दिलचस्प चालान -ये चुम्बन पुलिस इतिहास का सबसे तेज चुम्बन साबित हुआ…

ये शायद जर्मनी का सबसे तेज चुंबन है. कम से कम वह चुंबन जिसकी तस्वीर सबूत के तौर पर ली गयी है. जर्मन शहर डॉर्टमुंड में पुलिस ने गाड़ी चलाने के दौरान ये तस्वीर ली और अब ये चुंबन जोड़े को महंगा पड़ेगा.

ट्रैफिक कैमरे से ली गयी पुलिस की एक तस्वीर जो न सिर्फ प्रेम के इतिहास में शामिल हो रही है, पुलिस के इतिहास में भी. जर्मन नेशनल हाइवे 45 पर तेज गाड़ी में चुंबन करता एक जोड़ा पुलिस की पकड़ आया है. गाड़ी की स्पीड 139 किलोमीटर प्रति घंटे थी जबकि वहां सिर्फ 100 किलोंमीटर स्पीड की अनुमति थी. लेकिन सवाल सिर्फ स्पीड का ही नहीं है, पुलिस कैमरे में आयी तस्वीर ये भी दिखाती है कि चुंबन के दौरान ड्राइवर सड़क पर कुछ भी देखने की हालत में नहीं था.

पुलिस अधिकारियों ने जोड़े के एक दूसरे के लिए स्नेह दिखाने के प्रति समझदारी दिखाई है और फेसबुक पेज पर लिखा है, “ऐसा नहीं है कि स्नेह का आदान प्रदान अपने आप में निंदनीय हो, लेकिन हमारे नजरिये से 139 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाना अच्छा आयडिया नहीं था.”

ड्राइवर को अब इस गलती के लिए जुर्माना देना होगा और नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए बने फ्लेंसबुर्ग रजिस्टर में उसे एक प्वाइंट भी मिल जायेगा. 8 प्वाइंट होने पर ड्राइवर से उसका लाइसेंस ले लिया जाता है. और ड्राइवर के साथ गाड़ी में बैठी उसकी साथी का क्या होगा? पुलिस के अनुसार, “उसे इसके लिए कोई सजा नहीं मिलेगी. शायद वह जुर्माने को भरने में अपने साथी का हाथ बंटायेगी? आखिरकार चुंबन में हमेशा ही दो लोगों की हिस्सेदारी होती है.”

स्पीड लिमिट से ज्यादा तेज गाड़ी चलाने पर किस देश में कितना चालान

स्पीड लिमिट से ज्यादा तेज गाड़ी चलाने पर दुनिया के कई देशों में भारी जुर्माना और सजा के प्रावधान है. ट्रैफिक को ठीक रखने के लिए कई जगहों पर ढेर सारे कैमरे लगाए जाते हैं. एक नजर अलग अलग देशों के चालान पर.

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नॉर्वे
शहर और गांवों में स्पीड लिमिट 50 किमी प्रतिघंटा, आबादी के बाहर मेन रोड पर 80 और हाईवे पर स्पीड लिमिट 100 किमी प्रतिघंटा है. लिमिट से डेढ़ गुना ज्यादा तेज गाड़ी चलाने पर लाइसेंस जब्त और 500 से 788 यूरो तक जुर्माना है. बहुत ही तेज गाड़ी चलाने पर जेल की सजा है

फ्रांस और मोनाको
रिहाइशी इलाकों में 90, गैर रिहाइशी इलाकों में 130 और हाइवे पर 170 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ी चलाने पर फ्रांस और मोनाको में लाइसेंस कुछ महीनों के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है. इससे भी तेज गाड़ी चलाने पर जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है.

स्पेन
स्पेन में शहरों की चौड़ी सड़कों पर 50 किमी प्रतिघंटा. आबादी के बाहर मेन रोड पर 80 किलोमीटर प्रतिघंटा और हाईवे पर पर 120 किमी प्रतिघंटा स्पीड लिमिट है. अगर स्पीड लिमिट के ऊपर 21 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ी चलाई जाए तो जुर्माना देना पड़ता है. बहुत ही तेज गाड़ी चलाने पर जेल और भारी जुर्माना है.

जर्मनी
रिहाइशी इलाकों में 50, गैर रिहाइशी इलाकों में 100 किमी प्रतिघंटा स्पीड लिमिट है. तयशुदा रफ्तार से 10 फीसदी से ज्यादा तेज गाड़ी चलाने पर जुर्माना है. बहुत तेज गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माना और कुछ समय के लिए लाइसेंस जमा करना पड़ता है. हालांकि जर्मनी में हाईवे के कई हिस्से स्पीड फ्री भी हैं.

यूके
रिहायशी इलाकों में 95, गैर रिहायशी इलाके में 145 और हाइवे पर 160 किमी की रफ्तार से गाड़ी चलाने पर यूनाइटेड किंगडम में भी लाइसेंस जब्त हो जाता है. 48, 96 और 112 की स्पीड लिमिट को 10 फीसदी पार करना चल जाता है.

स्विट्जरलैंड
जोन 50 में 75 किमी प्रतिघंटा, जोन 80 में 110 किमी प्रतिघंटा और हाइवे पर 155 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ी चलाई तो भारी जुर्माने के साथ लाइसेंस जमा हो जाएगा.

नीदरलैंड्स
देश में मुख्य तौर पर तीन तरह की स्पीड लिमिट है, 50, 80 और 120 किमी प्रतिघंटा. इसके जरा भी ऊपर जाते ही भारी जुर्माना है. अगर स्पीड 50 किमी प्रतिघंटा ज्यादा हो तो अथाह जुर्माने के साथ लाइसेंस जमा करना पड़ता है.

इटली और लक्जेमबर्ग
दोनों देशों में स्पीड लिमिट 50, 90 और 130 है. स्पीड लिमिट से 40 किमी प्रतिघंटा ऊपर जाते ही भारी जुर्माना और लाइसेंस सस्पेंड हो जाता है.

भारत
दूर दूर तक स्पीड बताने वाले साइन बोर्ड नहीं दिखते. दिखते भी हैं तो उन्हें कोई नहीं पूछता. वैसे कानूनी तौर पर भारत में ओवरस्पीडिंग के लिए दो तरह के चालान है, एक 300 रुपये का, दूसरा 1000 रुपये का. लाइसेंस को कुछ नहीं होता.

क्या रानी मुखर्जी से झगड़े की वजह से काजोल को यशराज बैनर की फिल्में मिलना हो गई बंद?

बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी और काजोल का नाम आज सफल एक्ट्रेस में शुमार है। रिश्ते में दोनों अभिनेत्रियां कजिन सिस्टर्स हैं। कहा जाता है कि बहन का रिश्ता होने के बावजूद दोनों के बीच रिश्ते बचपन से ही खराब हैं। एक समय ऐसा था जब काजोल यशराज फिल्म्स के लिए लकी हिरोइन मानी जाती थीं और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्रियों में भी शुमार थीं।

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काजोल ने यशराज फिल्म्स के बैनर तले कई फिल्मों में काम किया, जिसमें ‘दिललगी’, ‘दिल वाले दुल्हिनयां ले जाएंगे’ और ‘फना’ शामिल हैं। पिछले कुछ सालों से काजोल को यशराज फिल्म्स ने साइन नहीं किया है, कहा जाता है कि इसके पीछे का कारण है रानी और काजोल का झगड़ा। रानी मुखर्जी की वजह से ही काजोल को इस बैनर की फिल्में मिलना बंद हो गई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यशराज चोपड़ा के समय यशराज प्रोडक्शन हाउस की क्वीन काजोल को माना जाता था। लेकिन चीजें तब बदल गईं जब यशराज फिल्म्स का कार्यभार आदित्य चोपड़ा ने संभाल लिया। यश चोपड़ा की काजोल फेवरेट हिरोइन हुआ करती थीं, यहां तक की काजोल को बतौर अभिनेत्री आदित्य चोपड़ा भी बेहद पसंद करते थे। लेकिन असल में चीजें में तब बदल गईं जब आदित्य चोपड़ा रानी मुखर्जी को अपना दिल दे बैठे। कहा जाता है कि काजोल और रानी के बीच झगड़े की वजह परिवार के बीच हुए प्रॉपर्टी को माना जाता है।

करण जौहर की फिल्म ‘कुछ कुछ होता हैं’ में आदित्य ने करण जौहर को रानी को कास्ट करने की बात कही थी। फिल्म में रानी के अपोजिट काजोल थीं। क्रिटिक्स ने फिल्म में रानी के अभिनय को सराहा और क्रेडिट भी दिया इस बात से काजोल खुश नहीं था। कहा जाता है कि काजोल उस वक्त एक सफल हिरोइन थीं जबकि रानी बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रही थीं, लेकिन काजोल ने अपनी बहन का साथ नहीं दिया। यश चोपड़ा ने कुछ समय के बाद रानी और आदित्य के रिश्ते को हरी झंडी दे दी थी। माना जाता है कि यश चोपड़ा के निधन के बाद रानी ने प्रोडक्शन हाउस का चार्ज संभाल लिया और काजोल का नाम हमेशा के लिए बाहर कर दिया। यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म ‘जब तक है जान’ के प्रीमियर के लिए भी काजोल नहीं बुलाया गया था।

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