जेड या वाई कैटगरी की सुरक्षा, जानिए- किसमें कितने सुरक्षाकर्मी?

केंद्र सरकार ने बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और जीतन राम मांझी की जेड प्लस की सुरक्षा में कटौती करते हुए उन्हें जेड कैटगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। केंद्र के इस फैसले से लालू यादव की पार्टी राजद और उसके नेता काफी नाराज हैं। बिहार में इस मसले पर सियासी संग्राम छिड़ गया है।

लालू के बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने तो यहां तक कह डाला कि वो पीएम मोदी की खाल उधेड़वा लेंगे। राजद नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार मिलकर लालू यादव के मर्डर की साजिश रच रहे हैं। आइए, अब जानते हैं कि आखिर जेड प्लस और जेड सिक्योरिटी क्या है? जेड प्लस से जेड कैटगरी में सुरक्षा व्यवस्था बदलने से क्या पर्क पड़ सकता है?

भारत में नेताओं, अधिकारियों या किसी शख्स की सुरक्षा खतरों को देखते हुए उन्हें सरकार और पुलिस द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। खतरों को देखते हुए ही जेड प्लस, जेड, वाई या एक्स कैटगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया जाता है। इस तरह की सुरक्षा पाने वाले अधिकांश लोग केंद्र सरकार के मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, मशहूर राजनेता और कुछ सीनियर ब्यूरोक्रेट्स होते हैं। भारत में फिलहाल करीब 450 लोगों को इस तरह का सुरक्षा कवच मिला हुआ है। इनमें से 15 को जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा मिली हुई है।

जेड प्लस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इनमें 10 एनएसजी और एसपीजी कमांडो होते हैं और शेष पुलिस दल के लोग होते हैं। यह सुरक्षा वीवीआईपीज को मिली होती है। सुरक्षा के पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी की होती है, जबकि दूसरे लेयर में एसपीजी के अधिकारी होते हैं। इनके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं। जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी कमांडो सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं।

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जेड कैटगरी में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इनमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान सुरक्षा में तैनात होते हैं। जेड कैटगरी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को एक एस्कॉर्ट कार भी मिली होती है।

वाई कैटगरी में 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर्स (पीएसओ) शामिल होते हैं।एक्स कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिनमें एक पीएसओ शामिल होता है।

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