भारत का ये बड़ा क्रिकेटर फिल्म अभिनेत्री को 4 साल तक भेजता रहा गुलाब |

मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर – क्रिकेट और बॉलीवुड का रिश्ता हमेशा से ही रहा है फिर चाहे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का ही रिश्ता क्यों ना हो।

लेकिन क्या आप जानते है विराट-अनुष्का से पहले भी बॉलीवुड और क्रिकेट के बीच प्रेम का रिश्ता रह चूका है। आज हम आपको बताने जा रहे है मशहूर क्रिकेटर नवाब मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर की लव स्टोरी के बारे में।
वैसे तो आज तक कई बॉलीवुड एक्ट्रेसेज के क्रिकेटरों से रिलेशन रहे है लेकिन मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर का अब तक बेस्ट रिलेशन रहा है।ये उस समय की बात है जब पटौदी भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बने ही थे और अब मोहब्बत की पारी खेलने के लिए पुरी तरह से तैयार थे।

ये बात 1967 की है, जब ‘एन इवनिंग इन पेरिस’ की एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने बिकिनी पहनकर देश में हल्ला मचा दिया था। उस समय क्रिकेट में टाइगर पटौदी और बॉलीवुड में शर्मिला टैगोर के नाम की धूम थी। दोनों की पहली मुलाकात दिल्ली में एक कॉमन फ्रेंड के जरिये हुई थी। हालाँकि दोनों बिलकुल ही अलग-अलग पेशे से होने के साथ-साथ दोनों के धर्म भी अलग थे।

लेकिन फिर भी इन दोनों की पहली मुलाकात में ही मोहब्बत का सिलसिला शुरू हो गया।

ये उनके रिलेशन का शुरूआती दौर था जब टाइगर पटौदी ने शर्मिला को एक गिफ्ट भेजा, जो कि एक रेफ्रीजरेटर था।

ये गिफ्ट बहुत ही अलग था क्योंकि मोहब्बत में फुल, चोकलेट और टेडीबियर देने का हमेशा से ही रिवाज रहा है। लेकिन रेफ्रीजरेटर देना अपने आप में काफी अजीब और अलग तो था ही लेकिन उस समय ये चीज़ बहुत ही महंगा भी हुआ करता था और लोगो के घरों में रेफ्रीजरेटर शान-ओ-शौकत की निशानी हुआ करता था। हालाँकि ये महंगा गिफ्ट भी शर्मिला को इम्प्रेस करने में नाकाम रहा। तब जाकर पटौदी ने वही तरीका अपनाया जो हर आशिक अपनी मोहब्बत को पाने के लिए अपनाता है। उन्होंने शर्मिला को गुलाब का फुल भेजना शुरू किया और ये सिलसिला एक-दो दिन नहीं बल्कि पुरे 4 साल तक चलता रहा, वे लगातार शर्मिला को गुलाब का फुल भेजते रहे। तब जाकर शर्मिला का दिल पिघला और वे मानी।हालाँकि शर्मिला टैगोर बंगाली हिन्दू परिवार से थी और मंसूर अली खान नवाबों के परिवार से थे तो दोनों के परिवार वाले नहीं चाहते थे कि इन दोनों की शादी हो।

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लेकिन दोनों के प्यार के आगे दोनों परिवार को झुकना ही पड़ा और 27 दिसम्बर 1969 में दोनों ने ब्याह रचा लिया।

मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर की शादी के वक्त लोगों ने कहा था कि देखना ये शादी ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ उनकी शादी सफल रही और ताउम्र दोनों ने एक-दूसरे से मोहब्बत की। हालाँकि 6 साल पहले 22 सितम्बर 2011 को बीमारी के चलते टाइगर पटौदी का निधन हो चूका है।

लेकिन मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर की प्रेम कहानी आज भी जिंदा है और जिसे बॉलीवुड और क्रिकेट की सबसे सफल प्रेम कहानी का तमगा भी हासिल है।