राहुकाल में यात्रा करना जरूरी हो तो पान या दही खाकर घर से निकलें

ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना गया है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, राहुकाल के दौरान शुरू किए गए कामों में सफलता के लिए बहुत ज्यादा कोशिश करनी पड़ती है और कामों में बिना वजह समस्याएं भी आती हैं या काम अधूरे ही रह जाते हैं। कई बार राहुकाल में किए गए काम विपरीत और अशुभ फल भी प्रदान करते हैं।

राहुकाल में कौन-से काम नहीं करने चाहिए…
1. राहुकाल में नया बिजनेस नहीं शुरू करना चाहिए।
2. इस दौरान कोई यज्ञ आदि भी नहीं करने चाहिए।
3. राहुकाल में कोई बड़ा सौदा करने से भी बचना चाहिए।
4. राहुकाल में कोई शुभ काम जैसे सगाई, विवाह, गृह प्रवेश भी नहीं करना चाहिए।
5. राहुकाल में यात्रा करने से बचना चाहिए और यदि जरूरी हो तो पान, दही या कुछ मीठा खाकर घर से निकलना चाहिए।

किस दिन कब आता है राहुकाल
1. ज्योतिष के अनुसार, सोमवार को राहुकाल का स्टैंडर्ड समय सुबह 07:30 से 09 बजे तक माना गया है।
2. मंगलवार को दोपहर 03 से 04:30 बजे तक राहुकाल रहता है।
3. बुधवार को दोपहर 12 से 01:30 बजे तक का समय राहुकाल होता है।
4. गुरुवार को राहुकाल का स्टैंडर्ड समय दोपहर 01:30 से 03 बजे तक रहता है।
5. शुक्रवार को सुबह 10:30 से 12 बजे तक के समय का स्वामी राहु होता है।
6. शनिवार को सुबह 09 से 10:30 बजे तक राहुकाल होता है।
7. रविवार को राहुकाल का समय शाम 04:30 से 06 बजे तक रहता है।

लाइफ से छूमंतर होगी नेगेटिविटी

वास्तु शास्त्र हमारे जीवन को बेहतर बनाने और हर तरह की नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में हमारी रक्षा करता है। वास्तु शास्त्र पुराने निर्माण का एक एेसा विज्ञान है, जिसमें वास्तुकला के सिद्धांत और दर्शन सम्मिलित हैं, जो प्रत्येक घर के निर्माण में अधिक महत्व रख़ते हैं। इनका प्रभाव मानव के जीवन शैली और रहन सहन पर दोनों पर पड़ता है। इसके अनुसार व्यक्ति की ज्यादातर परेशानियों का कारण इसी नकारात्मक ऊर्जा है।

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तो आईए जानें कुछ एेसे उपाय जिनसे घर-दुकान आदि की नकारात्मक ऊर्जा को आसानी से नष्ट किया जा सकता है।

दिन में एक बार घर की खिड़कीयां और दरवाजों को 30 मिनट तक खोलकर रखें ताकि घर से सारी नकारात्मक उर्जा बाहर निकल सके।

घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं और सुबह शाम इस पौधे के पास दीपक जलाएं।

घर के पूजा-घर को नियमित रूप से साफ़ करें और रोज़ाना शुद्ध घी का दीपक जलाएं।

घर के किसी भी कोने में किसी भी तरह का टूटा-फूटा सामान न रखें, इन्हें तुरंत बाहर फैंक दें।

रसोई घर में कभी भी ख़राब चीजें न रखें, यदि एेसा हो तो एेसे समान को जल्द ठीक करवाएं या फ़िर घर से बाहर निकाल दें। साथ ही घर के अंदर केवल उपयोगी वस्तुएं ही रखें।

रोज़ाना घर के कोनों की अच्छे से साफ़-सफ़ाई करें और इस बात का भी विशष ध्यान रखें कि किसी भी दीवार पर जाले न लगे हो। वास्तु के अनुसार घर में लगे जाले घर के सदस्यों पर नेगेटिव प्रभाव डालतें हैं।

घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि घर की किसी दीवार पर भगवान की प्रतिमाएं न लटकाएं, उन्हें हमेशा घर के मंदिर में ही रखें।

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दिन में एक बार घर की खिड़कीयां और दरवाजों को 30 मिनट तक खोलकर रखें ताकि घर से सारी नकारात्मक उर्जा बाहर निकल सके।

घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं और सुबह शाम इस पौधे के पास दीपक जलाएं।

घर के पूजा-घर को नियमित रूप से साफ़ करें और रोज़ाना शुद्ध घी का दीपक जलाएं।

घर के किसी भी कोने में किसी भी तरह का टूटा-फूटा सामान न रखें, इन्हें तुरंत बाहर फैंक दें।

रसोई घर में कभी भी ख़राब चीजें न रखें, यदि एेसा हो तो एेसे समान को जल्द ठीक करवाएं या फ़िर घर से बाहर निकाल दें। साथ ही घर के अंदर केवल उपयोगी वस्तुएं ही रखें।

रोज़ाना घर के कोनों की अच्छे से साफ़-सफ़ाई करें और इस बात का भी विशष ध्यान रखें कि किसी भी दीवार पर जाले न लगे हो। वास्तु के अनुसार घर में लगे जाले घर के सदस्यों पर नेगेटिव प्रभाव डालतें हैं।

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