ये फल बवासीर के लिए किसी वरदान से कम नही, एक बार जरूर करें Try

बवासीर होने का प्रमुख कारण अनियमित दिनचर्या और खान-पान है। बवासीर में होने वाला दर्द असहनीय होता है। बवासीर मलाशय के आसपास की नसों की सूजन के कारण विकसित होता है। बवासीर दो तरह की होती है, अंदरूनी और बाहरी। अंदरूनी बवासीर में नसों की सूजन दिखती नहीं पर महसूस होती है, जबकि बाहरी बवासीर में यह सूजन मल मार्ग के बिलकुल बाहर दिखती है। बवासीर को पहचानना बहुत ही आसान है। मलत्याग के समय मलाशय में अत्यधिक पीड़ा और इसके बाद रक्तस्राव, खुजली इसका लक्षण है। इसके कारण मल मार्ग में सूजन हो जाती है। आयुर्वेदिक औषधियों को अपनाकर बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है।

बवासीर ख़त्म करने के 6 घरेलु उपाय :

  1. जामुन : जामुन की गुठली और आम की गुठली के अंदर का भाग सुखाकर इसको मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में हल्के गर्म पानी या छाछ के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।
  2. कागजी नींबू : डेढ़-दो कागजी नींबू अनिमा के साधन से मल मार्ग में लें। 10-15 मिनट के अंतराल के बाद थोड़ी देर में इसे लेते रहिए उसके बाद शौच जायें। यह प्रयोग 4-5 दिन में एक बार करें। इसे 3 बार प्रयोग करने से बवासीर में लाभ होता है।
  3. जीरा : करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा नमक मिला दें। जब भी प्यास लगे तब पानी की जगह यह छाछ पियें। चार दिन तक यह प्रयोग करने से बवासीर के मस्‍से ठीक हो जाते है। या आधा चम्‍मच जीरा पावडर को एक गिलास पानी में डाल कर पियें।
  4. बड़ी इलायची : बड़ी इलायची भी बवासीर को दूर करने का बहुत ही अच्‍छा उपचार है। इसे सेवन करने के लिए लगभग 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। रोज सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर ठीक हो जाता है।
  5. किशमिश : रात को 100 ग्राम किशमिश पानी में भिगों दें और इसे सुबह के समय में इसे उसी पानी में इसे मसल दें। इस पानी को रोजाना सेवन करने से कुछ ही दिनों में बवासीर रोग ठीक हो जाता है।
  6. दालचीनी और शहद : अन्‍य उपाय चौथाई चम्मच दालचीनी चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर प्रतिदिन एक बार लेना चाहिए। इससे बवासीर नष्ट हो जाती है। हरड या बाल हरड का प्रतिदिन सेवन करने से आराम मिलता है। बवासीर पर अरंडी का तेल लगाने से फायदा होता है। साथ ही नीम का तेल मस्सों पर लगाइए और इस तेल की 4-5 बूंद रोज पीने से बवासीर में लाभ होता है। आराम पहुंचानेवाली क्रीम, मरहम, वगैरह का प्रयोग आपको पीड़ा और खुजली से आराम दिला सकते हैं।
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आंवला और शहद के मिश्रण से आपकी काया पलट जाएगी, एक श्रेष्ठ योग जाने इसके 15 फ़ायदे

  • दोस्तों ऐसी कई प्राकृतिक औषधियां मौजूद हैं, जिनके बारे में ज्यादा जानकारी ना होने के कारण हम उसका पूरा फायदा नहीं ले पाते हैं. अगर हम लोग अपने आस पास मौजूद प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें तो बहुत सारी बीमारियों से बच सकते हैं. आज हम आपको आंवला और शहद के मिश्रण से होने वाले फायदों के बारे में बताएँगे, लेकिन उससे पहले इस मिश्रण को बनाने की विधि के बारे में जानते हैं।

बनाने की विधि :

हरे आंवलों को कुचलकर या कद्दुकस कर कपड़े से छानकर आंवलों का रस निकाल लें। ततपश्चात 15 ग्राम ( तीन छोटे चम्मच) हरे आंवलों के रस में 15 ग्राम शहद मिलाकर प्रात: व्यायाम के बाद पी लें। इसके पश्चात दो घंटे तक कुछ न लें। हरे आंवलों के मौसम में निरंतर डेढ़-दो मास इसे लेते रहने से काया पलट जाती है। सभी रोगो से बचे रहने के इच्छुक लोंगो के लिए यह एक श्रेष्ठ योग है और कायाकल्प के समकक्ष है।

आंवला और शहद मिश्रण के फायदे :

  1. सर्दी खांसी : सर्दी खांसी जुकाम होने पर आंवला शहद बने मिश्रण में 1 चम्मच अदरक रस मिलाकर खाने से खांसी जुकाम तुरन्त ठीक हो जाता है। आंवला शहद अदरक रस के साथ दिन में 2-3 तीन बार खायें। आंवला शहद Colds Cough Home Remedy प्राकृतिक औषधि रूप है।
  2. महिलाओं के लिए दवा : मासिक धर्म समय अवधि में अनिमियता गड़बड़ी बार-बार होने पर 1 चम्मच शहद आंवला जरूर खायें। यह अचूक दवा का काम करती। साथ ही शरीर को अन्दर से ऊर्जावान रोगमुक्त रखने में सक्षम है। महिलाओं में होने वाली शरीरिक कमजोरी को दूर करने में आंवला शहद अचूक असरदार है।
  3. कब्ज : पेट की पाचन से सम्बन्धित हर समस्याओं जैसे खाना सही तरह से नहीं पचना, पेट में गैस बनना, भूख न लगना, कब्ज रहना, खट्टे डकार आना इत्यादि सभी विकारों में आंवला शहद मिश्रण में चुटकी भर अजवाइन मिलाकर खाने से पेट के समस्त विकारों से छुटकारा दिलाने में कारगर सिद्ध है।
  4. आंखों : आंवला शहद सेवन आंखों की रोशनी तेज करने में सक्षम है। और आंखों के विकारों जैस मोतिया बिन्दु, निकट दृष्टि दोष, आंखों की जलन ठीक करने में सहायक है।
  5. रक्त बढ़ायें : रक्त की कमी दूर करने में आंवला शहद सक्षम है। यह आयरन, प्रोटीन, विटामिनस और मिनरलस का रिच भण्डार है। आंवला, शहद और फल रस से रक्त बढ़ाने के लिए कई टॉनिक बनाये जाते हैं।
  6.  शारीरिक कमज़ोरी : आंवला शहद पुरूर्षो में अन्दुरूनी कमी, शारीरिक कमज़ोरी दुरूस्त करने में सहायक है। समस्या से छुटकारा पाने के लिए 1-1 चम्मच आंवला शहद मिश्रण सुबह शाम खायें फिर 30-35 मिनट 1 गिलास दूध जरूर पीयें। 2-3 महीने में ही पुरूर्षों की अन्दुरूनी कमी दूर करने में सहायक है।
  7. बवासीर : लम्बे समय से खूनी पाईल रहने पर रोज 1-1 चम्मच आंवले शहद खाने से बवासीर जल्दी ठीक करने में सहायक है। जल्दी फायदे के लिए आंवला शहद में चुटकी भर कलौंजी मिलाकर खायें। यह एक तरह से बवासीर का अचूक सक्षम इलाज है। अजमाकर जरूर देखें।
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आंवला जूस के 9 फायदे :

  1. संक्रमण से बचाये : आंवले में विटामिन सी के साथ आयरन, पोटेशियम, मैगेनिशियम आदि होते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं।
  2. हड्डियों को मजबूती : आंवला में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसकी वजह से यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
  3. मासि-कधर्म : इस जूस का सेवन करने से महिलाओं में मासिकधर्म के दौरान होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है। मासिक धर्म की अवधि में अमियमित्ता और मासिक धर्म की गड़बड़ियों में डॉकटरो के पास भागने से पहले आज इसे आजमा कर देंखे तो नब्बे प्रतिशत मामलों में यह प्रयोग प्रणाली को स्वाभिक दशा में ले आता है।
  4. वजन को कम करे : अगर जो लोग अपने वजन को लेकर परेशान हैं तो यह जूस शरीर उनके वजन को कम करने में भी मदद करता है।
  5. त्वचा और आँखे : आंवले का सेवन बालों के लिए और आपकी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
  6. सिरदर्द और मोतियाबिंद : सिरदर्द, नेत्ररोग आदि अनेकानेक रोगो से छुटकारा प्राप्त होकर नवजीवन प्राप्त होता है। उपरोक्त प्रयोग के साथ यदि आंवलों या त्रिफला जल से आँखों को धोते रहने से मोतियाबिंद को आराम मिलता है।
  7. कब्ज, दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ती है : ताजे आंवले को चबाने से मुख की गर्मी शांत होती है, आँखे स्वस्थ रहती है, कब्ज दूर रहती है, दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ती है व चेहरे पर नई रौनक आती है। एक ताजा आंवले में नारंगी की अपेक्षा बीस गुना विटामिन ‘सी’ होता है।
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