कांग्रेस के दामन पर खून के धब्‍बे: सलमान खुर्शीद के बयान से पार्टी ने किया किनारा, बताया निजी राय

अपनी पार्टी पर किया कटाक्ष

कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ पार्टी नेता सलमान खुर्शीद के सुर्खियों में आए एक बयान को उनकी ‘निजी राय’ करार देते हुए आज उससे पल्ला झाड़ लिया। खुर्शीद ने कहा था कि ‘कांग्रेस का मैं भी हिस्सा हूं इसलिए मुझे मानने दीजिये कि हमारे दामन पर खून के धब्बे हैं।’ पार्टी ने कहा कि जब एक तरफ समाज को धर्म और जाति को बांटने की राजनीति हो रही है तो उस समय किसी नेता को इस तरह के ‘आधारहीन’ बयान नहीं देने चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता पीएल पूनिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘सलमान खुर्शीद पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन जहां तक उनके बयान का सवाल है तो कांग्रेस उससे पूर्णत: असहमत है। यह उनकी निजी राय है और कांग्रेस का इससे कोई लेनादेना नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने हमेशा सभी समुदायों को साथ लेकर चलने का काम किया है। हम ऐसा तत्वों के खिलाफ रहे हैं जो धर्म और जाति के आधार पर बांटकर सत्ता में आने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा, ””मोदी सरकार में समाज को बांटने की राजनीति हो रही है, सभी संवैधानिक संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में नेताओं को आधारहीन बयान नहीं देने चाहिए।” यह पूछे जाने पर कि क्या खुर्शीद पर कोई करवाई होगी, तो पूनिया ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सिर्फ यह कहा, ‘‘मैंने इस बारे में इतना कह दिया और अब कुछ कहने के लिए नहीं बचता।’’ खुर्शीद ने कल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के आंबेडकर हॉल में एक कार्यक्रम के दौरान एक छात्र द्वारा पूछे गये सवाल पर कहा, ‘‘यह राजनीतिक सवाल है। हमारे दामन पर खून के धब्बे हैं। कांग्रेस का मैं भी हिस्सा हूं तो मुझे मानने दीजिये कि हमारे दामन पर खून के धब्बे हैं।’’

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क्या कहा बयान में

उन्होंने कहा कि क्या आप यह कहना चाहते हैं कि चूंकि हमारे दामन पर खून के धब्बे लगे हुए हैं, इसलिए हमें आपके ऊपर होने वाले वार को आगे बढ़कर नहीं रोकना चहिए? उन्होंने छात्र की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘हम ये धब्बे दिखाएंगे ताकि तुम समझो कि ये धब्बे हम पर लगे हैं, लेकिन यह धब्बे तुम पर ना लगें। तुम वार इन पर करोगे, धब्बे तुम पर लगेंगे। हमारे इतिहास से सीखो और समझो। अपना हश्र ऐसा मत करो कि तुम 10 साल बाद अलीगढ़ यूनीर्विसटी आओ और आप जैसा कोई सवाल पूछना भी ना मिले।’ गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में यह दूसरा मौका है जब सलमान खुर्शीद कांग्रेस पार्टी की लाइन से अलग दिखाई दिए हैं। इससे पहले भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ राज्य सभा में महाभियोग प्रस्ताव पेश करने के पार्टी के रुख से भी उन्होंने खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने इस बाबत राज्यसभा सभापति एम वेंकैया नायडू को दी गई अर्जी पर दस्तखत करने से भी कथित तौर पर इंकार कर दिया था।