आखिर क्यों लोगों के सामने ही डूबकर मर गई थी यह महारानी, पढ़ें पूरी कहानी

सुनंदा कुमारी रत्ना का जन्म 1860 में हुआ था और 1880 यानी महज 19 साल की उम्र उनकी मौत हुई जब वह गर्भवती भी थीं।

सभी जानते हैं कि राज शाही परिवार की लाइफस्टाइल आम लोगों के मुकाबले काफी अलग होती है। उनके खुद के नियम-काननू होते हैं लेकिन कभी-कभी शाही लोगों के बनाए गए कानून उन्हीं पर भारी पड़ जाते हैं। आज हम ऐसे ही किस्से के बारे में बता रहे हैं जहां शाही नियम की की वजह से रानी को अपनी जान गवानी पड़ी थी। साल 1880 में एक रानी की मौत सिर्फ इसलिए हो गई थी क्योंकि शाही लोगों को छूना मना था। चलिए बताते हैं आखिर क्या था पूरा मामला।

हम बात कर रहे हैं थाइलैंड के राजा मोंगुट की बेटी सुनंदा कुमारी रत्ना की। सुनंदा की मां का नाम रानी श्री बजारींद्र था जिन्हें प्रिंसिस कॉनसर्ट पैम भी कहा जाता था। साल 1880 में सुनंदा की मौत पानी में डूबने से हुई थी। हैरानी की बात यह है कि जब रानी सुनंदा डूब रही थीं तब उनके आसपास काफी लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने उन्हें नहीं बचाया।

 

दरअसल रानी सुनंदा के साथ जब यह हादसा हुआ वह नाव में बैंग-पा महल की ओर जा रही थीं। तभी महल की ओर जाते वक्त उनकी नाव पानी में डूबने लगी। ऐसा नहीं था कि उनके आसपास मौजूद लोगों में कोई तैराक नहीं था बल्कि काफी अच्छे तैराक रानी के आसपास ही थे, बावजूद इसके किसी ने उन्हें बचाने की कोशिश भी नहीं की।

रानी सुनंदा की मौत उन्हीं के परिवार के बनाए गए नियम की वजह से हुई थी। क्योंकि शाही लोगों को छूने पर भी पांबदी थी। इसी डर की वजह से कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया और रानी पानी में डूबकर मर गई। सुनंदा कुमारी रत्ना का जन्म 1860 में हुआ था और 1880 यानी महज 19 साल की उम्र उनकी मौत हुई जब वह गर्भवती भी थी। सुनंदा का यह दूसरा बच्चा था जो उन्हीं के साथ मर गया, इससे पहले सुनंदा ने 1978 में एक लड़की को जन्म दिया था।

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