10 साल तक किसान समझता रहा मामूली पत्थर, लेकिन राज खुला तो एक झटके में हो गया अरबपति

फिलीपींस में एक मछुआरे के पास 10 साल तक 670 करोड़ का मोती पड़ा रहा। लेकिन वो गरीबी में अपनी जिंदगी गुजारता रहा। दरअसल मछुआरे को पता ही नहीं था कि उसके बिस्तर के नीचे जो चीज पड़ी हुई है वो 670 करोड़ रुपए का कीमती मोती है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब उसका घर जल गया और वो दूसरी जगह जाने लगा तो उसने वो एक पर्यटन अधिकारी को सौंपा। जब उस अधिकारी ने देखा तो दंग रह गया। वो हीरा था जिसकी कीमत करोड़ों में है।

कहां से मिला था मोती?

मछुआरे ने बताया कि साल 2006 में वो पालावान द्वीप स्थित समुद्र के पिलीपींस तट पर मछली पकड़ने गया था। जब वो नाव खोल रहा था तब उसे नाव के नीचे कुछ अटका हुआ महसूस हुआ। जब नीचे उतरकर देखा तो एक बड़ा मोती जाल में फंसा हुआ था। हालांकि उस वक्त मछुआरे को पता नहीं था वो मोती है। उसने तो एक खूबसूरत दिखने वाली चीज समझकर अपना गुडलक मानकर घर ले आया और अपने बिस्तर के नीचे रख दिया।

कब हुआ खुलासा?

मोती को बिस्तर के नीचे रखकर मछुआरा भूल गया। करीब दस साल बीत गए। एक दिन उसके घर में आग लग गई। जिसके बाद वो घर छोड़कर जा रहा था। उसी दौरान मछुआरे ने उस विशालकाय चीज को एक पर्यटन अधिकारी को सौंप दिया। जब पर्यटन अधिकारी ने उसे देखा तो दंग रह गया। वो 2.2 फुट लंबा एक फुट चौड़ा और 34 किलोग्राम वजन वाला मोती था। जिसकी बाजार में कीमत 670 करोड़ रुपए है।

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दुनिया का सबसे बड़ा मोती

मछुआरे को जो मोती मिला था वो 34 किलो. का था। उसे दुनिया का सबसे बड़ा मोती कहा जा रहा है क्योंकि ये 6.4 किलो. वजनी पर्ल ऑफ अल्लाह से कई गुना बड़ा है। बता दें कि पर्ल ऑफ अल्लाह को अब तक का सबसे बड़ा मोती माना जाता था। जिसकी बाजार में कीमत 260 करोड़ रुपए है। अब दुनिया के सबसे बड़े को पब्लिक प्लेस में प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। 15 साल पहले मिला था 6 इंच के एलियन का कंकाल! अब वैज्ञानिकों ने बताई ये अजीब बात

70 सालों से बंद था इस घर का ये कमरा, खुलते ही जागी परिवार की सोई किस्मत

आपके अपार्टमेंट में भी अगर कोई दरवाजा ऐसा है, जो काफी समय से खोला नहीं गया है, तो आपके लिए ये खबर काम की हो सकती है। पेरिस में 1939 में जब नाजियों ने अटैक किया था, तब वहां रहने वाले कई लोग घर छोड़कर भाग गए थे। इनमें से ज्यादातर लोग बाहर ही सेटल हो गए और कभी लौट कर नहीं आए। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद इन घरों के बारे में भुला ही दिया गया। लेकिन एक परिवार सालों बाद वापस पेरिस लौटा और जब घर का दरवाजा खुला, तो सभी की आंखें खुली रह गईं। कीमती समानों से भरा था घर…

पेरिस में रहने वाली मैडम डी फ्लोरियन ने जब नाजियों के डर से घर छोड़ा था, तब वो मात्र 23 साल की थीं। जान बचाने के लिए वो उस जगह चली गईं जहां नाजियों का डर नहीं था। उनका वापस पेरिस जाने का कोई इरादा नहीं था। 2010 में जब फ्लोरियन की मौत हुई, तब उनके परिवार को पता चला कि पिछले 70 सालों से फ्लोरियन पेरिस के अपने घर का रेंट भर रही थीं।

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फ्लोरियन की फैमिली ने सालों से बंद अपने घर के दरवाजे जब खोले, तो सभी हैरान रह गए। घर के अंदर बेशकीमती चीजें, जैसे पेंटिंग्स और उस दौर के सामान भरे थे, जिनकी कीमत अब लाखों-करोड़ों में थी। फ्लोरियन का मेकअप किट अब विंटेज बन चुका था और क्रीम और पोशंस से भरा था। इसके अलावा कई बेशकीमती पेंटिंग्स घर की दीवारों की शोभा बढ़ा रहे थे।

नीलामी में कमाए करोड़ों

फ्लोरियन की फैमिली ने अपने इस पुराने घर के कई सामान की नीलामी की। इनमें से एक पेंटिंग को 21 करोड़ से भी ज्यादा में बेचा गया। सालों से बंद घर के दरवाजे किसी की किस्मत खोल देंगे, इसकी जानकारी कहां किसी को थी।