पीएम नरेंद्र मोदी का ऐलान, म्यामां के नागरिकों को मुफ्त वीजा देगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (6 सितंबर) को घोषणा की कि भारत म्यामां के उन नागरिकों को मुफ्त वीजा प्रदान करेगा जो देश की यात्रा करना चाहते हैं. मोदी ने यह घोषणा म्यामां की स्टेट काउंसिलर आंग सान सू की के साथ यहां व्यापक वार्ता के बाद अपने संयुक्त मीडिया बयान में की. मोदी ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि हमने म्यामां के उन सभी नागरिकों को मुफ्त वीजा देने का निर्णय किया है जो भारत की यात्रा करना चाहते हैं.’’ उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत ने म्यामां के 40 नागरिकों को रिहा करने का निर्णय किया है जो वर्तमान समय में भारत की विभिन्न जेलों में बंद हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि वे जल्द ही म्यामां में अपने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर पाएंगे.’’ मोदी ने कहा कि म्यामां द्वारा चुनौतियों का सामना किये जाने के बीच भारत उसके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि भविष्य में हम परस्पर लाभ के लिए एक मजबूत एवं नजदीकी साझेदारी निर्मित करने के लिए काम करेंगे.’’

इससे पहले प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के दौरान मोदी ने कहा, ‘‘हम अपने सबका साथ सबका विकास पहल के तहत म्यामां को उसके विकास के प्रयासों में सहयोग करते रहेंगे.’’ उन्होंने कहा कि एक पड़ोसी के तौर पर और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के संदर्भ में म्यामां के साथ संबंध को गहरा करना भारत के लिए एक प्राथमिकता है.

भारत ने बुधवार (6 सितंबर) को कहा कि वह रखाइन प्रांत में अतिवादी हिंसा को लेकर म्यामां की चिंता को साझा करता है जहां से सवा लाख रोहिंग्या बांग्लादेश चले गये हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पक्षों से देश की एकता का सम्मान करने वाला समाधान तलाशने का आग्रह किया. मोदी ने यहां स्टेट काउंसिलर आंग सान सू की से व्यापक बातचीत की और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों की जमीनी और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और स्थिरता बनाये रखना महत्वपूर्ण है. दोनों नेताओं ने आतंकवाद से लड़ने और सुरक्षा सहयोग मजबूत करने का भी संकल्प लिया.

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मोदी की पहली द्विपक्षीय म्यामां यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नोबेल पुरस्कार विजेता सू की, की अगुवाई वाली म्यामां की सरकार सवा लाख रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रही है. रखाइन प्रांत में म्यामां की सेना द्वारा शुरू की गयी कार्रवाई के महज दो सप्ताह बाद ये सवा लाख रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश चले गये हैं.

वार्ता के बाद सू की के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा कि म्यामां के सामने आ रहीं समस्याओं को भारत समझता है. उन्होंने कहा कि भारत रखाइन प्रांत में अतिवादी हिंसा को लेकर म्यामां की चिंताओं को साझा करता है. वह खासतौर पर बेगुनाह लोगों और सैनिकों की जान जाने को लेकर भी दुख प्रकट करता है.

मोदी ने कहा, ‘‘जब बड़ी शांति प्रक्रिया की या किसी विशेष मुद्दे का समाधान तलाशने की बात आती है तो हम उम्मीद करते हैं कि सभी पक्ष एक समाधान की तलाश के लिए मिलकर काम कर सकते हैं जो मयामां की एकता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए सभी के लिए शांति, न्याय और सम्मान सुनिश्चित करता हो.’’ एक दिन पहले ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा था कि रोहिंग्या समुदाय के लोग अवैध प्रवासी हैं और उन्हें भारत से वापस भेजा जाएगा.

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