जानिए 2017 में किस किस पर रहेगी शनि की द्रष्टि, और किस की चमकेगी किस्मत ?

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ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से संभावित भविष्य के बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है। आज हम आपको बता रहें शनि ग्रह के अनुसार, साल 2017 आपके लिए कैसा रहेगा? इस राशिफल के माध्यम से आप जान पाएंगे इस साल उसके साथ क्या अच्छा होगा या कहां कब आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है क्योंकि मनुष्यों को उनके अच्छे-बुरे कर्मों का दंड शनिदेव ही देते हैं। 26 जनवरी 2017 से शनि वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश रहेगा। वक्री होने के कारण 21 जून को पुन: वृश्चिक में आएगा फिर मार्गी होकर 26 अक्टूबर से धनु में प्रवेश करेगा। आगे जानिए साल 2017 में शनिदेव किस प्रकार आपकी राशि को प्रभावित करेंगे-

मेष राशि

साल 2017 की शुरूआत में शनिदेव आपकी राशि से आठवे स्थान पर रहेंगे। इस पर शनि की ढय्या का प्रभाव रहेगा। 26 जनवरी को शनि धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। पुन: वक्री होकर 21 जून को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, जहां 26 अक्टूबर तक रहेंगे। यह पूरा साल मेष राशि वालों के लिए काफी उठा-पटक व अस्थिरता वाला रहेगा। स्वास्थ्य तो ठीक रहेगा, लेकिन नौकरी व बिजनेस में आपको इस साल बहुत मेहनत करनी पड़ेगा। परिवार के लोग व दोस्त हर मुश्किल में आपके साथ रहेंगे। 21 जून से 26 अक्टूबर के बीच परिवार के किसी बुजुर्ग का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। बिजनेस में कुछ गलत निर्णय ले सकते हैं, जिसके कारण धन हानि के योग बन सकते हैं। दुश्मन आप पर हावी हो सकते हैं। कोई झूठा आरोप भी आप पर लग सकता है। पैसों की समस्या इस साल बनी रहेगी। मेहनत के बाद भी संतोषजनक परिणाम नहीं मिल पाएंगे।

उपाय :

1.सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न (नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।
2. शनि यंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्तम है।
3. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं। ये है शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ऊं प्रां प्रीं स: श्नैश्चराय नम:
4. शनिवार को व्रत रखें। चींटियों को आटा डालें।
5. जूते, काले कपड़े, मोटा अनाज व लोहे के बर्तन दान करें।

वृषभ राशि

26 जनवरी 2017 से वृषभ राशि वालों पर शनि की ढय्या लगेगी। इस साल शारीरिक समस्याएं जैसे- पेट दर्द, सिर दर्द, शुगर व हार्ट से संबंधित बीमारियां बार-बार परेशान करेंगी। बनते हुए काम में बार-बार रूकावटें आएंगी। बिजनेस में भी हालात ठीक नहीं रहेंगे। आप अगर अपना काम बढ़ाने की सोच रहें हैं तो ये समय ठीक नहीं है। अगर आप नौकरीपेशा है तो इच्छा के विरुद्ध आपका तबादला हो सकता है।

बॉस आपके काम से नाराज रहेंगे। 21 जून से 26 अक्टूबर के बीच कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। घर-परिवार में भी छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन सकती है। भाइयों में संपत्ति को लेकर कहासुनी हो सकती है। इस साल बच्चों की पढ़ाई, करियर या विवाह से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय आप ले सकते हैं। नौकरी में टारगेट का लेकर परेशान रहेंगे। पैसों को लेकर किसी अजनबी पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।

उपाय-

1. शनिवार को काले घोड़े की नाल या समुद्री नाव की कील से लोहे की अंगूठी बनवाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार से शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23000 जाप करें। शनिवार की शाम को इसे धारण करें।

2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुली) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा, भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है।

3. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं।
मंत्र- ऊँ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।

मिथुन राशि –

साल 2017 में शनिदेव आपकी राशि से छठे व सातवे स्थान पर रहेंगे। शनि की यह गति आपके लिए फायदेमंद रहेगी। धन प्राप्ति के योग बनेंगे। खर्च भी ज्यादा होगा। घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। परिवार व मित्रों से पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा। 6 अप्रैल से 25 अगस्त के बीच शनि के वक्रीय होने के कारण आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पति-पत्नी के बीच तनाव हो सकता है।

घर के किसी बुजुर्ग सदस्य की तबीयत खराब हो सकती है। संतान को लेकर चिंता रहेगी। 25 अगस्त के बाद शनि मार्गी होकर करियर व बिजनेस को सही दिशा देंगे। किसी जरूरतमंद दोस्त की मदद करेंगे। इस साल परिवार में कोई मांगलिक आयोजन हो सकता है। वाहन, भूमि आदि की खरीदी के योग भी इस साल बन रहे हैं। शेयर, सट्‌टा आदि से बचकर रहें अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रेम-प्रसंगों से भी बचें।

उपाय –

1.शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
2. बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल अपने पास रखें।
3. शनिदेव के सामने खड़े रहकर दर्शन न करें, एक ओर खड़े रहकर दर्शन करें जिससे की शनिदेव की दृष्टि सीधे आप पर नहीं पड़े।
4. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न (नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।

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कर्क राशि

साल 2017 की शुरूआत में शनिदेव आपकी राशि से पांचवे स्थान पर रहेंगे। 26 जनवरी से धनु राशि में प्रवेश करते ही इस राशि के लिए शनि छठे भाव में रहेगा। शनि की यह स्थिति मध्यम फल देने वाली रहेगी। शनि के कारण जहां आर्थिक पक्ष मजबूत होगा, वहीं संतान व परिवार की ओर से परेशानी हो सकती है। बिजनेस बढ़ाने की योजना पर काम होगा। पुराना रूका हुआ धन भी इस साल आपको मिल सकता है।

हेल्थ में इस साल थोड़ा सुधार रहेगा। कोर्ट केस में स्थिति पक्ष में नहीं रहेगी। पति-पत्नी में थोड़ी अनबन रह सकती है। कोई पुराना काम मेहनत करने से इस साल हो जाएगा। संतान पक्ष से जुड़ी समस्याएं किसी की मदद से हल होने की उम्मीद है। दुश्मन आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे। प्रेम संबंधों में सावधानी रखें तो बेहतर रहेगा। आपके किसी खास व्यक्ति के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

उपाय –

1. प्रत्येक शनिवार को शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्योदय से पहले स्नान आदि करने के बाद सरसों के तेल का दीपक लगाएं और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें।
2. काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को अभिमंत्रित करवा कर शनिवार को श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के शुभ मुहूर्त में धारण करने से भी शनि संबंधी सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
3. शनिवार को इन 10 नामों से शनिदेव का पूजन करें-
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
अर्थात: 1- कोणस्थ, 2- पिंगल, 3- बभ्रु, 4- कृष्ण, 5- रौद्रान्तक, 6- यम, 7, सौरि, 8- शनैश्चर, 9- मंद व 10- पिप्पलाद। इन दस नामों से शनिदेव का स्मरण करने से सभी शनि दोष दूर हो जाते हैं।

सिंह राशि –

साल 2017 इस राशि वालों के लिए उम्मीदों से भरा होगा। इस वर्ष शनि की ढय्या का अल्पकालिक प्रभाव इस राशि पर रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी। अगर कोई पारिवारिक विवाद चला रहा है तो उसका निपटारा भी इस साल हो सकता है। इस साल अचल संपत्ति जैसे- मकान, प्लॉट या फ्लैट खरीदने के योग बन रहे हैं। रुपयों के लेन-देन में किसी पर भरोसा न करें तो बेहतर रहेगा। पुराना रूका हुआ पैसा भी इस साल मिल सकता है। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो अधिकारी वर्ग आपके काम से खुश रहेगा। 21 जून से 26 अक्टूबर के बीच शनि के वक्रीय होने से थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। स्टूडेंट्स के लिए ये साल अच्छा रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें, नहीं तो बना-बनाया काम बिगड़ सकता है। इस साल आपके निजी व ऑफिस के टारगेट पूरे होने के योग बन रहे हैं।

उपाय –

1. काली गाय की सेवा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। उसके शीश पर रोली लगाकर सींगों में कलावा बांधकर धूप-आरती करनी चाहिए। फिर परिक्रमा करके गाय को बूंदी के चार लड्डू खिला दें।
2. हर शनिवार उपवास रखें। सूर्यास्त के बाद हनुमानजी का पूजन करें। पूजन में सिंदूर, काली तिल्ली का तेल, इस तेल का दीपक एवं नीले रंग के फूल का प्रयोग करें।
3. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न(नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।
4. जूते, काले कपड़े, मोटा अनाज व लोहे के बर्तन दान करें।

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कन्या राशि

इस राशि वालों के लिए साल 2017 चुनौतियों से भरा रहेगा। छोटे-छोटे कामों को पूरा करने के लिए भी पूरी कोशिश करनी पड़ेगी। इस साल बिजनेस, नौकरी व निजी जीवन सभी क्षेत्रों में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साल 2017 में इस राशि पर अंशकालिक ढय्या का प्रभाव रहेगा। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपसे कोई बड़ी भूल हो सकती है, जिससे बॉस आपसे नाराज हो सकते हैं।
हर काम बहुत ही सोच-समझकर करें। बिजनेस बढ़ाने की योजना सफल तो हो जाएगी, लेकिन इसका कोई खास फायदा अभी नहीं होगा। भविष्य में इसका अच्छा रिटर्न मिल सकता है। पैसा आएगा, लेकिन खर्च भी हो जाएगा। बैंक बेलेंस में कोई खास इजाफा नहीं होगा। बिजनेस पार्टनर की हरकतों पर नजर जरूर रखें। कोई अपना आपको धोखा दे सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं। बिजनेस के लिए किसी से उधार लेना पड़ सकता है।

उपाय –

1. शनिवार को बंदरों और काले कुत्तों को लड्डू खिलाने से भी शनि का कुप्रभाव कम हो जाता है अथवा काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बना छल्ला धारण करें।
2. शुक्रवार की रात काले चने पानी में भिगो दे। शनिवार को ये चने, कच्चा कोयला, हल्की लोहे की पत्ती एक काले कपड़े में बांधकर मछलियों के तालाब में डाल दें। यह टोटका पूरा एक साल करें। इस दौरान भूल से भी मछली का सेवन न करें।
3. किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23000 जाप करें या करवाएं। ये है शनि का तंत्रोक्त मंत्र-
ऊँ प्रां प्रीं स: श्नैश्चराय नम:
4. शनिवार को व्रत रखें। चींटियों को आटा डालें।

तुला राशि

साल 2017 की शुरूआत में तुला राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण रहेगा। 26 जनवरी से 21 जून के बीच यह साढ़ेसाती उतर भी जाएगी। यह साल इस राशि वालों के लिए मिश्रित फल देने वाला रहेगा। इस साल स्वास्थ्य तो ठीक रहेगा, लेकिन पैसों को लेकर काफी उठा-पटक करनी पड़ सकती है। आप पैसा कमाने के लिए काफी प्रयास करेंगे, लेकिन पॉजीटिव रिजल्ट आने में संदेह है। काम का दबाव ज्यादा रहेगा। नौकरी में जो टारगेट मिले हैं, उन्हें पूरे करने में संदेह है। परिवार के किसी सदस्य को लेकर चिंता रहेगी, उस चिंता का समाधान 26 जनवरी से 21 जून के बीच हो सकता है। इसी दौरान स्वास्थ्य को लेकर समस्याएं भी सामने आएंगी। नौकरी में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लाइफ पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा। बिजनेस में पार्टनर व कर्मचारियों पर पूरी नजर रखें। जितना पैसा आएगा, उतना खर्च हो जाएगा।

उपाय –

1.शनिवार को सवा-सवा किलो काले चने अलग-अलग तीन बर्तनों में भिगो दें। इसके बाद नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर शनिदेव का पूजन करें और चनों को सरसों के तेल में छौंक कर इनका भोग शनिदेव को लगाएं और अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें।
इसके बाद पहला सवा किलो चना भैंसे को खिला दें। दूसरा सवा किलो चना कुष्ट रोगियों में बांट दें और तीसरा सवा किलो चना अपने ऊपर से उतारकर किसी सुनसान स्थान पर रख आएं। इस टोटके को करने से शनिदेव के प्रकोप में अवश्य कमी होगी।
2. सवा किलो काला कोयला, एक लोहे की कील एक काले कपड़े में बांधकर अपने सिर पर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

वृश्चिक राशि –

साल 2017 में पूरे समय इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। 26 जनवरी तक शनि आपकी राशि में रहेंगे, इसके बाद दूसरे स्थान पर रहकर फल देंगे। यह साल आपके लिए कुछ खास नहीं रहेगा। हेल्थ प्रॉब्लम्स के कारण बिजनेस पर भी फोकस नहीं कर पाएंगे, इससे नुकसान होने की संभावना है। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो किसी लापरवाही के कारण बॉस की डांट-फटकार सुनने को मिल सकती है। बिजनेस में भी कड़ी चुनौती मिलेगी। इस कठिन समय में परिवार के लोग आपका पूरा-पूरा साथ देंगे। 6 अप्रैल से 25 अगस्त तक शनि के वक्र काल में आप पर कोई मुसीबत आ सकती है। पैसों को लेकर किसी पर भरोसा न करें तो बेहतर रहेगा। स्टूडेंट्स को उनकी मेहनत का फल मिलेगा। बिजनेस के लिए किसी से उधार लेने की स्थिति बन सकती है। यात्रा पर खर्च होने के योग बन रहे हैं। अजनबी पर भरोसा न करें।

उपाय –

1. शनिवार को शनि यंत्र की स्थापना व पूजन करें। इसके बाद प्रतिदिन इस यंत्र की विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। प्रतिदिन यंत्र के सामने सरसों के तेल का दीप जलाएं। नीला या काला पुष्प चढ़ाएं ऐसा करने से लाभ होगा।
2. शनिवार या शनि जयंती को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठ जाएं। सामने शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें व उसकी पंचोपचार से विधिवत पूजन करें। इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे किसी एक मंत्र की कम से कम पांच माला जाप करें तथा शनिदेव से सुख-संपत्ति के लिए प्रार्थना करें। यदि प्रत्येक शनिवार को इस मंत्र का इसी विधि से जप करेंगे तो शीघ्र लाभ होगा।

वैदिक मंत्र- ऊँ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।

धनु राशि –

इस राशि पर पूरे साल शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, जिसके कारण इन्हें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हेल्थ को लेकर समस्याएं तो रहेंगी साथ ही बिजनेस में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। निजी व बिजनेस के टारगेट पूरे नहीं होंगे। 26 जनवरी से 21 जून के बीच शनि आपकी राशि में रहेंगे। स्टूडेंट्स के लिए भी यह समय ठीक नहीं कहा जा सकता। मेहनत के मुताबिक परिणाम नहीं मिलेंगे। बिजनेस को लेकर जो भी निर्णय लें, काफी सोच-समझकर लें। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। परिवार के लोग हर मुश्किल समय में आपका साथ देंगे। पैसों की तंगी पूरे साल बनी रहेगी। बिजनेस का कोई राज आपके दुश्मनों का पता लग सकता है, इसलिए अपने कर्मचारियों पर नजर रखें। 26 अक्टूबर के बाद की स्थिति और भी विकट हो सकती है। प्रेम संबंधों के कारण आप अपने लक्ष्यों से भटक सकते हैं।

उपाय –

1. शनिवार को किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि दोष की शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना करें। बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाएं।
2. शनिवार को 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें और शनिदेव से जीवन को सुखमय बनाने के लिए प्रार्थना करें।
3. प्रत्येक शनिवार को शाम के समय बड़ (बरगद) और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्योदय से पहले स्नान आदि करने के बाद सरसों के तेल का दीपक लगाएं और दूध एवं धूप आदि अर्पित करें।
4. सवा पांच रत्ती का नीलम या उपरत्न(नीली) सोना, चांदी या तांबे की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर धारण करें।

मकर राशि –

साल 2017 में इस राशि पर अंशकालिक रूप से शनि की ढय्या का प्रभाव रहेगा। 26 जनवरी से 21 जून तक व 26 अक्टूबर से साल भर तक शनि आपकी राशि से बारहवें स्थान पर रहेगा। व्यर्थ की यात्राओं पर जाना पड़ सकता है। बिजनेस में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। शनि के प्रभाव से साल भर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहेंगी। बिजनेस बढ़ाने की योजना है तो ये समय ठीक नही हैं क्योंकि मेहनत का फल नहीं मिल पाएगा।

नौकरी में प्रमोशन के चांस बन सकते हैं। आपकी योग्यता से सफलता मिलेगी। परिवार वालों व दोस्तों का पूरा-पूरा साथ मिलेगा। नया घर खरीदने का मन बन सकता है। आपके दुश्मन आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, संभलकर रहें। इस साल आपके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है। पेट से संबंधित रोग होने की संभावना है।

उपाय –

1. शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लेकर आएं। शनिवार को श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती को किसी योग्य विद्वान से अभिमंत्रित करवा कर काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। शनिदेव प्रसन्न होंगे तथा शनि के कारण जितनी भी समस्याएं हैं, उनका निदान होगा।
2. काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को अभिमंत्रित करवा कर शनिवार को श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के शुभ मुहूर्त में धारण करने से भी शनि संबंधी सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
3. शनिवार को इन 10 नामों से शनिदेव का पूजन करें-
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
अर्थात: 1- कोणस्थ, 2- पिंगल, 3- बभ्रु, 4- कृष्ण, 5- रौद्रान्तक, 6- यम, 7, सौरि, 8- शनैश्चर, 9- मंद व 10- पिप्पलाद। इन दस नामों से शनिदेव का स्मरण करने से सभी शनि दोष दूर हो जाते हैं।

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कुंभ राशि –

इस राशि वालों के लिए साल 2017 बहुत ही शानदार रहेगा। इस साल शनि गोचरवश आपकी राशि से दसवे व ग्यारहवे स्थान पर रहेगा। हेल्थ प्रॉब्लम्स खत्म होंगी, साथ ही आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर बनेगी। पुरानी समस्याओं का निदान इस साल होने के योग बन रहे हैं। 6 अप्रैल से 25 अगस्त के बीच शनि वक्री रहेगा, इस दौरान छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान बिजनेस में भी सावधानी रखें। शनि के वक्र काल में नौकरीपेशा लोग संभलकर काम करें। इस साल इनकम के और भी सोर्स बनेंगे। परिवार व दोस्तों के सहयोग से तरक्की मिलेगी। पुराने विवाद इस साल समाप्त हो सकते हैं। प्रतियोगियों को पीछे छोड़ देंगे। परिवार में कोई शुभ प्रसंग आ सकता है। यात्राओं से पैसा व नाम दोनों मिलेंगे। बिजनेस बढ़ाने की योजना पर इस साल काम हो सकता है।

उपाय –

1.शनिवार को बंदरों और काले कुत्तों को लड्डू खिलाने से भी शनि का कुप्रभाव कम हो जाता है अथवा काले घोड़े की नाल या नाव में लगी कील से बना छल्ला धारण करें।
2. शनि यंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्तम है।
3. बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल अपने पास रखें।
4. शनिदेव के सामने खड़े रहकर दर्शन न करें, एक ओर खड़े रहकर दर्शन करें, जिससे की शनिदेव की दृष्टि सीधे आप पर नहीं पड़े।
5. शनिवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। चोले में सरसों या चमेली के तेल का उपयोग करें और इन तेलों से ही दीपक भी जलाएं।

मीन राशि –

साल 2017 में शनि आपकी राशि से नौवे व दसवे स्थान पर रहेंगे। शनि की यह स्थिति आपके करियर के लिए अच्छी साबित होगी। इनकम ऑफ सोर्स इस साल बढ़ सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी। बिजनेस में सफलता के पूरे-पूरे योग बन रहे हैं। नौकरी में बॉस आपके काम से खुश रहेंगे, प्रमोशन भी मिल सकता है। दोस्तों व सहयोगियों से पैसों का लेन-देन करना पड़ सकता है। विद्यार्थियों के लिए ये समय अच्छा रहेगा।

आपके विरोधी लाख कोशिश के बाद भी आपका बुरा नहीं कर पाएंगे। बिजनेस में किसी अनुभवी का सलाह आपके काम आएगी। 6 अप्रैल से 25 अगस्त के बीच शनि की वक्र स्थिति में पैसों के लेन-देन को लेकर सावधानी रखें। अजनबी लोगों पर भरोसा न करें। कोई अपना ही आपको धोखा दे सकता है। सरकारी मामलों में किसी विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही कोई निर्णय लें।

उपाय –

1. चोकरयुक्त आटे की 2 रोटी लेकर एक पर तेल और दूसरी पर घी दें। घी वाली रोटी पर थोड़ा मिष्ठान रखकर काली गाय को खिला दें तथा दूसरी रोटी काले कुत्ते को खिला दें और शनिदेव का स्मरण करें।
2. शनिवार को एक कांसे की कटोरी में तिल का तेल भर कर उसमें अपना मुख देख कर और काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, फल, काला कोयला और लोहे की कील रख कर डाकोत(शनि का दान लेने वाला) को दान कर दें।
3. शनिवार को किसी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि दोष की शांति के लिए हनुमानजी से प्रार्थना करें। बूंदी के लड्डू का भोग भी लगाएं।
4. शनिवार को 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें और शनिदेव से जीवन को सुखमय बनाने के लिए प्रार्थना करें।

नोट: यह रशिफल अपने परिजनों के साथ शेयर जरुर करें.

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