पद्मावती विरोध: खून से लिखे जा रहे खत, गृह मंत्रालय की नजर

इलाहाबाद

फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद लगातार गहराता ही जा रहा है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने गुरुवार को इलाहाबाद के सोहबतिया बाग में दुर्ग से छपरा जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस को रोक कर प्रदर्शन किया। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि पद्मावती की रिलीज से जुड़े पूरे विवाद पर उसकी नजर है और किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय का कहना है कि यूपी सरकार के पत्र के मद्देनजर पद्मावती को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर उसकी नजर है, लेकिन अभी दखल का कोई इरादा नहीं है।

इससे पहले करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र नाथ ने कहा कि हमें उकसाना जारी रखा गया तो हम अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काट देंगे। उन्होंने कहा कि हमने 1 दिसंबर को फिल्म के रिलीज के दिन भारत बंद का भी ऐलान किया है। बता दें कि दीपिका ने फिल्म के विरोध की आलोचना करते हुए कहा था कि कोई भी पद्मावती को रिलीज होने से रोक नहीं सकता है। यही नहीं उन्होंने कहा था कि लगता है हम एक देश के तौर पर पीछे जा रहे हैं।

राजपूत करणी सेना के महीपाल सिंह मकराना ने एक विडियो में कहा, ‘राजपूत कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाते। लेकिन, इसकी जरूरत पड़ी तो हम दीपिका के साथ वह सलूक करेंगे, जो लक्ष्मण ने शूपर्णखा के साथ किया था।’ वहीं, जयुपर में सर्व ब्राह्मण महासभा नामक संगठन के सदस्यों ने पद्मावती के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने कहा कि हम अपने फिल्म पर रोक लगाने की मांग के लिए सेंसर बोर्ड को अपने खून से लिखे पत्र भेजेंगे।

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