गरीब उतरी कोरिया ! परमाणु शक्ति के लिये कहाँ से लाता है इतना पैसा ?

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि घोड़ा घास खाना बंद कर सकता है, लेकिन उ. कोरिया अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोक सकता। उनकी यह बात सबूत है कि उत्तर कोरिया की सरकार अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कितना प्रतिबद्ध है। दुनियाभर के देश क्यों न उसके खिलाफ हो जाएं, लेकिन वो डिग नहीं सकता।

उत्तर कोरिया ने पिछले 20 सालों में अपनी परमाणु ताकत इस कदर बढा ली है कि उसकी ज़द में अमेरिका भी आ गया है। साल 2006 से लेकर यह देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लगातार प्रतिबन्ध झेल रहा है। अबकी बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया पर कुछ और प्रतिबन्ध लागाने की सोच रहा है, जिसमें उसे मिलने वाली तेल की सप्लाई पर रोक और किम जोंग की संपत्ति ज़ब्त करना शामिल है।

वर्ष 2016 में दक्षिण कोरिया ट्रेड प्रमोशन एजेंसी (कोटरा) द्वारा जारी एक रिपोर्ट की मानें तो दुनिया के लगभग 80 देश उत्तर कोरिया के साथ व्यापार करते हैं, जिनमें भारत, जर्मनी, सिंगापुर, फ्रांस, पुर्तगाल और फिलिपींस शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन है। वर्ष 2016 में उत्तर कोरिया के व्यापार का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा चीन के माध्यम से ही हुआ है। उत्तर कोरिया चीन में कोयला निर्यात के साथ-साथ टेक्सटाइल, लोहा व अन्य खनिज पदार्थों का निर्यात करता है। दूसरी तरफ, चीन उत्तर कोरिया को लगभग सभी प्रकार के उत्पाद भेजता है, जिसमें सिरेमिक, फल, प्रसारण उपकरण, कंप्यूटर, रिफ़ाइंड पेट्रोलियम और इलेक्ट्रिक मोटर्स आदि शामिल हैं। इसके साथ उत्तर कोरिया के साथ चीन का व्यापार 6 बिलियन डॉलर से ज़्यादा बताया गया है।
उत्तर कोरिया के साथ रूस का भी दो-तरफा व्यापार है जो सालाना 77 मिलियन डॉलर का होता है। हालांकि, यह रूस के वैश्विक व्यापार का मात्र एक प्रतिशत ही है। रूस फ्रोज़ेन मछलियां, पुरुषों के कपड़े और हवा के उपकरण उत्तर कोरिया से मंगवाता है, तो वहीं कोयले के ब्रिकेट्स, रिफाइंड तेल और गेहूं भेजता है।

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रूस के बाद भारत उत्तर कोरिया का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इन दोनों देश के बीच 59 मिलियन डॉलर का व्यापार होता है। भारत उत्तर कोरिया से चांदी, गाड़ियों का गियरबॉक्स, सल्फ़्यूरिक एसिड और टेलीफ़ोन जैसे उत्पाद आयात करता है और नारियल, बादाम, कपास और प्लासटिक उत्पाद निर्यात करता है।

कोटरा रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देशों के साथ उत्तर कोरिया के व्यापार कम हुए हैं। साल 2015-16 के बीच उत्तर कोरिया और सिंगापुर के बीच व्यापार में 90 प्रतिशत की ज़बरदस्त गिरावट दर्ज की गई। लैटिन अमेरिका के कोई भी देश उत्तर कोरिया के साथ व्यापार नहीं करते हैं। उधर, उत्तर कोरिया का फिलिपींस के साथ व्यापार 171 प्रतिशत बढ़ा है। साथ ही बताया गया कि मैक्सिको, पेरू, चिली, पराग्वे और ब्राज़ील के उत्तर कोरिया के साथ व्यापार जारी है।

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