पोस्टमार्टम रूम के अन्दर की हकीकत जानकर उड़ जायेंगे आप के होश- बच्चे न पढ़े

आपने खबरो में कई जगहों पर सुना ही होगा कि उस व्यक्ति का पोस्टमार्टम किया गया इस व्यक्ति के पोस्टमार्टम की ये रिपोर्ट आयी और इसी तरह की कई खबरे देखने में आती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मुर्दाघर अन्दर से कैसे होते है और वहां के लोग कैसे जीते है? तो चलिए बताते है अहमदाबाद के मुर्दाघर के अंदर रहने वाले बाबु भाई से जिनके पापा और दादा भी यही काम करते थे, मुर्दाघर लाशो को पैक करके रखा जाता है और वक्त वक्त पर कीटनाशक छिडक कर वातावरण को कंट्रोल में लाया जाता है

बाबु भाई का कहना है कि उनके लिए ये बहुत ही भयावह काम है एक बार कई दिनों की सड़ी लाश उनके सामने लाई गयी जिसका पोस्टमार्टम करना था जिसे देखने के बाद उन्हें कई दिनों तक उल्टी होती रही और वो खाना तक नही खा पाए

वही अगला भयावहपन तब हुआ था जब एक बस हादसे में लाये गये 18 लोगो का पोस्टमार्टम एक साथ किया जाना था उन्हें देखकर के उन्हें बहुत ही बुरा तो फील होता था लेकिन वो कर भी क्या सकते थे ये जो भी थी उनकी मजबूरी ही थी वो बताते है कि इतनी सारी लाशो को एक साथ रखने कल लिए जगह ही नही थी इसलिए उन्हें यार्ड में ही रखा गया और वही पर उनका पोस्टमार्टम कर दिया गया

उन्हें ये काम खराब लगता है लेकिन करना पड़ता है क्योंकि किसी न किसी को तो ये काम करना ही पड़ता है इसी पर ही लाखो केसेज की नजरे टिकी होती है यही पोस्टमार्टम होते है जो कई लाखो करोड़ो लोगो को न्याय दिलवाने में मदद करते है और बाबू भाई कई सालो से इस काम को बड़ी शिद्दत के साथ कर रहे है और उन्होंने कभी भी इसमें कोताही बरतने की सोची तक नही है

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