विज्ञानं की दुनिया में ये 6 ऐसे आईडिया जिनका मजाक बना लेकिन बाद में ये सफल हुए !

नेटफ्लिक्स को सब्सक्राइबर सर्विस

वर्ष 2000 में जब नेटफ्लिक्स को सब्सक्राइबर सर्विस शुरू किए सिर्फ 3 साल ही हुए थे और वो ऑनलाइन मीडिया में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था, उस समय ब्लॉकबस्टर जो कि एक प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क था, काफी लोकप्रिय हो चुका था। नेटफ्लिक्स के संस्थापक रीड हास्टिंग्स ने साझेदारी करने के उद्देश्य से ब्लॉकबस्टर के संस्थापक जॉन एंटीओको के समक्ष एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने ब्लॉकबस्टर को ऑनलाइन विडियो स्ट्रीमिंग की सेवा देने के लिए नेटफ्लिक्स को किराये के तौर पर इस्तेमाल करने को कहा। यहां तक कि रीड नेटफ्लिक्स को 50 मिलियन डॉलर में बेचने को भी तैयार हो गए थे। लेकिन जॉन एंटीओको को यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया और उन्होंने नेटफ्लिक्स का मज़ाक उड़ाते हुए उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। आज नेटफ्लिक्स की कीमत 70 अरब डॉलर है, जबकि ब्लॉकबस्टर सन 2010 में दिवालिया घोषित हो गई।

सेलफोन बाजार के विकास की भविष्यवाणी सटीक नहीं रही।

दुनिया की सबसे बड़ी टेलिकॉम AT&T कंपनी 80 के दशक में सेलफ़ोन बनाने के क्षेत्र में जाने का विचार कर रही थी। उस समय सिर्फ यह एक ही ऐसी कंपनी थी जो की अपना व्यवसाय बढ़ने के बारे में सोच रही थी। AT&T ने दुनिया के सबसे भरोसेमंद सलाहकार कंपनियों में से एक मैकेंजी को परामर्श देने के लिए चुना। वे चाहते थे कि मैकेंजी शोध करके यह आकलन लगाए की सन 2000 तक कितने लोग सेलफ़ोन का उपयोग करने लगेंगे? मैकेंजी ने टेलिकॉम बाजार का विश्लेषण किया और यह आकलन लगाया कि सन 2000 तक केवल 90 लाख लोग ही सेलफ़ोन का इस्तेमाल करेंगे जो बहुत कम है। इस संख्या से AT&T निराश नहीं हुई और सेलफ़ोन व्यवसाय में उतर गई। नतीजा यह हुआ की वर्ष 2000 तक सेलफ़ोन उपभोक्ताओं की संख्या करोड़ों को पार कर गई। आज की तारीख में सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी सेल फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं। यही कारण है कि आज AT&T दुनिया की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है|

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जब याहू के पास 1 मिलियन डॉलर में गूगल को खरीदने का मौका था।

गूगल, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी है, को सन 1998 में लैरी पेज और सर्जेई ब्रायन ने स्थापित किया था। उस समय याहू ही सबसे ज़्यादा उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन था। पेज और ब्रायन ने गूगल के पेजरैंक सिस्टम को बेचने की कोशिश की। कीमत थी 1 मिलियन डॉलर, लेकिन याहू ने यह कहते हुए प्रस्ताव को नकार दिया की यह सिस्टम किसी काम का नहीं है। गूगल का पेजरैंक सिस्टम यह निर्धारित करता है कि किस क्रम में विभिन्न वेबसाइट्स उसके सर्च रिजल्ट में दिखाई जाएंगी। यही कारण है जिसने गूगल को इतनी बड़ी सफलता दिलाई है। सन 2002 में याहू को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने गूगल को खरीदने के लिए 3 अरब डॉलर का प्रस्ताव रखा, लेकिन गूगल 5 अरब डॉलर चाहता था, जिस कारण फिर यह सौदा नहीं हो सका। आज गूगल का कुल मूल्य 600 अरब डॉलर है, जबकि हाल ही में याहू को वेरिज़ॉन ने मात्र 4.5 अरब डॉलर में खरीदा है।

अल्टरनेटिव करंट (एसी) को जब खतरनाक करार दे दिया गया।

सन 1892 में निकोला टेस्ला ने एसी जनरेटर का अविष्कार किया। उस समय एडिसन का डायरेक्ट करंट सिस्टम (डीसी सिस्टम) काफी प्रचलित था। प्रतिस्पर्धा के डर से एडिसन ने इस नए सिस्टम को बंद कराने की कोशिश की। उन्होंने अपने दोस्तों और सहकर्मियों को इस विचार को बढ़ावा देने के लिए कहा की एसी करंट बहुत खतरनाक है। एडिसन और उनके सहयोगियों ने व्यापक रूप से इस बात का प्रचार किया और एसी करंट को आवारा जानवरों की मृत्यु का कारण बताया। यह नकारात्मक प्रचार काफ़ी हद तक सफल भी हुआ। एडीसन ने लोगों को इसके खतरों से अवगत कराने के लिए सार्वजनिक प्रदर्शन भी आयोजित किए। यह वार ऑफ करंटस् के नाम से काफी प्रचलित हुआ।
हालांकि, सभी विरोधाभासों के बावजूद सन 1902 में टेस्ला का ऑल्टरनैटिव करंट सफल साबित हुआ, और आज हम अपने घरों में, उद्योगों में और हर दूसरी जगह इसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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जब फ़ेडेक्स को अव्यावहारिक करार दिया गया।

अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कूरियर कंपनी फ़ेडेक्स के संस्थापक फ्रेड स्मिथ के कॉलेज प्रोफ़ेसर ने उनके इस विचार को बकवास कहा था। फ्रेड ने जब अपने स्कूल पेपर में यह विचार प्रस्तावित किया कि एक ऐसी कूरियर सर्विस जो छोटी से छोटी वस्तु को भी दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने में सक्षम होगी, तब उनके प्रोफ़ेसर ने उनका मज़ाक उड़ाया और इस आईडिया को अव्यावहारिक कहा। यहां तक कि उन्होंने फ्रेड को सी (C) ग्रेड दिया। हालांकि, फ्रेड को अपने इस आईडिया पर बहुत भरोसा था। वह रात के समय में, जब हवाई अड्डों पर कम भीड़ होती थी, छोटे-छोटे सामान कूरियर करते थे। पहली रात उनकी कंपनी ने 186 पार्सल पहुंचाए थे। आज फ़ेडेक्स दुनिया की सबसे सफल कूरियर कंपनी में से एक है। 2017 में फार्च्यून की 500 कंपनियों की सूची में यह 58वें स्थान पर है। वर्ष 2016 में इसका वार्षिक राजस्व 50 अरब डॉलर से अधिक था।

हैरी पॉटर को 12 प्रकाशकों ने अस्वीकृत कर दिया था।

पहली हैरी पॉटर की किताब सन 1997 में प्रकाशित हुई थी। लगभग 20 साल बाद, आज भी यह किताब काफी लोकप्रिय है। हैरी पॉटर की सभी किताबों पर फ़िल्में बन चुकी है और इन फिल्मों ने इसकी लेखिका जे.के. रॉलिंग को अरबपति बना दिया। हालांकि, यह सफ़र इतना आसान भी नहीं था। कई प्रकाशकों को यह आईडिया पसंद नहीं आया और उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया था। हैरी पॉटर श्रृंखला की पहली किताब, हैरी पॉटर और पारस पत्थर की पांडुलिपि को 12 अलग-अलग प्रकाशकों ने खारिज कर दिया था| बाद में कहीं जाकर एक छोटे से प्रकाशन ब्लूम्सबरी ने इसे स्वीकारा। यहां तक कि रॉलिंग भी इस बात से इतनी निराश थी कि एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा “हर सामान्य मानक में मैं सबसे बड़ी नाकामयाब इंसान हूं।” आज की तारीख में हैरी पॉटर घर-घर में पहचाना जाता है।

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