13 साल की बच्ची ने अपना जीवन त्याग ,दिया 8 को नया जीवनदान!

13 साल की बच्ची जेमीना लेजेल मरने के बाद जो काम कर गई है, वह हर किसी के लिए एक मिसाल बन गई है। जी हां, 13 साल की बच्ची ने मरने के बाद अपने अंग दान करके 5 बच्चों सहित 8 लोगों को जीवनदान दिया है। यह अब तक का सबसे बड़ा अंगदान माना जा रहा है।

जेमीमा लेज़ेल का दिल, अग्न्याशय, फेफड़े, गुर्दे, छोटी आंत और लीवर दान कर दिए गए। लेज़ेल के अंगों का ट्रांसप्लांट, अलग-अलग लोगों के शरीर में किया गया जो सफल रहा। सफल ट्रांसप्लांट के साथ ही लेज़ेल एक ऐसी एकमात्र डोनर बन गई हैं, जिन्होंने एक साथ इतने लोगों की जान बचाई।

जेमीमा लेज़ेल की मृत्यु दिमाग की नस फ़टने से हुई थी। वो अपनी मां के 38वें जन्मदिन की पार्टी के लिए तैयारी कर रही थी कि अचानक दिमाग की नस फटने से लेज़ेल वहीं गिर गईं और चार दिन बाद बच्चों के ब्रिस्टल रॉयल अस्पताल में उनका निधन हो गया। लेज़ेल का दिल, छोटी आंत्र और अग्न्याशय को तीन अलग-अलग लोगों में प्रत्यारोपित किया गया, जबकि दो लोगों को उनके गुर्दे लगाए गए। उनके लीवर को विभाजित किया गया था और दो लोगों में ट्रांसप्लांट किया गया, और उसके दोनों फेफड़ों को एक रोगी में प्रत्यारोपित किया गया था।

लेज़ेल के माता स्फी लेज़ेल और पिता हार्वे लेजेल का कहना है कि वे जानते थे कि जेमीमा एक अंगदाता बनने के लिए तैयार थीं, क्योंकि उन्होंने अपनी मौत के कुछ सप्ताह पहले इसके बारे में बात की थी। उन दोनों के लिए ये फैसला लेना मुश्किल था कि वो अपनी बेटी के अंगों को दान करें और इसके लिए उन्हें बहुत तकलीफों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन फिर अपनी बेटी की इच्छा को मान देते हुए उन्होंने ये फैसला लिया

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