बिना AC, Cooler, Fan घर का तापमान कम करें, लाखों रूपये का फार्मूला free में, video proof

हम सब एक शांत, सुखदायक और आराम दायक घर की इच्छा करते है। कोई भी हवा और रोशनदान का स्रोत ना होने के साथ  गर्म और आर्द्र घर में बैठना पसंद नहीं करता है। अक्सर गर्मी का मौसम आते ही हमारे पसीने छूटने लगते हैं, एक तरफ दिनभर बढ़ता हुआ तापमान तो दूसरी तरफ गर्म छत की वजह से होने वाली गर्मी हमें कमरे में भट्टी का अहसास करवाती है। लेकिन गर्मी पर किसी का जोर नहीं चलता । लाख पंखे कूलर चलने के बाद भी पूरी गर्मी बदहाली में गुजारनी पड़ती है।

पूरे दिन भर की धूप से घर की छत बुरी तरह से गर्म हो जाती है । नंगे पाँव चलना भी मुश्किल होता है। जब जब घर की औरतें छत्त पर कपडे सुखाने जाती है तो वो ये अहसास करती हैं की छत्त का तापमान 65-70 डिग्री तक पहुँच जाता है। हमरे इस तरीके से ये तापमान ३०-35 डिग्री रह जायेगा।  इसके लिए नीचे विडियो लिंक दिया हुआ है जरूर देखें।

 

लेकिन यहाँ हम आपको बताएँगे एक बहुत ही सस्ता और बढ़िया तरीका जिससे आप गर्मी में कमरे के अन्दर भी आराम से बैठ सकते हैं और दोपहर में नंगे पाँव छत्त पर भी टहल सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ 2-3 चीजों की जरूरत है और खर्चा सिर्फ 500-1000 रूपये तक। इसे Roof-Coating भी कहा जाता है। इस तरह के प्रोडक्ट्स आप बाजार में लेने जाएँ तो आपको 20 लीटर का घोल 4500-7000 रूपये से कम नहीं मिलेगा और बड़ी छत्त पर आपका खर्चा 25000-30000 से कम नहीं बैठेगा।

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चलिए हम बताते हैं कैसे होगा ये सब आपको नीचे लिखी चीजें लानी है और उन्हें मिलाना है।

  1. Lime Powder जो इंटीरियर में इस्तेमाल होता है। इसे हम चूना या कली भी कहते हैं। साधारण चूने की बजाए बढ़िया चूना इस्तेमाल करें । ये आपको 80-150 तक 10 kg की पैकिंग में मिल जायेगा।
  2. फेविकोल DDL, इसे आप चूने के साथ मिलाये ताकि चूना बारिश में भी बना रहे और जल्दी न उतरे।
  3. फ़िल्टर पानी लें 7-10 लीटर, ज्यादा पतला न करें। फ़िल्टर पानी न हो तो आप साधारण पीने का पानी डालें ।

अब सबसे पहले छत्त को अच्छी तरह से साफ़ करने के बाद उसे पानी से धो दें। धोने के बाद अब इस घोल को किसी ब्रश से छत्त पर 2-3 बार मारना है। जिसे हम 2-3 कोट कहते है। हर बार कोट मारते वक्त  पहले वाले कोट से 3-4 घंटे का अन्तराल रखें, या पहला कोट पूरी तरह सूखने के बाद दूसरा कोट फिर इसी तरह तीसरा कोट मारे।

इसकी मियाद कम से कम 1 साल है और ज्यादा 3-5 साल तक । ज्यादा बारिश और पानी से ये आपको इसे दोबारा करना पड़ेगा ।

बहुत से स्कूल, हॉस्पिटल्स इसी तरीके से इमारतों का तापमान कण्ट्रोल करते हैं।

तापमान में कितना फर्क आएगा आप अपनी आँखों से निचे दिए गए विडियो में देखिये।

 

अगर आपको पोस्ट के अंत में वीडियो ना दिखाई दे तो यहाँ क्लिक करें