देश के ये 5 हत्याकांड जो चर्चित तो बहुत हुए लेकिन इन्साफ के लिये आज भी एक पेहली बने हुए है|

दुनिया में आए दिन न जाने कितनी मौतें होती रहती हैं. मरने के बाद कुछ लोग मीडिया की सुर्ख़ियां बन जाते हैं, तो कुछ सिर्फ़ कब्र में दफ़्न हो कर रह जाते हैं. ज़िंदगी कब, क्या रंग लाएगी, ये कोई नहीं जानता. यहां किसी ने मरने से पहले ख़ूब नाम कमाया, तो चर्चा का विषय बन कर रह गया. कुछ ऐसी भी मौते हैं, जिनकी ख़बरें तो ख़ूब बनाई गईं, लेकिन इंसाफ़ आज तक नहीं मिला. आइए नज़र डालते हैं, ऐसी मौतों पर जिन्हें आज भी इंसाफ़ की तलाश है.

1. प्रत्यूषा बनर्जी


बालिका वधू की ‘आनंदी’ बनकर प्रत्यूषा बनर्जी देश की चहेती बहू बन गई थी. सफ़लता प्रत्यूषा के कदम चूम रही थी और एक दिन अचानक प्रत्युषा की मौत की ख़बर आ जाती है. प्रत्यूषा की मौत हर किसी के लिए चौंका देनी वाली थी. सभी के मन में एक सवाल ही था कि इतनी छोटी सी उम्र में, जिस लड़की ने इतनी शौहरत हासिल कर ली हो, वो भला सुसाइड कैसे कर सकती है? सवाल कई हैं, लेकिन ठोस जबाव फिलहाल किसी के पास नहीं है.
टीवी एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी ने पिछले साल 1 अप्रैल 2016 को अपने फ़्लैट में फ़ांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था. गोरेगांव स्थित 2 BHK फ़्लैट में प्रत्यूषा का शव पंखे से लटका पाया गया था. इस फ़्लैट में प्रत्यूषा अपने Boyfriend के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थीं. मौत के बाद उनके पेरेंट्स और फ्रेंड्स ने आरोप लगाए थे कि राहुल ने प्रत्यूषा को प्यार में धोखा दिया था, जिसके चलते उन्होंने सुसाइड किया.
टीवी की चर्चित बहू प्रत्यूषा के मर्डर के जुर्म में प्रत्यूषा के Boyfriend को गिरफ़्तार भी किया गया था. फ़िलहाल राहुल ज़मानत पर बाहर है. प्रत्यूषा की मां सोमा ने सीबीआई जांच की मांग भी की थी, जिसे हाईकोर्ट द्वारा ठुकरा दिया गया था. मुंबई पुलिस प्रत्यूषा मर्डर केस की जांच कर रही है, लेकिन अब तक प्रत्यूषा का कातिल सलाख़ों के बाहर हैं. हंसती-मुस्कुराती प्रत्यूषा, तो दुनिया से चली गई और अपने पीछे छोड़ गई कई सारे सवाल, जिसका जवाब सिर्फ़ प्रत्यूषा के पास है. सबसे बड़ा सवाल कब मिलेगा प्रत्यूषा को इंसाफ़?

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2. जिया खान


3 जून, 2013 को बॉलीवुड अभिनेत्री जिया को उनके घर में पंखे से लटके हुए पाया गया. शुरुआती दौर में जिया की मौत को आत्महत्या का मामला बताया जा रहा था. लेकिन जिया खान की मां ने अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को जिया का कातिल बता कर, केस में नया मोड़ ला दिया. सूरज पंचोली को IPC की धारा-306 के तहत गिरफ़्तार भी किया गया था, लेकिन 21 दिन बाद उसे कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी. जिया की मां राबिया खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की थी, लेकिन इसी साल की शुरुआत में HC ने राबिया खान की इस याचिका को ख़ारिज कर दिया.रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मरने से कुछ महीने पहले जिया प्रग्नेंट हो गई थी. जिया के Boyfriend सूरज ने जिया को अबॉर्शन के लिए मेडिसिन खाने को दी थी. इस हादसे ने जिया को अंदर से पूरा तोड़ कर रख दिया था. इधर सूरज पंचोली बॉलीवुड में एंट्री करने के लिए बेकरार थे, इस वजह से सूरज ने जिया से दूरी बनाना सही समझा. वहीं जिया खान फ़िल्मी करियर भी ठीक नहीं चल रहा. प्यार और करियर दोनों में निराशा हाथ लगने के बाद, जिया खान डिप्रेशन का शिकार हो गई थी. आख़िरकार ज़िंदगी की सारी उलझनें जिया की मौत पर आकर ख़त्म हुई. जिया ने अभी तो अपनी ज़िंदगी का आगाज़ किया था, अंज़ाम ये होगा किसी ने सोचा न था. जिया की मौत ने मीडिया में ख़ूब सुर्ख़ियां बटोरी, लेकिन न्याय आज तक नहीं मिला.

3. दिव्या भारती


199,3 में मुंबई में वर्सोवा स्थित तुलसी अपार्टमेंट के 5वें फ्लोर से गिरकर एक्ट्रेस दिव्या भारती की मौत हुई थी. जब उन्होंने आखिरी सांस ली, तब उनकी उम्र महज़ 19 साल थी. दिव्या भारती ने ख़ुदकुशी की थी या फिर उनका मर्डर हुआ, इस पर से मुंबई पुलिस अभी तक कुछ साबित नहीं कर पाई. पुलिस के पास आज भी दिव्या भारती की मौत के ख़िलाफ़ कोई पुख़्ता सबूत नहीं है.
दिव्या भारती बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से एक थी, जिन्होंने काफ़ी कम उम्र में ही बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना ली थी.

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4. आरुषि तलवार

AARUSHI TALWAR MURDER
Snapshot of Aarushi Talwar in her younger and happier days.
Credit only: TORONTO STAR PHOTO

दुनिया की सबसे सनसनीखे़ज मर्डर मिस्ट्री में शामिल आरुषि-हेमराज हत्याकांड को 9 साल हो चुके हैं. आरुषि-हेमराज की हत्या नोएडा के जलवायु विहार के एल-32 फ़्लैट 15 मई 2008 की रात की गई थी. मामले में सनसनीखे़ज मोड़ उस वक़्त आया, जब CBI की क्लोज़र रिपोर्ट को सीबीआई कोर्ट ने राजेश और नूपुर के खिलाफ़ चार्जशीट में बदल दिया.
CBI की रिपोर्रट के मुताबिक, ‘वारदात की रात घर में सिर्फ़ चार लोग थे. आरुषि-हेमराज राजेश और नूपुर तलवार. इन चार में से दो की हत्या हो गई और दो बच गए. CBI ने कहा कि घर में कोई बाहरी शख़्स नहीं आया और ना ही उसके सबूत मिले हैं. इस आधार पर CBI ने तलवार दंपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने ही आरुषि-हेमराज की हत्या की और फिर घर से सबूत मिटाए.

वहीं आरुषि के माता-पिता राजेश और नूपुर तलवार ने CBI की सारी दलीलों को झूठा करार दिया है. CBI कोर्ट ने बाद में आरुषि के माता-पिता को दोषी करार देते हुए, आरुषि की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी. आज भी तलवार दंपत्ति ख़ुद को निर्दोष साबित करने के लिए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं. आरुषि हत्याकांड ने टीवी पर टीआरपी तो बहुत दी, लेन कुछ नहीं मिला, तो आरुषि को इंसाफ़.

5. भवंरी देवी

साल 2011 में सेक्स, सीडी और खूनी सियासत में सिमटा भंवरी देवी हत्याकांड सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहा था. एक नर्स ने कहा कि उसके पास एक सीडी है. ऐसी सीडी जिसमें एक कैबिनेट मंत्री और एक विधायक की गंदी करतूत कैद है. अगर ये सीडी बाहर आ गई, तो तीन दिन के अंदर ही राज्य की सरकार गिर जाएगी. लेकिन, ये क्या इससे पहले कि वह सीडी लीक होती ख़ुद नर्स ही गायब हो गई. जी हां, यह कहानी है भंवरी देवी की, जिसने राजस्थान के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया था. जिसके एक बयान ने तूफ़ान लाया, तो उसकी गायब होने की ख़बर पूरे देश में देखते ही देखते सुर्खी बन गई.

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भंवरी देवी की नौकरी जा चुकी थी. लेकिन उसकी ख़ूबसूरती के चर्चे जोधपुर से जयपुर तक होने लगे थे. वो नौकरी बचाने के लिए इलाके के विधायक मलखान सिंह के पास गई. मलखान सिंह उसे जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा के पास ले गए. फिर दोनों ने कलेक्टर से भंवरी देवी की सिफ़ारिश की और भंवरी देवी का निलंबन ना सिर्फ़ रद्द हुआ, बल्कि उसे नई पोस्टिंग अपने घर के और नज़दीक जालीवाड़ा के सरकारी अस्पताल में मिल गई. वक़्त के साथ-साथ भंवरी देवी, मलखान सिंह और महिपाल की करीबी हो गई. भंवरी ने अगस्त 2011 में अपनी कार बेची थी. उसी का बकाया चार लाख रुपये देने के लिए एक सितंबर को सोहनलाल नामक व्यक्ति ने भंवरी को फोन कर अपने घर बुलाया. भंवरी उसी दिन पैसे लेने के लिए अपने घर से निकली और फिर कभी घर नहीं लौटी

सीबीआई ने बाद में जो ख़ुलासा किया उसके मुताबिक, भंवरी के कत्ल की पहली कड़ी विधायक मलखान सिंह और दूसरी कड़ी पूर्व कैबिनेट मंत्री महिपाल मदेरणा था. भंवरी सीडी के जरिए मंत्री मदेरणा को ब्लैकमेल कर रही थी. उस सीडी में मंत्री आपत्तिजनक हालत में भंवरी देवी के साथ था. इस मर्डर केस से जुड़े सभी लोग मलखान और मधेरणा के लोग थे. बाद में महिपाल मदेरणा को ना सिर्फ़ मंत्रीपद से इस्तीफा देना पड़ा. बल्कि जेल भी जाना पड़ा. वही हाल मलखान सिंह का भी हुआ. अब यह केस एक बार फिर ज़िन्दा हो उठा है.

ये देश के बहुचर्चित हत्याकांड हैं. इनकी चर्चा राजनीति के गलियारों से बॉलीवुड तक हुई, लेकिन इनकी मौतें आज भी सभी के लिए एक पहेली बनी हुई है. सबसे बड़ा सवाल ‘आख़िर कब मिलेगा इन लोगों को इंसाफ़’.