युपी में ठाकुर और दलित परिवार ने मिल कर की दो दलित बेटियों की शादी- पुलिश ने किया कन्यादान

सहारनपुर हिंसा के बाद आयी बड़ी खुशखबरी, ठाकुरों ने दलित की बेटी का किया कन्यादान

सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में ठाकुर बनाम दलित जातीय संघर्ष अब शांत होने लगा है। गांव में हालात सामान्य हैं और इसका सबसे बड़ा उदाहरण शुक्रवार को इस गांव में हुई शादी में मिला। इसी गांव के रहने वाले दलित परिवार में शुक्रवार को दो-दो लड़कियों की शादी थी इन दोनों लड़कियों को बहाने शामली और गंगोह से बारात आई थी। प्रशासन की ओर से इन शादियों को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था लेकिन आपको यह जानकर अच्छा लगेगा कि गांव में बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में दोनों लड़कियों की शादी संपन्न हुई और इस शादी में सिर्फ दलित पक्षी नहीं बल्कि ठाकुर पक्ष के लोगों ने भी शिरकत की। खुद लड़की के पिता फकीर चंद ने बताया कि उनकी दोनों बेटियों की शादी शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हो गई है और उनकी बेटी की शादियों में ठाकुर पक्ष के भी 7 से 10 लोग शामिल हुए।

सहारनपुर के लिए नजीर बनी मनीषा और प्रीति की शादी

कबीरपुर गांव की रहने वाली प्रीति और मनीषा की शादी शुक्रवार को पूरे सहारनपुर के लिए नजीर बन गई। अभी तक सुर्ख़ियों में चल रही शब्बीरपुर गांव की खबरों में गांव में तनाव ही दिखाई दे रहा था लेकिन मनीषा और प्रीति की शादी में एक नजीर पेश की भाईचारे की। दलित परिवार की इन दोनों बेटियों की शादी में ठाकुर पक्ष के लोगों का आना और कन्यादान के साथ-साथ खाना भी खाना एक शुरुआत है शब्बीरपुर में हालात सामान्य होने की।

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ये कहा ठुकरों ने

हमने प्रीति और मनीषा के पिता से बात करने के बाद गांव के ठाकुर पक्ष के लोगों से भी बात की हमने उनसे बताया कि प्रीति के पिता ने हमें जानकारी दी है कि उनकी बेटी की शादी में ठाकुर पक्ष के कई लोगों ने शिरकत की और कन्यादान भी किया। इस पर गांव के ठाकुर पक्ष के लोगों ने यही कहा कि झगड़ा होने की वजह से हालात बदले हुए हैं और लोग जाने से कतरा रहे हैं वरना तो हमारे गांव की बेटी हमारी ही बेटी है और अगर यह झगड़ा ना होता तो आज ठाकुरों की ओर से फकीरचंद की बेटी की शादियों में हजारों रुपए कन्यादान ठाकुरों की ओर से ही जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जो ठाकुर पक्ष के लोग आज उस शादी में शामिल हुए और कन्यादान किया है। उन्होंने बेहद अच्छा किया और यह शुरुआत है और गांव के हालात अब सामान्य हो रहे हैं।

>ग्रामीण बोले हमें नहीं चाहिए राजनीति

राहुल गांधी शनिवार को सहारनपुर पहुंच रहे हैं। उन्होंने शब्बीरपुर गांव जाने की भी बात कही है, यह अलग बात है कि प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी है। गांव वाले आखिर क्या चाहते हैं यह जानने के लिए हम शब्बीरपुर गांव गए और हमने यहां दलित और ठाकुर दोनों पक्षों के लोगों से बात की। इस दौरान कुछ दलित पक्ष के लोगों ने यह जरूर कहा कि राहुल भी आ सकते हैं और उनको भी आकर देखना चाहिए कि गांव में हालात क्या हैं लेकिन दलित पक्ष के ही कुछ युवाओं ने साफ इंकार कर दिया कि हम अपने गांव में अब किसी भी राजनेता को राजनीति करने के लिए नहीं आने देना चाहते। गांव के हालात सामान्य हो रहे हैं हमारे गांव पर राजनीति न की जाए।

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यही कहना था ठाकुर पक्ष के लोगों का भी उन्होंने भी यह कहा कि हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती गांव में आई थी और उनके आने के बाद माहौल एक बार फिर से खराब हो गया था। अब वह नहीं चाहते कि गांव का माहौल खराब हो। ऐसे में जो लोग राजनीति करना चाहते हैं वह उनके गांव में ना आएं सिर्फ चेन और अमन की बात अगर कोई करता है तो उसका स्वागत है।

पुलिस ने भी किया कन्यादान

कबीरपुर गांव के फकीर चंद की दोनों बेटी प्रीति और मनीषा की शादी में पुलिस प्रशासन की ओर से भी कन्यादान किया गया, विदाई के समय दोनों दुल्हन की गाड़ियों को पुलिस सुरक्षा में गांव से भेजा गया।