3 हजार करोड़ में नीलाम हुई लियोनार्दो दा विंची की यह पेंटिंग-इतने में जहाज आ जाएँ

अमेरिका में लियोनार्दो दा विंची द्वारा बनाई ईसा मसीह की सदियों पुरानी पेंटिंग रेकॉर्ड 45 करोड़ डॉलर यानी तकरीबन 3 हजार करोड़ रुपये में नीलाम हुई है। इस पेंटिंग की नीलामी अभी तक दुनिया की सबसे महंगी नीलामी है। 19 मिनट चली तक चली नीलामी में इसके खरीदार ने टेलिफोन पर बोली लगाई। हालांकि, अभी तक खरीदार के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

पेंटिंग का नाम ‘सल्वातोर मुंडी’ है। इस पेंटिंग की नीलामी ने मई 2015 में पिकासो की पेंटिंग ‘विमिन ऑफ ऐल्जियर्स’ की नीलामी का रेकॉर्ड भी तोड़ दिया, जो 17.94 करोड़ डॉलर में नीलाम हुई थी। यह पेंटिंग खो गई थी लेकिन 500 साल पहले इसे फ्रांस के शाही परिवार को इसका अधिकार मिला था। इतना ही नहीं 1950 के दशक में इसे महज 45 पाउंड यानी लगभग 3900 रुपये में बेचा गया था। साल 2005 में इसे फिर 10 हजार डॉलर में नीलाम किया गया। इसके बाद इसी साल रूसी अरबपति ने इस पेंटिंग को 12.75 करोड़ डॉलर में खरीदा और अब इस पेंटिंग को क्रिस्टी नाम की संस्था ने 45 करोड़ डॉलर में नीलाम किया है।

इतने पैसों में क्या-क्या आ जाए!
3 हजार करोड़ में बिकने वाली लियोनार्दो की पेंटिंग ने कई रेकॉर्ड तोड़े हैं। इतनी बड़ी राशि से कोई शख्स विमान तक खरीद सकता है। यह कीमत एयरबस A380-800 की कीमत से भी ज्यादा है। एयरबस A380-800 43.26 करोड़ डॉलर में खरादा जा सकता है। इसके अलावा पैरिस सेंट फुटबॉल क्लब ने इस साल टॉप खिलाड़ी नेमार को 26.1 करोड़ डॉलर में खरीदा था। इस साल कोलंबिया में 9 नवंबर को 12 हजार किलोग्राम कोकीन जब्त की गई थी जिसकी कुल कीमत 36 करोड़ डॉलर थी। संयुक्त राष्ट्र ने 12 लाख रोहिंग्या मुस्लिमों की सहायता के लिए 43.4 करोड़ डॉलर की राशि मांगी थी।

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भाषा पुनर्जागरण काल के महान चित्रकार लियोनार्डो द विंसी की मानी जा रही 500 साल पुरानी एक पेंटिंग साल्वाटर मुंडी को एक नीलामी में यहां 45.03 करोड़ डॉलर में खरीदा गया। यह अब तक की सबसे महंगी बिकने वाली पेंटिंग बन गयी है। नीलामी करने वाली संस्था क्रिस्टी ने इसकी जानकारी दी।

इससे पहले सबसे महंगी पेंटिंग का कीर्तिमान पाब्लो पिकासो की द वीमेन ऑफ अल्जियर्स के नाम था। पिकासो की यह पेंटिंग 2015 में 17.94 करोड़ डॉलर में बिकी थी। इसकी भी नीलामी क्रिस्टी ने ही की थी।
क्रिस्टी ने बताया कि साल्वाटर मुंडी अर्थात सेवियर ऑफ द वर्ल्ड पेंटिंग में ईसा मसीह को चित्रित किया गया है। यह उन चुनिंदा 20 पेंटिंग में से है जिसे आम तौर पर विंसी की कृति के तौर पर स्वीकार किया जाता है।

विंसी की यह पेंटिंग करीब 1500 ई के पास की मानी जा रही है। इसे अमेरिका की एक क्षेत्रीय नीलामी में 2005 में पाया गया था। इसके बाद लंबे समय तक इसकी सत्यता प्रमाणित करने का शोध किया गया। सत्यता के दस्तावेजीकरण हो जाने के बाद इसे लंदन के द नेशनल गैलरी में 2011 में प्रदर्शित किया गया था।