शास्त्रों से- शंख से जुड़ी 7 ऐसी बातें जो कम लोग ही जानते हैं

हिंदू धर्म में कई प्रकार के धार्मिक तौर-तरीके और परंपराएं हैं। जिनका हमारे जीवन में गहरा महत्व है। ऐसे सभी कर्मों के पीछे धार्मिक महत्व के साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी है। ऐसी ही एक परंपरा है शंख बजाना। जानिए शंख बजाने से जुड़ी खास बातें…

1.शंखनाद यानी शंख बजाना शुभ माना जाता है। इसीलिए पूजा-पाठ के अलावा विवाह, विजय के उत्सव, राज्याभिषेक, हवन और किसी के आगमन के समय आमतौर पर शंख बजाया जाता है।

2. शंख बजाने से हम स्वस्थ रहते हैं। कई रोगों के कीटाणु भी दूर हो जाते हैं। पुराने समय में युद्ध का आरंभ और अंत शंखनाद से ही होती थी। ऐसा कहते हैं कि इसकी ध्वनि दुश्मनों को कमजोर करती है।

3. शंखनाद में प्रदूषण को दूर करने की अद्भुत क्षमता होती है। शंख की आवाज जहां तक जाती है, वहां तक कई रोगों के कीटाणु खत्म हो जाते हैं या फिर वे निष्क्रिय हो जाते हैं।

4. शंख की ध्वनि कई रोगों में लाभदायक है। शंख की ध्वनि लगातार सुनना हृदय रोगियों के लिए लाभदायक है। इससे हार्ट अटैक की संभावनाएं कम होती हैं।

5. शंखनाद पर हुए कई शोधों का यह निष्कर्ष निकाला कि इसकी तरंगें बैक्टेरिया नष्ट करने के लिए एक तरह से श्रेष्ठ और सस्ती औषधि है। इससे हैजा, मलेरिया के कीटाणु भी नष्ट होते हैं।

6. शंख ध्वनि से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। मानसिक तनाव, ब्लडप्रेशर, मधुमेह, नाक, कान और पाचन से संबंधित रोगों में रक्षा होती है।

7. पूजा-पाठ के बाद शंख में भरा जल श्रद्धालुओं पर छिड़का जाता है और उसे हम पीते भी हैं। इसमें कीटाणुनाशक शक्ति होती ही है, साथ ही इसमें गंधक, फास्फोरस और कैल्शियम के तत्व भी होते हैं। शंख-जल छिड़कने या पीने से शरीर के कई रोग दूर हो जाते हैं।

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