CJI के खिलाफ महाभियोग: उपराष्ट्रपति को विपक्षी नेताओं ने दिया नोटिस, 7 पार्टी के 71 सांसदों के हस्ताक्षर

विपक्षी पार्टियों ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी शुरू कर दी है। आज विपक्षी नेताओं ने उप-राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू को महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस दिया है। विपक्षी नेताओं द्वारा मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग ऐसे वक्त लाया जा रहा है, जब कल 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के जज बीएच लोया की मौत की जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी थी। पीटीआई के अनुसार, 7 राजनैतिक दलों के 71 से भी ज्यादा सांसदों ने महाभियोग के नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें कांग्रेस, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, समाजवादी पार्टी, बसपा और मुस्लिम लीग के सांसद शामिल हैं।

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से मुलाकात से पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मुलाकात की। इसी साल 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ मोर्चा खोला था और मुख्य न्यायाधीश की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। इसी घटना के बाद सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने का प्रस्ताव रखा था। सीबीआई जज बीएच लोया की मौत की जांच की याचिका को खारिज करने के बाद मुख्य न्यायाधीश विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के निशाने पर आ गए थे।

मुख्य न्यायाधीश के महाभियोग पर कांग्रेस का कहना है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाना ही आखिरी विकल्प था।महाभियोग की प्रक्रिया की बात करें तो जज इन्क्वायरी एक्ट, 1968 के तहत मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए लोकसभा में 100 सदस्यों और राज्यसभा में 50 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है।

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