा विदुर भी एक एेसे प्रसिद्ध नीतिकार हैं, जिन्होंने अपने जीवनकाल के अनुभवों को मानव समक्ष नीतियों के रूप में प्रस्तुत किया और अंतत: इन्हें विदुर नीति के नाम से जाना गया। तो आईए आज हम आपको बताएं कि विदुर जी के अनुसार व्यक्ति को सफल होने के लिए किन-किन लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। क्योंकि ये लोग यदि हमारी जिंदगी में रहेंगे तो हम सफलता के करीब होते हुए भी उसे खो देंगे।

नशेड़ी व्यक्ति
विदुर नीति के अनुसार नशेड़ी व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि नशेड़ी व्यक्ति को अच्छे-बुरे समझ नहीं रहती। दरअसल विदुर का मानना है कि नशेड़ी व्यक्ति बेहद खतरनाक होता है। नशे में वह ऐसे कार्य कर बैठता है जिसके कारण वह अपने साथ-साथ अपने परिजनों को भी कष्ट देता है। इसलिए इनसे दूरी बनाकर रखने में ही हमारी भलाई है।

मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति
विदुर के अनुसार मानिसक रूप से कमज़ोर यानि पागल व्यक्ति के साथ न ही टकराना चाहिए और न ही इनके साथ किसी प्रकार की बहस करनी चाहिए। जिस व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं होता उसे सही गलत की समझ नहीं होती। वे कुछ भी कह सकता है और आक्रमक होकर किसी के भी ऊपर प्रहार कर सकता है। विदुर के अनुसार पागल व्यक्ति पर न तो मार का असर होता है और न ही कड़वी बातों का, इसलिए ऐसे व्यक्ति से दूर रहने में ही भलाई होती है।

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मेहनती लोग
विदुर के अनुसार वे लोग जो बेहद मेहनत करते हैं और अपने कठोर परिश्रम के बाद थक जाते हैं, ऐसे लोगों से भी दूरी बनानी चाहिए। इसके पीछे विदुर ने कोई नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक प्रभाव की बात की है। दरअसल इतनी मेहनत के बाद व्यक्ति को आराम की आवश्यकता होती है, ऐसे में यदि कोई उन्हें परेशान करता है तो वे सही-गलत की पहचान किए बिना कुछ भी कर बैठता है जिसमें से सबसे सामान्य है उनका क्रोध और उन्हें बाद में इस क्रोध का पश्चाताप भी नहीं होता।

भूखा व्यक्ति
यदि आपको कोई भूखा व्यक्ति दिखे तो उसे खाने के लिए कुछ दे जरूर दें किंतु उसे परेशान करने की भूल न करें। यदि आप मदद नहीं कर सकते तो ऐसे में उनसे दूरी ही बना लें अन्यथा आप उनके क्रोध का शिकार बनकर अपना ही नुकसान कर बैठेंगे।

शास्त्रों के अनुसार आचार्य चाणक्य एक एेसे नीतिकार थे, जिनकी नीतियों के बल पर कोई भी अपने जीवन में बड़ी आसानी से सफलता हासिल कर सकता है। लेकिन चाणक्य के अलावा विदुर भी एक एेसे प्रसिद्ध नीतिकार हैं, जिन्होंने अपने जीवनकाल के अनुभवों को मानव समक्ष नीतियों के रूप में प्रस्तुत किया और अंतत: इन्हें विदुर नीति के नाम से जाना गया। तो आईए आज हम आपको बताएं कि विदुर जी के अनुसार व्यक्ति को सफल होने के लिए किन-किन लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। क्योंकि ये लोग यदि हमारी जिंदगी में रहेंगे तो हम सफलता के करीब होते हुए भी उसे खो देंगे।

नशेड़ी व्यक्ति
विदुर नीति के अनुसार नशेड़ी व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि नशेड़ी व्यक्ति को अच्छे-बुरे समझ नहीं रहती। दरअसल विदुर का मानना है कि नशेड़ी व्यक्ति बेहद खतरनाक होता है। नशे में वह ऐसे कार्य कर बैठता है जिसके कारण वह अपने साथ-साथ अपने परिजनों को भी कष्ट देता है। इसलिए इनसे दूरी बनाकर रखने में ही हमारी भलाई है।

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मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति
विदुर के अनुसार मानिसक रूप से कमज़ोर यानि पागल व्यक्ति के साथ न ही टकराना चाहिए और न ही इनके साथ किसी प्रकार की बहस करनी चाहिए। जिस व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं होता उसे सही गलत की समझ नहीं होती। वे कुछ भी कह सकता है और आक्रमक होकर किसी के भी ऊपर प्रहार कर सकता है। विदुर के अनुसार पागल व्यक्ति पर न तो मार का असर होता है और न ही कड़वी बातों का, इसलिए ऐसे व्यक्ति से दूर रहने में ही भलाई होती है।

मेहनती लोग
विदुर के अनुसार वे लोग जो बेहद मेहनत करते हैं और अपने कठोर परिश्रम के बाद थक जाते हैं, ऐसे लोगों से भी दूरी बनानी चाहिए। इसके पीछे विदुर ने कोई नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक प्रभाव की बात की है। दरअसल इतनी मेहनत के बाद व्यक्ति को आराम की आवश्यकता होती है, ऐसे में यदि कोई उन्हें परेशान करता है तो वे सही-गलत की पहचान किए बिना कुछ भी कर बैठता है जिसमें से सबसे सामान्य है उनका क्रोध और उन्हें बाद में इस क्रोध का पश्चाताप भी नहीं होता।

भूखा व्यक्ति
यदि आपको कोई भूखा व्यक्ति दिखे तो उसे खाने के लिए कुछ दे जरूर दें किंतु उसे परेशान करने की भूल न करें। यदि आप मदद नहीं कर सकते तो ऐसे में उनसे दूरी ही बना लें अन्यथा आप उनके क्रोध का शिकार बनकर अपना ही नुकसान कर बैठेंगे।

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