इतिहास में किये गए 10 सबसे खतरनाक और क्रूर अत्याचार

इतिहास के 10 सबसे खतरनाक क्रूर अत्याचार

दुनिया भर में कई तरह के अत्याचार होने की खबरें सामने आती रहती हैं लेकिन ये आज की बात नहीं हैं ये प्राचीन काल से चला आ रहा है ! इतिहास के कई ऐसे अत्याचार हैं जिन्हें क्रूर अत्याचार कहना गलत नहीं होगा ! आज हम आपको इतिहास के उन सबसे दर्दनाक और क्रूर अत्याचारों के बारे में भी बताने जा रहे हैं जिन्हें अब तक के सबसे क्रूर अत्याचार माना जाता है !

1. द ब्राझेन बुल

ये अत्याचार ग्रीस में होता था. इस अत्याचार में एक बुल के आकार का चिन्ह बनाया जाता था, और व्यक्ति को उसके अंदर सुलाया जाता था. उसके निचे आग भड़काई जाती थी, और फिर उस आग से अत्याचार किया जाता था.

2. ग्यूलोटीने

ये अत्याचार फ्रान्स में 1700 के दशक में होता था. इसमे व्यक्ति का सिर धड़ से सिधे अलग किया जाता था. ये अत्याचार 1997 साल में बंद कर दिया गया.

3. आयरन मैडन

इसमे सुई जैसे बड़े हथियार होते हैं, और उसमे व्यक्ति को बिठाया जाता हैं. और फिर व्यक्ति को सुई से अत्याचार किया जाता हैं.

4. ब्रेस्ट को निकालना

महिलाओं पर भी हमेशा अत्याचार हुए हैं. एक अत्याचार ऐसा हैं जिसे सोचकर हमारे रोंगते खड़े हो जाते हैं. इस अत्याचार में महिलाओं के ब्रैस्ट को उनके शरीर से अलग किया जाता हैं.

5. सुई की कुर्सी पर बिठाया जाता हैं

इस अत्याचार में व्यक्ति को सुई की कुर्सी पर बिठाया जाता हैं, जिसमें व्यक्ति के पुरे शरिर पर सुई लग जाती हैं.

6. चूहे के जरिए अत्याचार

इस अत्याचार में व्यक्ति को नंगा करके बांधकर रखा जाता हैं, और उसपर चूहे छोड़े जाते हैं. इससे चूहा उस व्यक्ति का काफी बुरा हाल करता हैं.

7. रैक से हमला

इस अत्याचार में व्यक्ति को बांधकर रखा जाता हैं, और उसपर रैक से वार किया जाता हैं. जब तक व्यक्ति मरता नहीं तब तक उसपर वार किया जाता हैं.

8. इम्प्लामेंट

ये अत्याचार 1500 में रोमानिया में किया जाता था. इस अत्याचार में व्यक्ति को बांबू से बांधकर रखा जाता था, और वो बांबू धीरे धीरे व्यक्ति के शरीर में घूस जाता था, और व्यक्ति की 3 दिनों में मौत हो जाती थी.

9. क्रूसीफिक्शन

इस अत्याचार में व्यक्ति को क्रूस से बांध लिया जाता था, और धिरे धिरे वो व्यक्ति मर जाता था

10. व्यक्ति को काट दिया जाता था

इस अत्याचार में व्यक्ति को उलटा लटका के उसको काट दिया जाता था. और उस व्यक्ति का पूरा खुन उसके उपर से जाता था.

READ  13 साल की बच्ची ने अपना जीवन त्याग ,दिया 8 को नया जीवनदान!