2028 ओलंपिक खेलों का हिस्सा बन जाएगा क्रिकेट !!

क्रिकेट की 2028 लॉस एंजिलिस खेलों से ओलंपिक में वापसी हो सकती है. आईसीसी ने अपनी त्रैमासिक बैठक के दौरान हर चार साल में होने वाले इन ग्रीष्मकालीन खेलों में क्रिकेट को शामिल करने की अपनी इच्छा जतायी. आईसीसी मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा कि अगर सब कुछ सही रहा तो क्रिकेट लास एंजीलिस ओलंपिक का हिस्सा बन जाएगा. क्रिकेट केवल एक बार पेरिस ओलंपिक खेल 1900 में इन खेलों का हिस्सा बना था.

क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर फैलाने के लिये आईसीसी ने अपनी पांच दिवसीय बैठक में अपने सभी 104 सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने का फैसला किया. रिचर्डसन ने पत्रकारों से कहा, ‘मुझे लगता है कि इस फैसले से हमें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सामने ओलंपिक में भाग लेने का अधिकार हासिल करने के अपने प्रयास में मदद मिल सकती है.’

ओलंपिक 2024 में नये खेलों को शामिल करने की समयसीमा खत्म हो चुकी है. रिचर्डसन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि क्रिकेट को लॉस एंजिलिस 2028 में शामिल कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘इसमें थोड़ा समय लगेगा. ओलंपिक 2024 पेरिस और 2028 लॉस एंजिलिस में होंगे. ओलंपिक 2024 में भाग लेने के लिये आईओसी के पास आवेदन भेजने की समयसीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है.’

रिचर्डसन ने कहा, ‘हम पेरिस नहीं जा सकते लेकिन हम आईओसी के साथ बातचीत जारी रखेंगे और हमें उम्मीद है कि 2028 में क्रिकेट ओलंपिक का हिस्सा होगा. ’’

दिल्ली के अस्पताल ने दिखाया बड़ा दिल, पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी के लिए फ्री इलाज की पेशकश

हृदय की गंभीर समस्या से जूझ रहे पाकिस्तान की हाकी टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अहमद ने एक दिन पूर्व भारत में हृदय प्रत्यारोपण कराने के लिए मदद मांगी थी और अगले दिन ही भारत के कई अस्पताल एवं संगठनों ने उनकी ओर मदद का हाथ बढ़ाया. मंसूर गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं और उन्होंने अपने इलाज के लिए भारत में मदद की गुहार करते हुए वीडियो जारी किया था.

समझा जा रहा है कि उन्हें कुछ साल पूर्व लगाए गए पेसमेकर एवं स्टेंट के कारण अब हृदय संबंधित समस्याएं हो रही हैं. ऐसे में दिल्ली के अस्पताल ‘कालरा हास्पिटल एंड एसआरसीएनसी’ ने पाकिस्तान के बीमार हाकी लीजेंड को उनके रुग्ण हृदय का नि:शुल्क इलाज करने की पेशकश दी है.

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पाकिस्तानी वर्ल्ड कप विजेता हॉकी टीम के गोलकीपर मंसूर अहमद अपना दिल ट्रांसप्लांट कराने में भारत की मदद चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने वीजा के लिए भारत से संपर्क भी किया. 49 वर्षीय गोलकीपर लंबे समय से बीमार हैं. कराची स्थित मंसूर पूर्व पाकिस्तानी गोलकीपर रहे हैं. वह भारतीय हॉकी टीम के स्टार रहे धनराज पिल्लई और प्रगट सिंह के साथ हॉकी खेले हैं. एक वीडयो संदेश जारी कर मंसूर ने भारतीय सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपील की है कि उन्हें मेडिकल वीजा दिया जाए.

कालरा अस्पताल ने दी पेशकश
कालरा अस्पताल की ओर से इस आशय का एक पत्र भारत स्थित पाकिस्तानी दूतावास को सौंपा गया है. इस पत्र में कहा गया है कि मंसूर को तत्काल चिकित्सा की जरूरत है और मंसूर मानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच के मौजूदा राजनीतिक एवं समाजिक तनावों के बावजूद उन्हें भारत से सहायता मिलेगी.

कालरा हास्पिटल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय भट्टाचार्य ने बताया कि प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट एवं ‘कालरा हास्पिटल एंड एसआरसीएनसी’ के निदेशक डा. आर. एन. कालरा ने पाकिस्तानी हाकी टीम के पूर्व कप्तान के नि:शुल्क उपचार की पेशकश की है.

अप्रैल में शाहिद अफरीदी पर मंसूर अहमद से मिलने गए थे. उन्होंने टि्वटर पर इसका एक फोटो भी शेयर किया था.
मीडिया रिपोटरें के अनुसार चेन्नई हाकी एसोसिएशन एवं चेन्नई के कुछ सर्जनों ने भी मंसूर को मदद देने की पेशकश की है. साल 1992 ओलम्पिक खेलों में मंसूर ने पाकिस्तान की हॉकी टीम के साथ कांस्य पदक जीता था. इसके आलावा, वह सिडनी में 1994 में हुए विश्व कप को जीतने वाली पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे.

भारत सरकार से की थी अपील
हाल ही में अहमद ने अपना एक वीडियो रिलीज किया है. इसमें भारत सरकार से कहा गया है कि, ”मैंने भारत के खिलाफ कई टूर्नामेंट जीते हैं और बहुत से भारतीयों का दिल तोड़ा है. इंदिरा गांधी कप, एशिया कप, वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स. कुछ उदाहरण हैं जिनमें मैं भारत के खिलाफ खेला, लेकिन आज मुझे भारतीय सरकार और खासतौर पर सुषमा स्वराज की मदद की जरुरत है. मैं उनसे अपनी वीजा एप्लिकेशन को प्रोसेस करने का अनुरोध करता हूं. मैं पूर्व भारतीय खिलाड़ी धनराज से मिलना चाहता हूं. धनराज जब पाकिस्तान लीग में खेलने आए तो वह मेरी कोचिंग में ही खेले थे.”

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मीडिया रिपोटरें के अनुसार मंसूर ने करीब चार या पांच साल पहले सर्जरी कराई थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. गत माह उनकी स्थिति और बिगड़ गई और उनका इलाज करने वाले चिकित्सक ने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण ही एकमात्र समाधान है. उनका इलाज कराची स्थित जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कालेज में चल रहा है और उनकी चिकित्सकीय स्थिति की रिपोर्ट भारत के अलावा अमरीका के कैलिफोर्निया के कुछ अस्पतालों को भेजी गई है.

 

विराट कोहली को हार के बाद मिला दूसरा झटका, लगा 12 लाख रुपए का जुर्माना

चेन्नई के खिलाफ मिली हार के बाद बेंगलोर के कप्तान विराट कोहली को दूसरा झटका लगा है. चेन्नई के खिलाफ बुधवार को हुए मैच में धीमी ओवर गति के लिए 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. मेजबान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 205 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था लेकिन ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की 34 गेंद में 70 रन की तूफानी पारी की बदौलत दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया.

आईपीएल ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘आईपीएल की आचार संहिता के संदर्भ में न्यूनतम ओवर गति का मौजूदा सत्र का उनकी टीम का यह पहला अपराध है, इसलिए कोहली पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.’ इससे पहले चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आखिरी ओवर में छक्का मारकर अपनी टीम को बेंगलुरु के ऊपर रोमांचक जीत दिला दी.

बेंगलूरू ने चिन्नास्वामी स्टेडियम पर पहले बल्लेबाजी करते हुए एबी डिविलियर्स और क्विंटोन डिकाक के आक्रामक अर्धशतकों की मदद से आठ विकेट पर 205 रन बनाये. जवाब में मैन आफ द मैच धोनी (नाबाद 70) और अंबाती रायुडू (82) ने चेन्नई को मुश्किल लग रही जीत तक पहुंचाया. दोनों ने पांचवें विकेट के लिये 101 रन की साझेदारी की जबकि चेन्नई के चार विकेट नौ ओवर में 74 रन पर गिर चुके थे.

रायुडू ने 53 गेंद में तीन चौकों और आठ छक्कों की मदद से 82 रन बनाये लेकिन वह 18वें ओवर में रन आउट हो गए. चेन्नई को आखिरी दो ओवर में जीत के लिये 30 रन चाहिये थे. मोहम्मद सिराज के अगले ओवर में धोनी के छक्के समेत 14 रन बने और आखिरी ओवर में 16 रन की जरूरत थी . ड्वेन ब्रावो ने एंडरसन की पहली गेंद पर चौका और दूसरी पर छक्का लगाने के बाद अगली गेंद पर एक रन लिया . धोनी ने चौथी गेंद पर लांग आन में छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई और साबित कर दिया कि उन्हें विश्व के बेहतरीन फिनिशर्स में क्यो शुमार किया जाता है .

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गौतम गंभीर के बचाव में आए संजय मांजरेकर, इन्हें बताया हार का दोषी

 दिल्ली की बल्लेबाजी इकाई के इस इंडियन प्रीमियर लीग चरण में असफल होने के बाद गौतम गंभीर को कप्तानी से हटने का फैसला करना पड़ा लेकिन भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि कप्तानी कोई मुद्दा नहीं थी. दिल्ली ने अभी तक आईपीएल खिताब अपनी झोली में नहीं डाला है और टीम अभी तक छह मुकाबलों में से पांच गंवाने के बाद अंक तालिका में अंतिम स्थान पर है. उन्होंने एकमात्र जीत यहां गत चैम्पियन मुंबई के खिलाफ दर्ज की थी.

ईएसपीएनक्रिकइंफो के ‘मैच डे और रन आर्डर’ विशेषज्ञ मांजरेकर ने पीटीआई से कहा , ‘‘ मुझे नहीं लगता कि गंभीर की कप्तानी एक समस्या थी , सिर्फ बल्लेबाज रन नहीं जुटा रहे जैसे ग्लेन मैक्सवेल का रन नहीं बनाना उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है. इसलिये गंभीर को रन बनाने पड़ रहे क्योंकि अन्य खिलाड़ी असफल हो रहे हैं. गंभीर को उनकी बल्लेबाजी के बजाय उनकी कप्तानी के लिये चुना गया था , पर क्योंकि बल्लेबाजी ग्रुप नहीं चल रहा तो गंभीर बल्लेबाज के रूप में निशाने पर आ गये. ’’

इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कप्तानी मुद्दा थी लेकिन उन्हें दोबारा से जोश भरने के लिये कुछ करने की जरूरत है. आपको उनके अंतिम परिणाम और तालिका में सबसे निचले स्थान पर होने के बाद इस तरह की घटना होने की उम्मीद थी. यह कुछ बदलाव करने का समय था.’ उन्होंने कहा, ‘श्रेयस अय्यर भी कप्तान के रूप में कुछ बदलाव नहीं कर सकते, अगर बल्लेबाजी इस तरह की समस्या बनी रहती है. साथ ही उनकी गेंदबाजी ट्रेंट बोल्ट पर ही निर्भर नहीं हो सकती.’

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