कर्जों से चाहिए मुक्ति तो करें शंख से भगवान कृष्ण का पूजन

हिंदू पंचाग के अनुसार मार्गशीर्ष का महीना शुरु हो चुका है। इस माह में भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इसी माह में भगवान विष्णु की सहायता से समुद्र मंथन हुआ था। विष्णु पुराण के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले रत्नों में से शंख एक रत्न माना जाता है। मंथन के समय ही माता लक्ष्मी प्रकट हुई थी इसलिए माता लक्ष्मी को समुद्र की पुत्री माना जाता है। अष्टसिद्धि और नवसिद्धि में शंख का अधिक महत्व माना जाता है। यश, कीर्ति और लक्ष्मी आदि को शंख का रुप माना जाता है। शंख का जल सबको पवित्र करने वाला माना जाता है, इसलिए हमेशा आरती के बाद शंख से जल छिड़का जाता है।

भगवान विष्णु के हाथों में चक्र, गदा, कमल के साथ शंख लिए हुए भी दिखाए जाते हैं। शंख के पूजन से भी घर में शुद्धि आती है। घर में जल के स्त्रोत पर शंख रखने से धन-धान्य की कमी नहीं होती है। इस माह में कृष्ण भगवान कृष्ण के पूजन के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। भगवान कृष्ण को शंख बहुत प्यारा है। उनके भजन-कीर्तन और पूजा आदि में भगवान कृष्ण में शंख के प्रयोग से वो प्रसन्न होते हैं। इसी तरह के कुछ उपाय हैं जिनका प्रयोग मार्गशीर्ष माह में करें जाए तो अवश्य ही आपके जीवन से सभी तरह की आर्थिक परेशानियां खत्म हो जाती हैं।

1. मार्गशीर्ष महीने में दक्षिणावर्ती शंख में दूध भरकर विष्णु भगवान को चढ़ाएं। ऐसा करने से आर्थिक परेशानी खत्म हो सकती है।
2. भगवान विष्णु के मंदिर में दक्षिणावर्ती शंख चढ़ाएं। ऐसा करने से भी धन संबंधित समस्याएं खत्म हो सकती है।
3. जहां पीने का पानी रखते हैं, वहां दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर रखें। ऐसा करने से घर से पितृदोष खत्म हो जाएंगे।
4. मोती शंख में साबूत चावल भरकर इसकी पोटली बनाकर अपनी तिजोरी में रखें। इससे धन संबंधी परेशानी खत्म होगी।
5. घर के मंदिर में दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना करें। इसकी नियमित पूजा करें। आर्थिक समस्याएं खत्म हो सकती है।
6. दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल और केसर मिलाकर माता लक्ष्मी को चढ़ाएं।
7. किसी पवित्र नदी में शंख प्रवाहित करें और मां लक्ष्मी से मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

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