‘Beyond The Clouds’ movie review: ईरानी फिल्ममेकर माजिद मजिदी की फिल्म में कुछ अलग और हटकर है

#Beyond The Clouds #Ishan Khattar #Mazid Majidi

ईरानी फिल्ममेकर माजिद मजिदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ Beyond The Clouds में कुछ अलग और हटकर है। यकीनन आपको इस फिल्म को देखकर स्लमडॉग मिलिनेयर के कुछ दृश्य बेशक याद आ सकते हैं। अपनी इस फिल्म के जरिए माजिद हॉलीवुड डायरेक्टर डैनी बॉयल को तगड़ी टक्कर देते दिखाई दे रहे हैं। माजिद मजिदी इससे पहले भी ऐसे ही सब्जेक्ट पर काम कर चुके हैं। माजिद मजिदी साल 1997 में फिल्म ‘चिल्ड्रन ऑफ हेवेन’ बना चुके हैं। यह फिल्म कुछ-कुछ ऐसी लगती है। ईशान अपनी पहली फिल्म के जरिए दर्शकों पर प्रभाव छोड़ते दिखाई दे रहे हैं। वहीं एक्ट्रेस मालविका दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल हुई हैं।

कास्‍ट: ईशान खट्टर, मालविका मोहन, गौतम घोष, जीवी शारदा
डायरेक्‍टर: माजिद मजीदी
स्‍टार: 3 स्‍टार

कहानी (Beyond The Clouds)

फिल्‍म की शुरुआत ही है मुंबई की एक सड़क से जिसपर कई गाड़‍यिा दौड़ रही हैं और यहां आमिर (ईशानखट्टर) खड़ा है. इसी सड़क के नीचे ब्रिज है जहां कई लोग रहे हैं. फिल्‍म के पहले सीन से ही शहर के अंर्तद्वंद को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है. आमिर (ईशानखट्टर) ड्रग्‍स सप्‍लाई करता है और जैसे ही पुलिस की चपेट में आता है, वह भागते हुए अपनी बहन तारा (मालविका मोहन) से टकराता है. आमिर ड्रग्‍स सप्‍लाई करता है और अपनी जिंदगी में काफी पैसा कमाना चाहता है. जबकि तारा का पति शराबी था जो उसे और आमिर को बहुत मारता था और एक दिन आमिर उन्‍हें छोड़ कर भाग गया. तारा अकेले अपनी जिंदगी की जरूरतों से लड़ रही है और धोबी घाट पर, अक्‍शी (गौतम घोष) के यहां काम करती है. अक्‍शी, तारा और आमिर की जिंदगी एक सुबह अचानक बदल जाती है जब अक्‍शी, तारा का बलात्‍कार करने की कोशिश करता है और तारा उसके सिर पर वार कर देती है. अक्‍शी को घायल करने के लिए तारा को जेल भेज दिया जाता है और अक्‍शी अस्‍पताल पहुंच जाता है. अब आमिर इस कोशिश में लग जाता है कि तारा को जेल से बाहर ला सके और अक्‍शी, जो अस्‍पताल में है वह सच बोले. जेल और अस्‍पताल के बीच घूमते आमिर की जिंदगी में बहुत कुछ होता है और रिश्‍तों की एक खूबसूरत कहानी पर्दे पर उकेरी जाती है.

READ  Egypt की सिंगर ने इतना Adult गाना बनाया की हो गयी जेल, हो सकती है 3 साल की सज़ा-Watch it

दिल बैचन करते हैं कुछ सीन

इस कहानी में बहुत बड़ा तामझाम नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्‍थ‍ितियों के बीच इंसान के भीतर मौजूद अच्‍छाई और भलाई को जिंदा रखने की कोशिश काफी अच्‍छे से दिखाई गई है. फिल्‍म में कुछ सीन दिल को बैचेन कर देते हैं. जैसे एक सीन में वेश्‍यालय में एक महिला अपने कस्‍टमर को लेकर कमरे में जाती है और उस कमरे से अपने बेटी को बाहर खड़ा कर देती है. वह छोटी बच्‍ची उसी कमरे के बाहर खड़ी हो जाती है. अपनी मां के जीविकोपार्जन के तरीके को जैसे इस बच्‍ची ने बड़ी आसानी से स्‍वीकार कर लिया है.

click here for trailer (youtube)

ईशान खट्टर हैं इंडस्‍ट्री के लिए तैयार

एक्टिंग की बात करें तो इस फिल्‍म ने ईशान खट्टर के तौर पर एक जबरदस्‍त एक्‍टर दिया है. ईशान इस फिल्‍म में काफी मेच्‍योर एक्‍टर के तौर पर नजर आएं हैं. हर सीन में जैसे वह ढल से गए हैं. मालविका मोहन भी फिल्‍म में काफी अच्‍छी दिखी हैं. निर्देशन की बात करें तो माजिद मजीदी ने अभी तक फीचर फिल्‍मों के साथ ही कई डॉक्‍यूमेंट्री भी बनाई हैं. ऐसे में उनकी इस फीचर फिल्‍म में भी डॉक्‍यूमेंट्री वाली डिटेलिंग नजर आती है.

छूटे हैं कुछ छोर

यह एक अच्‍छी भावनात्‍मक फिल्‍म है, लेकिन कुछ कमियां भी खली हैं. फिल्‍म का फर्स्‍ट हाफ काफी धीमा है. साथ ही कहानी रिश्‍तों के पनपने पर है, ऐसे में कई बार वह एक ही जगह घूमती सी लगती है. फिल्‍म में वैसे तो ज्‍यादातार एक्‍टर नए हैं, लेकिन जेल में तारा की साथी कैदी के किरदार में एक्‍ट्रेस तनिष्‍ठ चटर्जी को पूरी तरह बर्बाद किया गया है. ‘पार्च्‍ड’ जैसी फिल्‍म में अहम किरदार में नजर आ चुकी तनिष्‍ठा को पर्दे पर देखकर लगता है कि इस किरदार के पास जरूर कुछ बड़ा करने के लिए होगा, लेकिन इतनी उम्‍दा एक्‍ट्रेस का इस्‍तेमाल इस फिल्‍म में सिर्फ खांसने के लिए किया गया है. इसके अलावा कहानी के कई छोर छूटे हुए से लगते हैं.

READ  बॉलीवुड की इन अभिनेत्रियों ने थामा शराब का दामन !

Movie Review ‘नानू की जानू’ : अभय देओल स्टार्र डराती कम हंसाती ज्यादा है..

डायरेक्टर फराज हैदर की फिल्म ‘नानू की जानू’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म में अभय देओल, पत्रलेखा, बृजेंद्र काला, मनु ऋषि लीड रोल में हैं।

कहानी

वैसे तो आपने कई हॉरर और कॉमेडी फिल्में देखी होंगी, लेकिन ‘नानू की जानू’ हॉरर के साथ कॉमेडी का जमकर तड़का देखने को मिलता है। फिल्म ऑडियंस को डराती कम और हंसाती ज्यादा है। फिल्म में आनंद उर्फ नानू (अभय देओल) दिल्ली बेस्ड गुंडा है जो लोगों को डरा धमकाकर उनके मकान पर कब्जा करता है। नानू के इस काम में डब्बू (मनु ऋषि) उसकी पूरी मदद करता है। लेकिन एक दिन अचानक नानू के साथ कुछ अजीबो- गरीब घटना होती है, जिससे वो परेशान हो जाता है। वो डब्बू और पड़ोसियों से भी मदद मांगता है, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं करता।

CLICK FOR TRAILER (YOUTUBE)

 

दरअसल उसका पाला सिद्धि यानी जानू (पत्रलेखा) से पड़ता है, जो असल में भूतनी है। और ये भूतनी, नानू को अपना दिल दे बैठती है। इतना ही नहीं वो चाहती है कि नानू के साथ उसके घर में रहे। अब आप ही सोचिए एक इंसान और भूत में मोहब्बत कैसे हो सकती है। और इसी के बाद फिल्म में शुरू होती है मजेदार कॉमेडी। क्या जानू को नानू मिल पाता है, क्या जानू, नानू से छुटकारा पाने में कामयाब होता है, ऐसे ही और कई सवालों का जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

एक्टिंग

एक्टिंग की बात करे तो अभय देओल पूरी फिल्म में छाए हुए हैं। वे हमेशा लीक से हटकर अपने लिए फिल्म चुनते हैं और इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया है। फिल्म में पत्रलेखा का छोटा सा रोल है। वहीं, मनु ऋषि ऑडियंस को हंसाने का काम तो किया ही साथ ही उन्होंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट भी लिखी है। बृजेंद्र काला ने भी कुमार का छोटा सा रोल अच्छा किया है।

READ  जैकलीन के 'एक दो तीन' गाने पर लीगल एक्शन लेंगे डायरेक्टर-डांस कम ‘सेक्स एक्ट’ ज्यादा लग रहा है

डायरेक्शन

फिल्म का डायरेक्शन ठीक-ठाक है। फराज ने हॉरर को कॉमेडी के साथ पेश किया है। फिल्म के कई सीन्स ऑडियंस को ठहाके लगाने पर मजबूर करते हैं। हालांकि, फिल्म का क्लाइमैक्स काफी कमजोर रहा, जिसे और बेहतर बनाया जा सकता था।

म्यूजिक

फिल्म का संगीत भी ठीक ही है। ‘बिग बॉस’ की कंटेस्टेंट रही सपना चौधरी का फिल्म में एक डांस नंबर है।

Related Post