“देश में खुला है पहला रोटी बैंक” गरीबों को देता है मुफ्त रोटी !

जी, हाँ सुनकर आपको हैरानी तो बहुत हुई होगी | आपने ब्लड बैंक, दूध बैंक और इसी तरह के अन्य कई बैंकों के बारे में सुना होगा लेकिन ये अपने आप में पहली तरह का एक अनूठा प्रयास है | महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित इस बैंक को रोटी बैंक के नाम से जाना जाता है | इस बैंक का मूूल उद्देश्य गरीबों को ताज़ी और मुफ्त रोटी उपलब्ध कराना है | रोटी के अलावा इस बैंक में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के पकवान भी मिलते हैं जिन्हे गरीबों को बिलकुल मुफ्त दिया जाता है |

इस बैंक की शुरुआत सबसे पहले ‘हारून मुक्ति इस्लामिक सेंटर’ के संस्थापक यूसुफ मुक्ति ने की थी | उन्होंने बताया कि जब वे अपने काम से लौटकर आते तब उनकी नज़र रोड में रह रहे गरीब लोगों पर पड़ती जिन्हे खाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता था | उन गरीब लोगों को खाने के लिए भीख मांगनी पड़ती थी या फेंके हुए खाने पर आश्रित रहना पड़ता था | तब यूसुफ जी ने रोटी बैंक की स्थापना करने की सोची | इस बैंक की स्थापना की सफलता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहले ही दिन इस बैंक में 240 से भी अधिक रोटियाँ लोगों ने दान की थीं |

5 दिसंबर को अपनी पत्नी कौसर और अपनी चार बहनों के साथ जब उन्होंने इस बैंक की स्थापना की | तब उन्होंने इस बैंक में और लोगों को जोड़ने की योजना बनाई | यदि आपको बैंक में रोटी देने वाला डिपॉज़िटर बनना है तो आपको एक साधारण सा फॉर्म भरना पड़ता है जिसमें सिर्फ एक शर्त रखी जाती है कि आप रोज अपने घर में बनाई गयी सब्जी का एक छोटा सा हिस्सा और 2 रोटियाँ इस बैंक में जरूर दान करेंगे |

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इसके अलावा इस रोटी बैंक ने कई वेडिंग प्लानर्स को अपने से जोड़ा है ताकि उनके द्वारा कराई गयी शादियों में बचा हुआ खाना बेकार ना जाये और गरीबों का पेट भी भर जाये | इसके साथ ही कुछ बड़े रेस्टोरेंट भी इस बैंक में अपने होटलों का बचा हुआ खाना देने के लिए तैयार हो गए हैं |

खाने की शुद्धता की जाँच के लिए हर खाना डिपॉज़िट करने वाले व्यक्ति को एक स्पेशल कैरी बैग दिया जाता है और हर कैरी बैग में मौजूद खाने को एक अलग कोड नंबर दिया जाता है | इससे खाने की शुद्धता और गुड़वत्ता का पता चलता है | खाने डिपॉज़िट करने और लेने का समय सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक का रहता है | इस रोटी बैंक में दो तरफ काउंटर रखे गए हैं एक तरफ खाना डिपॉज़िट करने वालों के लिए और दूसरी तरफ खाना लेने वालों के लिए | इस सुविधा से खाना देने और लेने वाले दोनों में से किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होती |