‘काला सागर’ में दुनिया की दो महाशक्तियों के बीच तनातनी, रूस के बाद अमेरिका ने उतारा जंगी जहाज

वाशिंगटन: पिछले कुछ समय से अमेरिका और रूस के बीच तनातनी शांत होने की खबरें आ रही थीं, लेकिन अब हालात एक बार फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं. इस बार काला सागर के मुद्दे को लेकर दोनों देश आमने-सामने है. काला सागर में रूस की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए अमेरिकी नौसेना ने भी यहां अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है. लंबे समय बाद ऐसा हुआ कि काला सागर में अमेरिका ने अपने दो युद्धपोतों को तैनात किया है. अमेरिकी न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ से बातचीत में एक अमेरिकी सेना अधिकारी ने इसका खुलासा किया है.

आमने-सामने आए थे रूसी, अमेरिकी विमान
पिछले महीने अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में काला सागर के ऊपर रूसी सैन्य विमान एसयू-27 और अमेरिकी लड़ाकू विमान ईपी-3 असुरक्षित तरीके से एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने कहा कि रूसी सेना द्वारा हाल में असुरक्षित तरीके से किए गए अभ्यास को लेकर अमेरिका बेहद चिंतित है.

हालांकि, इस घटना की खबर सबसे पहले सोमवार को रूसी समाचार एजेंसी आरआईए ने दी थी, जिसने रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया था कि रूसी लड़ाकू जेट विमान ने अमेरिकी नौसेना के ईपी-3ई एरिज द्वितीय का रास्ता रोका और इसे रूसी हवाईक्षेत्र का उल्लंघन करने से रोक दिया.

काला सागर में लगातार बढ़ रहा तनाव
मालूम हो कि मौजूदा समय में काला सागर क्षेत्र में काफी तेजी से तनाव बढ़ा है. 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया पर कब्‍जा के बाद रूस ने इस क्षेत्र में अपने सुरक्षा बलों को मजबूत किया है. हालांकि रूस के इस कदम का बड़े पैमाने पर अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय ने विरोध किया. अमेरिका भी इसमें शामिल है और अब उसने इस चिंताजनक स्थिति से निपटने का फैसला किया है.

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रूस ने बीते रविवार को काला सागर क्षेत्र में खुद की नौसेना तैनाती का ऐलान किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि कई अभ्‍यासों के लिए एक रूसी युद्धपोत एडमाइरल एसेन और दो निगरानी जहाजों ने काला सागर में प्रवेश किया है.

अमेरिकी सेना अधिकारी ने कहा कि काला सागर में कार्नी और रॉस दोनों युद्धपातों को तैनात करने का फैसला रूस को उस क्षेत्र में कमतर करने के प्रयास के तहत किया गया है. काला सागर पूर्वी यूरोप, काकेशस और पश्चिमी एशिया के बीच में स्थित है.