दुबई जाने वालों को पता होनी चाहिए ये 10 बातें, वरना फंस सकते हैं मुसीबत में

एजेंट्स खाड़ी देशों में ड्राइवर, खलासी, मेडिकल स्टोर कीपर के नाम पर लोगों को फंसाते हैं।

यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का 2 दिसंबर को राष्ट्रीय दिवस है। इसी दिन 1972 को 6 किंगडम एक हुए और यूएई की स्थापना हुई। यूएई मिडल ईस्ट एशिया का वो देश है, जो सात छोटे अमीरात (शेख शासित राज्य) आबु धाबी, दुबई, शारजाह, रस अल-खैमा, अजमन, उम्म अल-कैवैन और फुजैरह से मिलकर बना है। इसी सिलसिले में आज हम बात कर रहे हैं दुनिया के खूबसूरत शहरों में शुमार दुबई की, जहां अक्सर भारतीय और अन्य गरीब देशों के लोग पैसे कमाने पहुंचते हैं। अधिकतर मामलों में देखा गया है कि यहां आने वाले लोग मुसीबत में भी फंस जाते हैं। कभी-कभी तो वापस देश लौटना भी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि एजेंट्स खाड़ी देशों में ड्राइवर, खलासी, मेडिकल स्टोर कीपर के नाम पर लोगों को फंसाते हैं। जब लोग यहां पहुंचते हैं तो घरों के काम से लेकर मजदूरी तक करवाई जाती है।

 

दुबई में दवाओं की खरीद-फरोख्त के लिए भी बहुत कड़े नियम हैं। यहां दवाओं के इस्तेमाल को भी नशा करने की श्रेणी में रखा गया है। अगर आप चैकिंग के समय दवाओं के साथ पकड़े गए तो डॉक्टर की पर्ची दिखाना अनिवार्य है। कुछ दवाओं पर तो इतनी सख्ती है कि डॉक्टर की पर्ची के बिना पकड़े जाने पर सीधे जेल भेज दिया जाता है। इसके बाद आपको लंबी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। जुर्म साबित हो जाने की स्थिति में चार साल तक की जेल भी हो सकती है।

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दुबई में आप बिना शादी किए शारीरिक संबंध नहीं बना सकते। इसके लिए तो इतने सख्त कानून हैं कि आजीवन कैद से लेकर मौत की सजा भी हो सकती है। वहीं, जॉब के दौरान आप प्रेम-संबंध नहीं बना सकते। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर पार्टनर के गले में बाहें डालकर चलना या किस करना सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है।

दुबई में ड्राइवर की नौकरी आसानी से मिल जाती है, क्योंकि यहां शेखों का राज है। यहां रहने वाली 90 फीसदी आबादी अमीर है और इनके पास तरह-तरह की ढेरों गाड़ियां भी हैं। लेकिन, यहां ड्राइविंग की नौकरी आसान नहीं। ड्राइवर की जरा सी भी लापरवाही से उसे भारी जुर्माने या जेल जाने का सामना करना पड़ सकता है। भारतीयों के लिए सबसे मुश्किल बात यह होती है कि यहां लेफ्ट हैंड ड्राइव सिस्टम है। इससे अक्सर कन्फ्यूजन पैदा हो जाता है। गलती से भी रॉन्ग साइड जाने पर सड़कों और चौराहें पर लगे कैमरों की नजर से ड्राइवर बच नहीं सकता। यहां की चौड़ी-चौड़ी सड़कों पर अधिकतर कारें ही नजर आती हैं।

यहां घरेलू नौकरों को कोई अधिकार प्राप्त नहीं हैं। इसीलिए घरेलू नौकरों की स्थिति अच्छी नहीं है। दूसरे देशों से एजेंट्स के जरिए मजदूर मंगवाए जाते हैं। इनके पासपोर्ट पहले ही मालिक जब्त कर लेता है, जिससे कि वह अपनी मर्जी से देश छोड़ ही न सके। अक्सर मालिकों द्वारा नौकरों को मारने-पीटने से लेकर उन्हें झूठे आरोप में जेल भी भिजवा दिया जाता है।

यूएई में शराब पर प्रतिबंध है। यहां शराब पीने के लिए लायसेंस लेना पड़ता है। हालांकि, विदेशियों के लिए होटलों में शराब की व्यवस्था होती है, लेकिन शराब पीकर आप घूम-फिर नहीं सकते। लायसेंस लेकर भी अगर आप शराब पी रहे हैं तो घर की चार-दीवारी के अंदर ही पी सकते हैं। वहीं, जॉब की बात की जाए तो इसके लिए बहुत सख्त नियम हैं। अगर आप जॉब के समय शराब या ड्रग्स के नशे में पकड़े गए तो सीधे जेल की सलाखों के पीछे होंगे। इतना ही नहीं, बिना लायसेंस के अपने पास शराब रखना भी गैर-कानूनी है।

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यूएई के सख्त नियमों में फिजिकल रिलेशन भी है। इसके अंतर्गत यहां कोई भी स्त्री-पुरुष बिना शादी के फिजिकल रिलेशन नहीं बना सकता। अगर आप ऐसा करते हुए पकड़े जाते हैं तो गिरफ्तार करने के अलावा निर्वासित भी किया जा सकता है, साथ ही मौत की सजा का भी प्रावधान है।

यहां मजदूरों के लिए एक बड़ी समस्या आती है रहने की जगह की। कम तनख्वाह में अपना पेट पालने, घर पैसे भेजने के बाद अधिकतर मजदूरों के पास इतना पैसा नहीं बचता कि वो रहने के लिए कमरा या घर किराए पर ले सके। इसके लिए यूएई सरकार ने नए नियम बनाए हैं। इसके अनुसार जो मजदूर कंपनी के साथ 2000 दिरम से कम तनख्वाह पर काम कर रहे हैं, उनके लिए कंपनी को रहने के लिए मुफ्त जगह मुहैय्या करवाना जरूरी होगा।

हालांकि, यह कानून सिर्फ उन कंपनियों के लिए है, जहां मजदूरों की संख्या 50 से अधिक है। ऐसे में अगर आपको वह कंपनी रहने की व्यवस्था नहीं करती है तो आप मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

भारत सहित दुनियाभर के तमाम देशों में लोगों को इनकम टैक्स देना होता है, लेकिन दुबई में ऐसा नहीं है। यहां के लोगों को इनकम टैक्स देने की जरूरत नहीं होती है। रोचक बात यह भी है कि यहां एक लीटर पेट्रोल 90 फिल्स (1 दिरहम से भी कम) में मिलता है पर एक लीटर वाली पानी की बोतल दो दिरहम की आती है. यहां मीठे पानी की व्यवस्था केवल समुद्री पानी को डिसैलिनेट करके की जाती है, लेकिन यहां पानी की कमी नहीं है।

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खाड़ी देशों में जॉब के लिए लोगों की पहली पसंद ‘दुबई’ शहर है, क्योंकि यहां रोजगार के ढेरों अवसर हैं। इसके चलते दुनिया भर से गरीब लोग दुबई जाकर पैसा कमाने की चाहत रखते हैं। दुबई जाने के लिए अक्सर लोग ठगी करने वाले एजेंट्स के चक्कर में भी फंस जाते हैं। एजेंट्स के चक्कर में फंसने वाले लोग दुबई पहुंच तो जाते हैं, लेकिन अपनी मर्जी से वापस लौट नहीं पाते। क्योंकि, मालिक पहले ही उनका पासपोर्ट अपने पास रख लेते हैं, जिससे कि उस व्यक्ति का जितना चाहे इस्तेमाल कर सकें। इसके लिए जरूरी है कि खाड़ी देशों का टिकट लेने से पहले वहां रहने वाले किसी अपने परिचित से जॉब की पूरी जांच करवा लें।