साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, दुनिया के इन हिस्सों में आएगा नजर

 पिछले दिनों भारत में सभी ने नए साल में चांद पर लगने वाले ग्रहण के बाद उसके कई सारे रंगों का दीदार किया. अब वर्ष 2018 का पहला सूर्य ग्रहण आज (गुरुवार) को देखने को मिलेगा. गुरुवार को अमेरिका, ब्राजील और उरुग्वे में सूर्य ग्रहण को आसानी से देखा जा सकेगा. बात दें कि भारत में इसका प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इसको देख पाना नामुमकीन है. भारत में सूर्य ग्रहण की तिथियों और उसके होने के वक्त को लेकर ज्योतिष और आम लोगों में काफी उत्सुक होते हैं. यह कोई पहला मौका नहीं है जब भारत में सूर्य ग्रहण ना देखा जा सके, इससे पहले भी कई बार सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा गया है.

आज दिखेगा आंशिक सूर्यग्रहण
15 फरवरी 2018 को होने वाला यह सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्यग्रहण है. विश्व के कुछ चुनिंदा देशों में ही इसे देखा जा सकेगा. भारतीय समयानुसार आज लगने वाला सूर्यग्रहण 15 फरवरी की रात 12 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा और सुबह लगभग चार बजे ग्रहण का मोक्ष यानी यह समाप्त होगा. इस खगोलीय घटना को दक्षिणी गोलार्द्ध के हिस्‍सों में देखा जा सकेगा. इसके तहत अंटार्कटिका, अटलांटिक महासागर के दक्षिणी हिस्‍सों और साउथ अमेरिका के दक्षिणी हिस्‍से में इसको देखा जा सकेगा. यह आंशिक सूर्यग्रहण होगा जो भारत में नहीं दिखाई देगा. इसके बाद अगला सूर्यग्रहण इसी साल 11 अगस्‍त को देखने को मिलेगा लेकिन उसको भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा.

आखिर क्या होता है सूर्यग्रहण
जब सूर्य और पृथ्‍वी की कक्षा के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य पर इसकी छाया पड़ती है. आंशिक सूर्यग्रहण में चंद्रमा, सूर्य और पृथ्‍वी एक सीधी रेखा में नहीं आते और चंद्रमा की कुछ छाया सूर्य की सतह पर पड़ती है. पूर्ण सूर्यग्रहण में ये सीधी रेखा में आ जाते हैं. लिहाजा चंद्रमा की वजह से सूर्य की किरणें पृथ्‍वी तक नहीं पहुंच पातीं. नतीजतन कुछ पलों के लिए पूरी तरह से अंधेरा होने की स्थिति उत्‍पन्‍न हो जाती है. आंशिक चंद्रगहण हर छह महीने में पड़ता है जबकि पूर्ण सूर्यग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है. पिछला पूर्ण सूर्यग्रहण पिछले साल 21 अगस्‍त को देखने को मिला था. नासा के मुताबिक आंशिक या पूर्ण सूर्यग्रहण दोनों में से किसी को भी नग्‍न आंखों से देखना सुरक्षित नहीं होता. इससे पहले दूसरी खगोलीय घटना चंद्रग्रहण इसी 31 जनवरी को देखने को मिली थी.

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